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राजस्थान सियासी संकटः जयपुर से जैसलमेर गए गहलोत खेमे के विधायक, कुल 97 जाएंगे, 55 को आज किया शिफ्ट

By धीरेंद्र जैन | Updated: July 31, 2020 20:20 IST

सभी विधायक बकरीद, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी आदि त्योहार होटल में ही मनाएंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 102 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। 14 अगस्त को विधानसभा सत्र शुरू होने तक सभी विधायक जैसलमेर में ही रहेंगे।

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ठळक मुद्देगहलोत खेमे के इन विधायकों की पिछले 18 दिनों से जयपुर के फेयरमोंट होटल में बाड़ेबंदी जारी थी और अब इन्हें जैसलमेर शिफ्ट किया गया है। जानकारी के अनुसार 97 विधायकों को यहां शिफ्ट किया जाना है और इनमें से 55 विधायकों को आज शिफ्ट कर दिया गया है।जयपुर एयरपोर्ट से तीन विमानों से 55 विधायक जैसलमेर के लिए रवाना हुए। पहले में 38, दूसरे में 10 और तीसरे में 7 विधायक रवाना हुए।

जयपुरः राजस्थान के पिछले 22 दिनों से जारी सियासी घमासान के बीच, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे के विधायकों को हाॅर्स ट्रेडिंग के भय के चलते चार्टर प्लेन के द्वारा जयपुर से जैसलमेर के पांच सितारा होटल सूर्यगढ़ में शिफ्ट किया गया। जानकारी के अनुसार 97 विधायकों को यहां शिफ्ट किया जाना है और इनमें से 55 विधायकों को आज शिफ्ट कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि गहलोत खेमे के इन विधायकों की पिछले 18 दिनों से जयपुर के फेयरमोंट होटल में बाड़ेबंदी जारी थी और अब इन्हें जैसलमेर शिफ्ट किया गया है। सभी विधायक बकरीद, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी आदि त्योहार होटल में ही मनाएंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 102 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। 14 अगस्त को विधानसभा सत्र शुरू होने तक सभी विधायक जैसलमेर में ही रहेंगे।  आज यहां जयपुर एयरपोर्ट से तीन विमानों से 55 विधायक जैसलमेर के लिए रवाना हुए। पहले में 38, दूसरे में 10 और तीसरे में 7 विधायक रवाना हुए। जबकि मुख्यमत्री अशोक गहलोत सहित कुछ मंत्री जयपुर में रहकर प्रशासनिक कार्य देखेंगे। इसके चलते वहां 97 विधायक ही जाएंगे।

माना जा रहा है कि जैसलमेर का सूर्यगढ़ होटल जो किसी प्राचीन किले सा दिखता है उसके एक ही प्रवेश द्वार होने से सुरक्षा प्रबन्ध बेहतर हो सकते है, इसी कारण इस होटल का विधायकों के ठहरने के लिए चयन किया गया है। जैसलमेर में सम रोड पर स्थित होटल सूर्यगढ़ किसी प्राचीन किले जैसा दिखता है। इसमें एक ही मेन गेट है, इसलिए इसमें किसी बाहरी व्यक्ति को आसानी से प्रवेश नहीं मिल पाता। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस होटल को चुना गया।

उधर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने बाड़ेबंदी के स्थान परिवर्तन को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा - ‘ सब एक हैं, कोई खतरा नहीं है, लोकतंत्र है, सब ठीक है तो बाड़ाबंदी क्यूँ, और बिकाऊ कौन है? उनके नाम सार्वजनिक करो, बाड़े में भी अविश्वास!! हकीकत से कब तक दूर भागेंगे जादूगर गहलोत जी, यदि सरकार को कोई खतरा नहीं है तो विधायकों को कैद क्यों किया जा रहा है?

टॅग्स :राजस्थानअशोक गहलोतकांग्रेसभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)सचिन पायलटजयपुर
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