कौन हैं न्यायाधीश संगम कुमार साहू?, पटना हाईकोर्ट के 47वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली
By एस पी सिन्हा | Updated: January 7, 2026 14:34 IST2026-01-07T14:33:18+5:302026-01-07T14:34:30+5:30
बिहार में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने और न्यायिक प्रणाली में आधुनिक सुधारों को प्राथमिकता देंगे।

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
पटनाः ओडिशा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने बुधवार को पटना हाई कोर्ट के 47वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राजभवन के दरबार में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। न्यायाधीश साहू ने शपथ ग्रहण के दौरान संविधान की रक्षा और न्याय की गरिमा को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया। इस नियुक्ति के साथ ही बिहार की शीर्ष अदालत को एक स्थायी और पूर्णकालिक नेतृत्व मिल गया है।
समारोह में बिहार सरकार के कई कैबिनेट मंत्री, पटना हाईकोर्ट के तमाम न्यायाधीश, महाधिवक्ता, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और न्यायिक जगत की दिग्गज हस्तियां मौजूद रहीं। न्यायाधीश संगम कुमार साहू की यह नियुक्ति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 1 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना के बाद हुई है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश पी. बी. बजनथ्री के सेवानिवृत्त होने के बाद से न्यायाधीश सुधीर सिंह कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे। अब न्यायाधीश साहू के कार्यभार ग्रहण करने से कोर्ट के प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों में नई तेजी आने की उम्मीद है।
अपनी कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए न्यायाधीश संगम कुमार साहू शपथ ग्रहण के तुरंत बाद, आज लंच के उपरांत ही अदालत की कार्यवाही में शामिल होंगे। उनके कार्यकाल से उम्मीद की जा रही है कि वे बिहार में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने और न्यायिक प्रणाली में आधुनिक सुधारों को प्राथमिकता देंगे।
बता दें कि न्यायाधीश साहू का जन्म 1964 में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई कटक के नया बाजार हाई स्कूल से की और स्टीवर्ट विज्ञान कॉलेज से बीएससी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय से अंग्रेजी और ओड़िया में एम.ए. की उपाधि हासिल की। उन्हें बचपन से ही न्याय और विधि के प्रति रुचि रही, जो उन्हें उनके पिता स्वर्गीय शरत चंद्र साहू से विरासत में मिली।
उनके पिता फौजदारी कानून में विशेषज्ञ थे, और जस्टिस साहू ने उनके सानिध्य में वकालत की बारीकियां सीखीं। 26 नवंबर 1989 को ओडिशा राज्य कानून परिषद में वकील के रूप में पंजीकृत होने के बाद, जस्टिस साहू ने डॉ. मनोरंजन पंडा के मार्गदर्शन में काम किया और फौजदारी मामलों में अपनी विशेषज्ञता स्थापित की। उनकी कड़ी मेहनत और कानूनी दृष्टि को देखते हुए 2 जुलाई 2014 को उन्हें ओडिशा हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। न्यायपालिका में उनकी कार्यशैली न्यायसंगत और निष्पक्ष मानी जाती है।