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शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर अदालत जाएगी कांग्रेस, जानिए क्या है मामला

By शिवअनुराग पटैरया | Updated: July 3, 2020 20:22 IST

गौरतलब है कि बीते गुरुवार को शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार में 28 लोगों को शपथ दिलाई गई. 28 नए चेहरों के शपथ लेने के साथ ही शिवराज मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल सदस्यों की संख्या 34 हो गई है.

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ठळक मुद्देराज्य विधानसभा की जो सदस्य संख्या 230 है, उसके अनुसार प्रदेश में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं. दो विधायकों की मृत्यु और 22 सिंधिया समर्थक विधायकों के इस्तीफे के कारण इस वक्त विधानसभा की सदस्य संख्या 206 है. कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने ट्वीट कर कहा है कि विस्तार में विधायकों की प्रभावी संख्या 206 के 15 प्रतिशत से ज्यादा मंत्री बनाकर कानून तोड़ा गया है.

भोपालः शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर कांग्रेस अदालत जाएगी. राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस के नेता विवेक तन्खा ने ट्वीट कर यह बात कहीं.

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मंत्रिमंडल में निर्धारित संख्या से ज्यादा मंत्री बनाए गए हैं. गौरतलब है कि बीते गुरुवार को शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार में 28 लोगों को शपथ दिलाई गई. 28 नए चेहरों के शपथ लेने के साथ ही शिवराज मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल सदस्यों की संख्या 34 हो गई है.

वैसे राज्य विधानसभा की जो सदस्य संख्या 230 है, उसके अनुसार प्रदेश में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं. लेकिन दो विधायकों की मृत्यु और 22 सिंधिया समर्थक विधायकों के इस्तीफे के कारण इस वक्त विधानसभा की सदस्य संख्या 206 है. इसी को लेकर कांग्रेस ने अदालत जाने की बात कही हैं.

राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने ट्वीट कर कहा है कि विस्तार में विधायकों की प्रभावी संख्या 206 के 15 प्रतिशत से ज्यादा मंत्री बनाकर कानून तोड़ा गया है. कांग्रेस इस गैर कानूनी मंत्रिमंडल के खिलाफ कोर्ट जाएगी.

सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट में कहा है कि भाजपा-शिवराज सरकार लगातार ऐसा कर रही है. पहले शिवराज ने बिना कैबिनेट के सरकार चलाई, जब राष्ट्रपति से शिकायत की गई तो पांच मंत्री बना लिए. राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा के ट्वीट के जवाब में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व भाजपा विधायक सीतासरण शर्मा ने कहा  कि मंत्रियों की संख्या को लेकर कांग्रेस के आरोप में कोई संवैधानिक दम नहीं है. संविधान में 91 वे संशोधन के अनुसार सदन की कुल संख्या के 15 प्रतिशत मंत्री बनाए जा सकते हैं. सदन की वर्तमान सदस्य संख्या का उससे कोई लेना देना नहीं है. 

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