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प्रणब मुखर्जीः नहीं रहे संकटमोचक, चला गया कांग्रेस का मार्गदर्शक

By शीलेष शर्मा | Updated: August 31, 2020 20:45 IST

कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, " मेरे पिता ने अपना जीवन देश की सेवा में लगा दिया , मुझे गर्व है कि  मैं ऐसे पिता की पुत्री हूँ। " 

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ठळक मुद्देइंदिरा गाँधी से लेकर सोनिया गाँधी तक कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहने वाले प्रणब मुखर्जी ने पार्टी को अनेक अवसरों पर संकटों से उबारने का काम किया।भारी दुःख के साथ देश को यह दुर्भाग्य पूर्ण समाचार मिला कि  प्रणब मुखर्जी हमारे बीच नहीं रहे।  मैं समूचे देश वासियों के साथ उनको श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ , मेरी हार्दिक संवेदनाएं उनके परिवार और उनके मित्रों के साथ हैं।

नई दिल्लीः 1935 में जन्मे प्रणब मुखर्जी के निधन के साथ ही कांग्रेस की राजनीति में एक युग की समाप्ति हो गयी। इंदिरा गाँधी से लेकर सोनिया गाँधी तक कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहने वाले प्रणब मुखर्जी ने पार्टी को अनेक अवसरों पर संकटों से उबारने का काम किया।

वे कांग्रेस की नेतृत्व वाली सरकारों महत्वपूर्ण पदों पर रहे तथा अपनी राजनीतिक पारी के अंतिम चरण में उन्होंने देश के राष्ट्रपति का पद सम्भाला। जैसे ही आज शाम उनके निधन का समाचार  पुत्री और कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, " मेरे पिता ने अपना जीवन देश की सेवा में लगा दिया , मुझे गर्व है कि  मैं ऐसे पिता की पुत्री हूँ। " 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने दादा के निधन पर तिपादि की " भारी दुःख के साथ देश को यह दुर्भाग्य पूर्ण समाचार मिला कि  प्रणब मुखर्जी हमारे बीच नहीं रहे।  मैं समूचे देश वासियों के साथ उनको श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ , मेरी हार्दिक संवेदनाएं उनके परिवार और उनके मित्रों के साथ हैं।  "

प्रणब दा  के पुत्र अभिजीत मुखर्जी  ने ट्वीट किया, भारी हृदय से मैं सभी को सूचित कर रहा हूँ कि  मेरे पिता प्रणब मुखर्जी  आर्मी हस्पताल और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद हम सब से बिछुड़ गए, लोगों ने उनके लिए दुआएँ मांगी और प्रार्थनाएं की, मैं उन सभी का आभारी हूँ।" 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने ट्वीट कर अपनी संवेदनायें व्यक्त करते हुए लिखा, " पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी  के स्वर्ग वास  सुनकर हृदय को आघात पहुंचा , उनका देहावसान एक युग की समाप्ति है , प्रणब मुखर्जी  के परिवार, मित्रजनों और सभी देश वासियों के प्रति मैं गहन शोक संवेदना व्यक्त करता हूँ।" 

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने प्रणब मुखर्जी   करते हुए कहा कि  यह कभी ना  नुकसान है , ऐसे लोग राजनीति में बहुत दुर्लभ पाए जाते हैं ,  हार्दिक संवेदनाएं और श्रद्धांजलि प्रणब मुखर्जी  को अर्पित करता हूँ।" अर्थ शास्त्र से लेकर विदेश नीति तक विषयों के ज्ञाता प्रणब मुखर्जी  डॉक्टर मन मोहन सिंह के प्रधान मंत्री रहते हुए भी " सर " कह कर संबोधित नहीं कर सके, उलटे डॉक्टर मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री होने के बावजूद प्रणब मुखर्जी  को सर कह कर संबोधित करते थे। 

इसका बड़ा कारण जिस समय प्रणब मुखर्जी  वित्त मंत्री थे मन मोहन सिंह आर बी आई के गवर्नर के पद पर बने हुए थे।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुखर्जी के निधन को एक युग की समाप्ति बताया। कांग्रेस ने अपने दिवंगत नेता को सम्मान देते हुए औपचारिक टिप्पणी की और कहा कि  यह अत्यंत दुखद है कि प्रणब दा  हमारे बीच  नहीं रहे। 

भूतपूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रणब मुखर्जी  को हमेशा उनकी निष्ठा  करुणा को यह देश हमेशा याद रखेगा।  उनके परिवार और देश वासियों के साथ पूरा कांग्रेस परिवार अपनी प्रार्थना साझा करता है।  कांग्रेस नेता आनंद शर्मा  ने कहा  कि  प्रणब दा  को यह देश एक महान सांसद , उनके  लोकतंत्र के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद करेगा। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि  वो मेरे जैसे अनेक कांग्रेस नेताओं के बड़े भाई कि  तरह थे जिन्होंने हमेशा हमारे दुःख दर्द को सुना, उन्होंने उन लोगों को भी सुना  जो हमारे दल के नहीं थे, उनकी कमी हम सभी को खलती रहेगी।  

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