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जानें किस राज्य में BJP व लेफ्ट विधायकों ने मिलकर मोदी सरकार के कृषि कानून के खिलाफ विधानसभा में पारित किया प्रस्ताव

By अनुराग आनंद | Updated: December 31, 2020 15:04 IST

केरल विधानसभा के विशेष सत्र में बृहस्पतवार को मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने प्रस्ताव रखा जिसे भाजपा समेत सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ), विपक्षी कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) के समर्थन से सर्वसम्मति से पारित किया गया। 

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ठळक मुद्देभाजपा विधायक ओ राजगोपाल ने कहा, ‘‘मैंने प्रस्ताव का पूरी तरह से समर्थन किया।’’ BJP विधायक ओ राजगोपाल ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए।’’ 

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कृषि कानूनों को लेकर जारी घमासान के बीच केरल विधानसभा ने आज यानी गुरुवार को सर्वसम्मति से केंद्र के तीनों विवादित कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। 

हालांकि, तिरुवनंतपुरम में एक अप्रत्याशित घटना के तहत केरल विधानसभा में भाजपा के एकमात्र विधायक ओ राजगोपाल ने सदन में उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसमें विवादित केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग गई है और जिनके खिलाफ दिल्ली की सीमा पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।

भाजपा के समर्थन से लेफ्ट पार्टियों ने मोदी सरकार के खिलाफ पारित किया प्रस्ताव-

केरल विधानसभा के विशेष सत्र में बृहस्पतवार को मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने प्रस्ताव रखा जिसे सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ), विपक्षी कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) और भाजपा के समर्थन से सर्वसम्मति से पारित किया गया। 

सत्र के बाद राजगोपाल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। मैंने कुछ बिंदुओ (प्रस्ताव में) के संबंध में अपनी राय रखी, इसको लेकर विचारों में अंतर था जिसे मैंने सदन में रेखांकित किया।’’ 

केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए: भाजपा विधायक

उन्होंन कहा, ‘‘मैंने प्रस्ताव का पूरी तरह से समर्थन किया।’’ जब राजगोपाल का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया कि प्रस्ताव में तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की गई है, तब भी उन्होंने प्रस्ताव का समर्थन करने की बात कही। राजगोपाल ने कहा, ‘‘मैंने प्रस्ताव क समर्थन किया और केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए।’’ 

उन्होंने कहा कि वह सदन की आम राय से सहमत हैं।’’ राजगोपाल ने कहा कि यह लोकतांत्रिक भावना है। जब राजगोपाल से कहा गया कि वह पार्टी के रुख के खिलाफ जा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रणाली है और हमें सर्वसम्मति के अनुरूप चलने की जरूरत है। हालांकि, विशेष सत्र के दौरान सदन में राजगोपाल ने चर्चा के दौरान कहा था कि नए कानून किसानों के हितों की रक्षा करेंगे और बिचौलियों से बचा जा सकेगा।

(एजेंसी इनपुट)

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