मुंबईः शिवसेना (उबाठा) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु के तुरंत बाद उनके उत्तराधिकारी के बारे में बात करना ‘‘अमानवीय’’ है। पुणे जिले के बारामती में विमान दुर्घटना में पवार की मृत्यु के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को राकांपा के भीतर उनकी पत्नी सुनेत्रा के लिए राज्य मंत्रिमंडल में जगह की मांग उठने लगी, और कुछ नेताओं ने सुझाव दिया कि उन्हें पार्टी का नेतृत्व भी करना चाहिए। राकांपा महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सत्तारूढ़ महायुति का घटक दल है।
राउत ने कहा, ‘‘इस (नेतृत्व) मुद्दे पर बात करना अमानवीय है। अगर किसी ने भी यह मुद्दा उठाया है, तो उसमें जरा भी इंसानियत नहीं है। चाहे मंत्री हों या विधायक। उस महिला (अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा) ने अपने पति को खो दिया है। वह (सुनेत्रा पवार की) अब भी दुख में हैं।’’ वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती से हारने वाली सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं।
अजित पवार बारामती विधानसभा सीट से विधायक थे। अजित पवार (66) की बुधवार को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई, जिससे उनकी पार्टी में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। उनकी मृत्यु के बाद, वरिष्ठ नेता शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शप) और प्रतिद्वंद्वी राकांपा के विलय की चर्चा तेज हो गई हैं।
राउत ने कहा कि उनका ‘‘अनुरोध’’ यह है कि यदि भाजपा को वास्तव में अजित पवार से कोई लगाव है तो उसे अपने द्वारा लगाए गए सिंचाई विभाग से जुड़े 70,000 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपों को वापस लेना चाहिए। शिवसेना (उबाठा) के नेता ने कहा, ‘‘भाजपा को बिना शर्त आरोप वापस लेने चाहिए।’’
बृहस्पतिवार को राकांपा की सहयोगी भाजपा ने पवार को श्रद्धांजलि देते हुए कई समाचारपत्रों के पहले पन्ने पर विज्ञापन प्रकाशित कराया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और अन्य कई लोग पवार के अंतिम संस्कार में शामिल होने बारामती पहुंचे थे।
अलग से बात करते हुए, भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के मीडिया प्रभारी नवनाथ बन ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि पवार को कथित सिंचाई घोटाले में अंततः बरी कर दिया जाएगा। सिंचाई परियोजनाओं में अनियमितताओं का आरोप तब का है जब पवार कांग्रेस-राकांपा गठबंधन सरकार (2009 और 2014) में जल संसाधन मंत्री थे।
उस समय महाराष्ट्र में भाजपा विपक्ष में थी। उन्होंने कहा कि कथित घोटाले से संबंधित मामला अदालत में लंबित है, और ऐसे समय में राजनीतिक सवाल उठाना अनुचित है जब पूरा राज्य पवार की असामयिक मृत्यु पर शोक मना रहा है। नवनाथ ने कहा, ‘‘सिंचाई घोटाले से संबंधित मामला पहले से ही अदालत में है।
इसमें कोई संदेह नहीं है कि अजित पवार को न्याय मिलेगा और उन पर लगे सभी आरोप खारिज कर दिए जाएंगे।’’ भाजपा नेता ने राउत द्वारा कथित घोटाले पर की गई टिप्पणी के समय पर सवाल उठाते हुए पूछा कि पवार की मृत्यु के तुरंत बाद यह मुद्दा क्यों उठाया गया।
जनता राकांपा के गुटों का विलय चाहती है, अजित पवार भी इसके पक्ष में थे: टोपे
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री राजेश टोपे ने शुक्रवार को कहा कि जनता यही चाहती है कि राकांपा के दोनों गुट फिर साथ आ जाएं और दावा किया कि दिवंगत अजित पवार भी यही चाहते थे। बुधवार को विमान दुर्घटना में अजित पवार की मृत्यु के बाद दोनों गुटों के विलय की चर्चा तेज हो गई है।
टोपे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह जनता की भावना है।... अंतिम निर्णय वरिष्ठ नेताओं और पवार परिवार के सदस्यों द्वारा लिया जाएगा।’’ राकांपा नेताओं के एक वर्ग की ओर से अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल कर उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग के संबंध में उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह परिवार पर निर्भर करता है।
टोपे ने कहा कि दोनों गुटों का विलय दोनों पक्षों के लिए लाभकारी होगा। उन्होंने कहा, ‘‘इससे पहले जब हम अजित पवार से मिले थे तब उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि दोनों गुटों को साथ आना चाहिए। उन्होंने इस बारे में कई बार चर्चा की थी।’’
अजित पवार सिंचाई घोटाले में बेदाग साबित होंगे: भाजपा नेता
भाजपा नेता नवनाथ बन ने शुक्रवार को कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि दिवंगत अजित पवार कथित सिंचाई घोटाले के मामले में उन पर लगे आरोपों से बरी हो जाएंगे। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के मीडिया प्रभारी बन पत्रकारों से बातचीत में शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत की टिप्पणियों का जवाब दे रहे थे,
जिन्होंने कहा था कि बुधवार को विमान दुर्घटना में मारे गए उपमुख्यमंत्री अजित पवार को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि भाजपा आरोपों को वापस ले ले। बन ने कहा कि मामला अदालत में है, और ऐसे समय में राजनीतिक सवाल उठाना अनुचित है, जब पूरा राज्य अजित पवार की असमय मृत्यु पर शोक मना रहा है।
उन्होंने कहा, “सिंचाई घोटाले से संबंधित मामला पहले से अदालत में है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि अजित पवार को न्याय मिलेगा और वह बेदाग साबित होंगे।” उन्होंने राउत की टिप्पणियों के समय पर भी सवाल उठाया और पूछा कि अजित पवार की मृत्यु के ठीक एक दिन बाद इस मुद्दे को क्यों उठाया गया।
पूर्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अजित पवार पर सिंचाई विभाग में घोटाले का आरोप लगाया था और कहा था कि वह कभी भी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ गठबंधन नहीं करेगी। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आया और जून 2023 में, अजित पवार अपने चाचा शरद पवार द्वारा स्थापित राकांपा से अलग होकर भाजपा नीत सरकार में शामिल हुए और उपमुख्यमंत्री बने। बाद में अजित पवार का राकांपा पर नियंत्रण हो गया, जबकि शरद पवार के समूह को राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नाम से जाना जाने लगा।