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नेपाल-भारत तनावः पीएम ओली बोले-तोड़ देंगे बांध, बिहार में हो सकता है नुकसान, बाढ़ का खतरा मंडराया

By एस पी सिन्हा | Updated: July 7, 2020 19:10 IST

प्राप्त जानकारी के अनुसार नेपाल ने कहा है कि पूर्वी चंपारण जिले के पास भारतीय सीमा में नो मेंस लैंड से सटे हुए लालबकेया नदी के तटबंध के एक हिस्से को हटा ले.

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ठळक मुद्देएक तरफ नेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, वहीं नेपाल अब बिहार को डुबो देने की चेतावनी देने लगा है.अगर नहीं हटाया गया तो इसे तोड़ दिया जाएगा. अगर ऐसा होता है तो बिहार बाढ़ से नुकसान होगा. नेपाल ने भारत पर आरोप लगाया है कि बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग ने दो सौ मीटर लंबा तटबंध नो-मेंस लैंड को पर अतिक्रमण कर बनाया है.

पटनाः नेपाल लगातार भारत के साथ दुश्मनी का बर्ताव कर रहा है. अब नेपाल ने भारत को बांध तोड़ने की धमकी दी है. नेपाल ने कहा है कि भारतीय सीमा में नो मेंस लैंड से सटे हुए लालबकेया नदी के तटबंध के एक हिस्से को हटा ले.

अगर नहीं हटाया तो इसे तोड़ देंगे. अगर ऐसा होता है तो बिहार बाढ़ से नुकसान होगा. एक तरफ नेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, वहीं नेपाल अब बिहार को डुबो देने की चेतावनी देने लगा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार नेपाल ने कहा है कि पूर्वी चंपारण जिले के पास भारतीय सीमा में नो मेंस लैंड से सटे हुए लालबकेया नदी के तटबंध के एक हिस्से को हटा ले.

अगर नहीं हटाया गया तो इसे तोड़ दिया जाएगा. अगर ऐसा होता है तो बिहार बाढ़ से नुकसान होगा. नेपाल ने भारत पर आरोप लगाया है कि बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग ने दो सौ मीटर लंबा तटबंध नो-मेंस लैंड को पर अतिक्रमण कर बनाया है.

इसके बारे में रौतहट के डीएम वासुदेव घिमिरे ने बकायदा पीसी कर नेपाली मीडिया से कहा कि भारत ने अतिक्रमण कर बांध बनाया है. नापी के दौरान यह पता चला है. अधिकारी ने यह भी कहा कि दोनों देशों के सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के बीच अतिक्रमण हटाने को लेकर सहमति भी बनी, लेकिन भारत ने अभी तक नहीं हटाया है. जिसके बाद नेपाल इस बांध तो तोड़ देगा. यह वही बांध है, जिसका कुछ दिनों पहले नेपाल ने मरम्मत काम को रोक दिया था. यह बांध लालबकेया नदी पर बना हुआ है. 

नेपाल चीन के बहकावे में आकर भारत के साथ अपना रिश्ता खराब कर चुका है

यहां बता दें कि नेपाल चीन के बहकावे में आकर भारत के साथ अपना रिश्ता खराब कर चुका है चीन के बहकावे में आकर भारत के विरोध में वह छोटी-छोटी हरकतें कर रहा है. नेपाल में चीन का विरोध हो रहा है. वहां के लोगों का कहना है कि भारत के साथ सुख और दुख का रिश्ता रहा है.

हर संकट ने भारत ने साथ दिया है. नेपाल की जनता यह मान रही है कि भारत से रिश्ता खराब होने के कारण ही नेपाल में महंगाई चरम पर है. जिसका खामियाजा नेपाल की जनता को उठानी पड रही है. यही कारण है कि वहां के पीएम से उनकी पार्टी के नेता से लेकर आमलोग तक इस्तीफा मांग रहे हैं.

नेपाल के पीएम ओली की कुर्सी खतरे में है. इसका सबसे बड़ा कारण भारत का विरोध है. उल्लेखनीय है कि अधवारा समूह की लालबकेया नदी पर बना यह वही तटबंध है जिसका कुछ दिनों पहले नेपाल ने मरम्मत काम को रोक दिया था.

इस बीच बागमती प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता जमील अनवर ने बताया कि तटबंध हटाने का ऐसा कोई निर्देश उन्हें नहीं मिला है. अभी वह बाढ व कटाव निरोधक कार्य में लगे हैं. उन्हें किसी तरह की मापी किये जाने की जानकारी नहीं है.

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