लखनऊ: असम और पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चुनावी रणनीति का कमाल मानी जा रही है. लेकिन इस जीत में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी अहम रोल रहा हैं. सीएम योगी के नजदीकी मंत्री सुरेश खन्ना का दावा है कि पार्टी के स्टार प्रचारक के रूप में मुख्यमंत्री योगी ने असम और पश्चिम बंगाल में कुल 27 जनसभाएं तथा रोड शो किया. इन जनसभाओं में सीएम योगी ने हिंदुत्व के मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए मुस्लिम तुष्टीकरण समेत अन्य मुद्दों को लेकर बंगाल और असम की जनता को सावधान किया. उसका असर इन दोनों राज्यों में भाजपा की जीत पर दिख रहा है. कुछ ऐसा ही दावा सीएम योगी के अन्य मंत्री भी कर रहे हैं.
सीएम योगी के इन भाषणों को रहा अहम रोल
सीएम योगी के इन मंत्रियों के मुताबिक असम और पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में सीएम योगी की एंट्री को अगर केवल एक स्टार प्रचारक की सक्रियता मान लिया जाए तो यह तस्वीर अधूरी होगी. दरअसल, पार्टी ने उन्हें इन दोनों राज्यों में उतारकर एक बहुस्तरीय राजनीतिक रणनीति को जमीन पर उतारने की कोशिश की. पार्टी ने इन दोनों राज्यों में हिंदुत्व, राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक पहचान और विकास के मॉडल एक साथ बुनते हुए योगी आदित्यनाथ को उन सीटों पर उतारा जा रहा है, जहां हिंदुत्व और ध्रुवीकरण का प्रभाव निर्णायक माना जाता है.
इन सीटों पर मुख्यमंत्री योगी ने अपनी हिंदुत्व के पिच पर लगातार भाषण दिए और मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए ममता सरकार पर तथा असम में कांग्रेस को जमकर लताड़ लगाई. सुरेश खन्ना के मुताबिक सीएम योगी ने पश्चिम बंगाल के माथाभांगा और धुपगुड़ी में आयोजित जनसभा में कहा कि आप चिंता मत कीजिए, टीएमसी के गुंडे आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे. ममता बनर्जी सिंहासन खाली करो, भाजपा आ रही है. अब बंगालवासियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है. इसी प्रकार सीएम योगी ने अपनी जनसभाओं में ममता बनर्जी पर प्रहार करते हुए यह कहा कि ममता दीदी को हिंदुओं और जय श्रीराम के उद्घोष से चिढ़ है.
टीएमसी को मुस्लिम तुष्टिकरण से फुर्सत नहीं है. वह मुसलमानों के अलावा किसी के बारे में नहीं सोचती. बंगाल में आज जय श्रीराम का नारा नहीं लगा सकते क्योंकि सरकार आप पर अत्याचार करती. टीएमसी के गुंडे हमला बोल देते हैं. दुर्गा पूजा से पहले उपद्रव हो जाता है. सरकार दुर्गा पूजा और विसर्जन की अनुमति नहीं देती. गोहत्या कराती है और आम जनता को परेशान करती है. सुरेश खन्ना का दावा है कि सीएम योगी के भाषणों में बंगाल की जनता को प्रभावित किया.
बंगाल में बुलडोजर का भी हुआ जिक्र
बंगाल में भी पार्टी का प्रचार करने गए योगी सरकार के आयुष राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु कहते हैं कि सीएम योगी ने बंगाल के राजारहाट गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित रैली में जब यह कहा कि हम गौमाता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे. बंगाल को मौलाना, मौलवियों के फतवों की धरती नहीं बनने देना है. बंगाल की धरती को हमें काबा की धरती नहीं बनने देना है. बंगाल की धरती तो मां काली की धरती रहेगी. मां दुर्गा की धरती रहेगी, वंदे मातरम की धरती रहेगी और हर हर महादेव का घोष इस धरा से लगातार चलना चाहिए. तो लोगों ने सीएम योगी के इस कथन को समूचे बंगाल में पहुंचा दिया.
यहीं नहीं जब सीएम योगी ने अपनी चुनावी जनसभा में यह कहा कि 4 मई के बाद टीएमसी के गुंडे आपके सामने भीख मांगेंगे और घुटने टेकते हुए नाक रगड़ते हुए दिखेंगे.बुलडोजर सुनकर टीएमसी के गुंडे अभी से अंडरग्राउंड होने लगे हैं, तो उनके इस कथन को भी लोगों ने पसंद किया था. अब चुनाव परिणाम आने के बाद यह पता चल रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री की चुनावी रणनीति के साथ मुख्यमंत्री योगी के भाषणों का भी अहम रोल इन दोनों राज्यों में मिली जीत में रहा है.