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संविधान में संशोधन पर गौर करने के लिए आईओए ने छह सदस्यीय समिति गठित की

By भाषा | Updated: December 19, 2021 19:36 IST

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नयी दिल्ली, 19 दिसंबर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने अपने संविधान को राष्ट्रीय खेल संहिता के अनुरूप बनाने के लिए चुनाव से पहले इसमें संशोधन पर गौर करने के लिए रविवार को छह सदस्यीय समिति का गठन किया।

समिति में आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा, महासचिव राजीव मेहता, कोषाध्यक्ष आनंदेश्वर पांडे, वरिष्ठ उपाध्यक्षों अनिल खन्ना और आरके आनंद तथा ललित भनोट को शामिल किया गया है। भनोट उस समिति के सदस्य हैं जो बहु खेल प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय दल को अंतिम रूप देते हैं।

यह समिति 20 जनवरी तक किए जाने वाले संशोधनों पर फैसला लेगी।

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राजीव सहाय एंडलॉ ने आईओए की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) का आयोजन किया और इस दौरान पूर्व खेल सचिव इंजेती श्रीनिवास ने उनकी मदद की। दिल्ली उच्च न्यायालय ने एजीएम के आयोजन के लिए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राजीव सहाय एंडलॉ को प्रशासक नियुक्त किया है।

आईओए को रविवार को अपनी निर्वाचन एजीएम का आयोजन करना था लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने 30 नवंबर को वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा की याचिका पर आदेश जारी करके यथास्थिति बनाए रखने को कहा। शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने एजीएम का स्थल बदलकर दिल्ली करने को आईओए को निर्देश दिया।

आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने पीटीआई से कहा, ‘‘आम सभा ने छह सदस्यीय समिति के गठन का फैसला किया जो यह देखेगी कि चुनावों से पहले आईओए संविधान में क्या संशोधन करने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘समिति चर्चा करेगा और प्रस्ताव देगी कि क्या संशोधन किया जाए। इंजेती श्रीनिवास इसका निरीक्षण करेंगे और इसे दिल्ली उच्च न्यायालय को सौंपा जाएगा।’’

मेहता ने कहा, ‘‘कौन से संशोधन किए जाने हैं, इस पर निर्णय लेने की समय सीमा 20 जनवरी है। संशोधनों पर समिति द्वारा निर्णय लिए जाने के बाद, आईओए जीबीएम (आम सभा की बैठक) चुनाव होने से पहले संविधान में संशोधन करेगा।’’

दिल्ली में एजीएम के आयोजन का आदेश देते हुए न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की खंडपीठ ने आईओए बैठक की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करने का निर्देश दिया था।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईओए को 13 संशोधन पर विचार करने को कहा है जिसे याचिकाकर्ता सौंपा है।

याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तावित अन्य संशोधनों में कार्यकारी समिति के सभी सदस्यों के लिए आयु और कार्यकाल नियम लागू करना, राज्य ओलंपिक संघों को मतदान की अनुमति नहीं देना,  दो साल से अधिक के दंडनीय अपराधों के आरोपी व्यक्तियों पर चुनाव लड़ने से प्रतिबंध का विस्तार करना शामिल है।

इसमें कार्यकारी परिषद और आम सभा में मतदान के अधिकार के साथ 25 प्रतिशत प्रमुख खिलाड़ियों को शामिल करने की मांग भी की गयी है।

मेहरा ने दावा किया था कि आईओए अदालत के आदेशों, देश के कानून, भारतीय राष्ट्रीय खेल विकास संहिता और कई अन्य निर्देशों का उल्लंघन करते हुए अपने चुनाव कराने का प्रस्ताव कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने इस महीने की शुरुआत में आईओए को दिल्ली उच्च न्यायालय में एक लंबित मामले के मद्देनजर अपने 19 दिसंबर के चुनावों को फिर से करने की सलाह दी थी, लेकिन निकाय से उसी तारीख को अपनी आमसभा को आयोजित करने का आग्रह किया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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