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कृषि संकट, बेरोजगारी,आर्थिक मंदी इस देश को मोदी सरकार का ‘तोहफा’, 2016 में 11379 किसानों ने खुदकुशी कीः कांग्रेस

By भाषा | Updated: December 5, 2019 16:26 IST

सांसद कोडिकुनिल सुरेश ने कांग्रेस सरकारों के किसानों के लिए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2016 में 11379 किसानों ने खुदकुशी की। सुरेश ने दावा किया कि इस सरकार ने संस्थाओं को नष्ट करने का प्रयास किया है।

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ठळक मुद्देकांग्रेस नेता ने कहा कि ये सरकार किसान सम्मान निधि योजना के लिए अपनी पीठ थपथपा रही है।देश के कई हिस्सों में किसान इसके लाभ से वंचित हैं।

कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर किसानों की समस्याओं को दूर करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को लोकसभा में कहा कि कृषि संकट, बेरोजगारी और आर्थिक मंदी इस सरकार का देश को ‘तोहफा’ है।

पार्टी सांसद कोडिकुनिल सुरेश ने ‘विभिन्न कारणों से फसल को हुई क्षति और इसका किसानों पर प्रभाव’ के बारे में नियम के 193 के तहत चर्चा के दौरान यह आरोप भी लगाया कि सरकार किसानों के मुद्दे पर सवालों का सामना करने से डरी हुई है। उन्होंने कांग्रेस सरकारों के किसानों के लिए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2016 में 11379 किसानों ने खुदकुशी की। सुरेश ने दावा किया कि इस सरकार ने संस्थाओं को नष्ट करने का प्रयास किया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ये सरकार किसान सम्मान निधि योजना के लिए अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन देश के कई हिस्सों में किसान इसके लाभ से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, कृषि संकट, औद्योगिक गिरावट और मंदी इस सरकार का देश को ‘तोहफा’ है।

सुरेश ने यह दावा भी किया कि कांग्रेस के पुरजोर विरोध के चलते सरकार ‘क्षेत्रीय समग्र आर्थिक साझेदारी’ (आरसीईपी) समझौते पर हस्ताक्षर करने से पीछे हटने को विवश हुई। उन्होंने कहा कि बेसौम बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों की मदद के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाना चाहिए। 

पिछले चार वर्षों में सांसदों के बंगलों की मरम्मत एवं रखरखाव पर 193 करोड़ रूपये खर्च हुए : सरकार

सरकार ने बृहस्पतिवार को बताया कि पिछले करीब चार वर्षों में सांसदों के बंगलों की मरम्मत एवं रखरखाव पर 193 करोड़ रुपये खर्च हुए । लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि संसद सदस्यों के आवासों की मरम्मत एवं रखरखाव पर खर्च के लिए केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने कोई सीमा तय नहीं की है।

उन्होंने कहा, ‘‘ पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष में सांसदों के बंगलों की मरम्मत एवं रखरखाव पर 193 करोड़ रुपये खर्च हुए। फ्लैट की श्रेणी के अनुरूप ऐसे खर्च का ब्योरा नहीं रखा जाता है।’’ मंत्री ने कहा कि रखरखाव एवं मरम्मत का कार्य भवन की वास्तविक स्थिति के आधार पर होता है। 

टॅग्स :संसद शीतकालीन सत्रमोदी सरकारकेरलकांग्रेसभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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