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लोकसभा चुनाव 2019: बीजेपी को 150 सीटें हारने का खतरा, कटेंगे इनके टिकट

By जनार्दन पाण्डेय | Updated: August 21, 2018 14:54 IST

सुषमा स्वराज को बीमारी का हवाला देने के लिए कहा जाएगा। उमा भारती को खुद को राजनीति से दूर होने के लिए।

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नई दिल्ली, 10 अगस्तः साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर अभी से सर्वे शुरू हो गए हैं। ऐसे ही सर्वे में यह दावा किया जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) टिकटों के बंटवारों में भारी फेरबदल कर सकती है। यह तब्दीली इस खतरे के बाबत की जा रही है कि बीजेपी को ऐसा अंदेशा कि इन सीटों पर उन्हें जीत नहीं मिल पाएगी। असल में जून महीने में हरियाणा के सूरजकुंड में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और बीजेपी ने बंद कमरे में बीजेपी के सभी सांसदों के साथ बैठक की। इसमें आरएसएस की ओर से सरकार्यवाह भैयाजी जोशी और सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल शामिल हुए। इसकी अध्यक्षता बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने की। इसके अलावा वित्त एवं रेल मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य एवं उद्योग व नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु वहां मौजूद रहे। इस बैठक का उद्देश्य साफ था, 'फिर एक बार बीजेपी सरकार'। लेकिन इसका नतीजा यह निकला कि आरएसएस कई बीजेपी सांसदों के कामकाज से खुश नहीं था। बैठक के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाया गया। इसके बाद सभी सांसदों को अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करने को कहा गया।

इसी बाबत जुलाई महीने में आनंद बाजार पत्रिका ने एक खबर प्रकाशित की। इसमें दावा किया गया कि आगामी लोकसभा चुनावों में बीजेपी अपने वर्तमान 150 सांसदों का टिकट काटने वाली है। इसमें चौंकाने वालों के बारे में घोषणा की गई। आनंद बाजार पत्रिका के मुताबिक विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वरिष्ठ सांसद मुरली मनोहर जोशी, करिया मुंडा, वरिष्ठ नेता शांता कुमार, बीसी खंडूरी, उमा भारती, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन जैसे दिग्गज नेताओं को इस बार अलग-अलग कारणों से बीजेपी चुनाव से दूर रख सकती है। इसके अलावा सोनभद्र की रॉबर्ट्सगंज सीट के सांसद छोटेलाल, शत्रुघ्न सिन्हा आदि कुछ ऐसे नेता हैं जो पार्टी के भीतर रहकर लगातार 

बीमारी के नाम पर कट सकता है सुषमा स्वराज का टिकट

खबर के मुताबिक मध्य प्रदेश की विद‌िशा से सांसद सुषमा स्वराज से बीमारी का हवाला दिलवा कर उनका टिकट काट लिया जाएगा। जबकि एमपी की ही इंदौर सीट की सांसद सुमित्रा महाजन को उम्र का हवाला और ऐसा प्रचारित किया जाएगा उन्होंने खुद ही अब चुनाव लड़ने से मना दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश की झांसी सीट की सांसद उमा भारती, कानपुर के सांसद मुरली मनोहर जोशी, बिहार के पूर्वी चंपारण राधा मोहन सिंह के बारे में ऐसा बताया जाएगा कि अब वे चुनाव नहीं लड़ना चाहते। इसी तरह से झारखण्ड की खूंटी के सांसद करिया मुंडा व शांता कुमार, बीसी खंडूरी आदि के टिकट भी अब उम्र ढल जाने का हवाला देकर काटने की तैयारी है।

एबीपी न्यूज के सर्वे में घटती दिखीं एनडीए की सीटें

जून में हुई बीजेपी की बैठक के बाद एबीपी न्यूज ने जुलाई में एक सर्वे जारी किया। इसमें बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए की सीटें पिछले आम चुनाव (2014) की तुलना में तेजी से घटती नजर आ रही हैं। इस सर्वे के मुताबिक 543 में से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 274 सीटों पर सिमट सकती हैं। जबकि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) को 164 सीटें मिलने की बात की गई है। जबकि 2014 में एनडीए को 325 सीटें मिली थीं।

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