लाइव न्यूज़ :

नरेंद्र मोदी सरकार की मंत्री हरसिमरत कौर ने दिया इस्तीफा, कहा- किसानों की बेटी होने के नाते उनके साथ खड़े होने पर गर्व है

By अनुराग आनंद | Updated: September 17, 2020 21:01 IST

नरेंद्र मोदी सरकार के कृषि संबंधी विधेयकों के खिलाफ मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

Open in App
ठळक मुद्देपंजाब के किसानों ने कहा था कि संसद में अगर राज्य का कोई सांसद इस विधेयक का समर्थन करेगा तो उसे गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट कर कहा है कि किसानों की बेटी व बहन होने के नाते उनके साथ खड़े होने पर हमें गर्व है।नरेंद्र मोदी सरकार ने अकाली दल के नाराज होने के बावजूद सदन में ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी दे दी थी।

नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा कृषि संबंधी विधेयकों को लेकर लिए गए फैसले के खिलाफ एनडीए के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल की नेता और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।सुखबीर सिंह बादल ने लोकसभा में इस विधेयक के खिलाफ बोलते हुए इस बात की जानकारी दी थी। अब खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी उन्होंने दी है।

कौर ने ट्वीट कर कहा है कि मैंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि किसान घर में पैदा होने किसान की बेटी व बहन होने के नाते किसान विरोधी बिल के खिलाफ इस्तीफा देकर व अपने किसान भाइयों के साथ खड़े होने पर मुझे गर्व है।

अकाली दल ने कहा कि सरकार का यह फैसला किसानों के खिलाफ है। हमारी पार्टी किसानों के साथ है और हम इस बिल के विरोध में मंत्री पद से इस्तीफा देंगे। यही नहीं सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि हम इस विधेयक में किसानों के खिलाफ लिए गए फैसले को लेकर पूरी तरह से बिल को तुरंत खारिज करने की सरकार से अपील करते हैं।

मोदी सरकार के इस फैसले के खिलाफ पंजाब के किसानों में भारी गुस्सा-

बता दें कि नरेंद्र मोदी सरकार के इस फैसले से पंजाब के किसानों में सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा है। पिछले दिनों राज्य में किसानों ने कृषि विधेयक के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन किया। इस दौरान कई स्थानों पर सड़कों को जाम किया और चेतावनी दी कि संसद में अगर राज्य का कोई सांसद इस विधेयक का समर्थन करेगा तो उसे गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।

कृषि से जुड़े तीन विधेयकों को ‘किसान विरोधी’ बता प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पंजाब के विभिन्न स्थानों पर करीब दो घंटे तक राजमार्ग और अन्य अहम सड़कें बाधित की जिससे आम यात्रियों को परेशानी हुई क्योंकि प्रशासन ने यातायात का मार्ग परिवर्तित किया था।

केंद्र सरकार ने खाद्य एवं कृषि सुधार विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया। इस प्रस्तावित विधेयक में अधिसूचित कृषि मंडियों के बाहर कृषि उत्पादों को बिना किसी बाधा बेचने का प्रावधान है और किसानों को कृषि उत्पादन और बिक्री के लिए निजी संस्थाओं से समझौता करने के लिए सशक्त किया गया है। 

जानें अपनों को नाराज करके भी विधेयक क्यों ला रही है नरेंद्र मोदी सरकार- 

बीते दिनों किसान संबंधी इस विधेयक पर निचले सदन में चर्चा के दौरान सरकार की तरफ से जवाब देते हुए उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा था कि इस विधेयक के माध्यम से कृषि क्षेत्र में सम्पूर्ण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाया जा सकेगा, किसान मजबूत होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इससे कृषि क्षेत्र में कारोबार अनुकूल माहौल बनाने और ‘‘ वोकल फार लोकल’’ को मजबूत बनाया जायेगा । मंत्री के जवाब के बाद सदन ने कुछ विपक्षी सदस्यों के संशोधनो को अस्वीकार करते हुए ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी दे दी । यह विधेयक संबंधित अध्यादेश के स्थान पर लाया गया है । इस अध्यादेश को 5 जून 2020 को जारी किया गया था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर विचार करने के लिये मुख्यमंत्रियों की एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में ऐसे प्रावधान किये गए है जिससे बाजार में स्पर्धा बढ़ेगी, खरीद बढ़ेगी और किसनों को उचित मूल्य मिल सकेगा । चर्चा में हिस्सा लेते हए शिवसेना के राहुल शेवाले ने कहा कि खाद्य वस्तुओं की कीमत पर नियंत्रण के संदर्भ में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है।

टॅग्स :हर्सिम्रत कौर बादलनरेंद्र मोदीकिसान विरोध प्रदर्शनसंसदशिरोमणि अकाली दल
Open in App

संबंधित खबरें

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

कारोबारसंसद ने जन विश्वास विधेयक 2026 पारित, 717 अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया, जुर्माने की राशि 1 करोड़ रुपये?

भारतआखिर क्यों AAP सांसद राघव चड्ढा पर गाज?, पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल ने राज्यसभा उपनेता पद से हटाया गया

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

राजनीति अधिक खबरें

राजनीतिDUSU Election 2025: आर्यन मान को हरियाणा-दिल्ली की खाप पंचायतों ने दिया समर्थन

राजनीतिबिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलीं पाखी हेगड़े, भाजपा में शामिल होने की अटकलें

राजनीतिBihar voter revision: वोटरों की सही स्थिति का पता चलेगा, SIR को लेकर रूपेश पाण्डेय ने कहा

राजनीतिबिहार विधानसभा चुनावः बगहा सीट पर बीजेपी की हैट्रिक लगाएंगे रुपेश पाण्डेय?

राजनीतिगोवा विधानसभा बजट सत्रः 304 करोड़ की 'बिना टेंडर' परियोजनाओं पर बवाल, विपक्ष का हंगामा