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आपके बैंक अकाउंट में अगर मिल गई ये गड़बड़ी तो देना पड़ सकता है 83 प्रतिशत तक इनकम टैक्स, जानिए

By विनीत कुमार | Updated: August 24, 2020 10:41 IST

इनकम टैक्स के​ नियम के अनुसार अगर किसी शख्स के पास अज्ञात सोर्स से पैसे, ज्वेलरी या कोई कीमती वस्तु आती है तो और वो इसकी जानकारी ठीक-ठीक नहीं देता है तो उसे मोटा टैक्स चुकाना पड़ सकता है।

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ठळक मुद्देबैंक अकाउंट में अगर आप बड़ी रकम ट्रांसफर करते या कराते हैं तो सावधान रहेंऐसी बड़ी रकम, सोना वगैरह के स्रोत की जानकारी ठीक-ठीक इनकम टैक्स विभाग को जरूर दें

क्या आपने पिछले वित्त वर्ष में अपने बैंक अकाउंट में कोई ऐसी बड़ी रकम ट्रांसफर की है जिसके स्रोत के बारे में आपको जानकारी देने में आपको परेशानी हो रही है। अगर ऐसा है तो सावधाएं हो जाएं। आयकर विभाग को अगर इस बारे में पता चलता है तो आपको भारी टैक्स चुकाना पड़ सकता है।

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 69A के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति मोटा पैसा, सोना, ज्वेलरी या अन्य कीमती चीजों को रखने वाला पाया जाता है उसके रिकॉर्ड उस व्यक्ति के पास ठीक-ठीक जानकारी नहीं है या वो इसे देने से बचना चाह रहा है तो इसे टैक्सपेयर के इनकम के तौर पर माना जायेगा। ऐसे में उसे इस पर टैक्स देना होगा। 

इस तरह के अस्पष्ट रकम पर 83.25 फीसदी की दर से टैक्स लग सकता है। इस टैक्स में 60 फीसदी टैक्स, 25 फीसदी सरचार्ज और 6 फीसदी पेनाल्टी को शामिल किया जाता है। हालांकि, कैश के ट्रांसफर की जानकारी अगर इनकम टैक्स रिटर्न में दी गई है और टैक्स भी जमा किया गया है तो ऐसे में तो इस पर 6 फीसदी की पेनाल्टी नहीं देनी होगी।

पैसे, सोना और अन्य कीमती वस्तुओं के अलावा अगर टैक्सपेयर के बैंक अकाउंट में कोई कैश क्रेडिट हुआ और वो इसके स्रोत की स्पष्ट जानकारी नहीं देता हैं या टैक्स अधिकारी आपके जवाब से संतुष्ट नहीं है तो इस पर भी मोटा टैक्स देना होगा। इस तरह एंट्री को 'Unexplained Cash Credit' यानी 'अस्पष्टीकृत नकदी क्रेडिट' माना जाएगा। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 68 के तहत इसपर टैक्स देना होगा।

नोटबंदी के दौरान जब सरकार ने रातों-रात 500 और 1,000 रुपये के कंरसी नोट को बैन कर दिया था, तब उस दौरान बहुत सारे टैक्सपेयर्स ने अपने बैंक अकाउंट बड़े स्तर पर कैश जमा कराया था। ये सभी रकम इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच की निगरानी में आए। इसके बाद आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स के लिए एक प्रस्वाव दिया कि लोग इस तरह के डिसक्लोज्ड इनकम पर टैक्स जमा करके इस मामले को खत्म कर सकते हैं। अगर वो इन रकम पर लागू टैक्स को जमा करा देते हैं तो उनसे इस कमाई पर कोई पूछताछ नहीं होगी।

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