कोलकाताः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज भाजपा ने 2026 बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपना संकल्प पत्र जारी किया है। यह संकल्प पत्र बंगाल के हर तबके में व्याप्त गहरी निराशा से बाहर निकलने का एक मार्ग है। यह संकल्प पत्र कृषि के संकट और विभिन्न आशंकाओं से घिरे किसानों को एक नया मार्ग दिखाएगा। बेरोजगार युवाओं और भय से त्रस्त महिलाओं को भी नया रास्ता दिखाएगा। बंगाल संस्कृति के गौरव की अनुभूति करने वाले हर नागरिक को आशा और नया भरोसा देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के तहत, यह विकसित भारत का रोडमैप भी बंगाल की जनता के सामने रखेगा।
बंगाल की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हम एक वंदे मातरम संग्रहालय की कल्पना लेकर आए हैं। इसके माध्यम से पूरे विश्व में बंगाल के कल्चर को प्रसिद्धि मिलेगी। भाजपा शासित कई राज्यों में यूसीसी (Uniform Civil Code) लागू किया गया है, हम 6 माह के अंदर ही बंगाल में यूसीसी लागू करेंगे। आयुष्मान भारत समेत, भारत सरकार की सभी योजनाओं को हम कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के साथ लागू करेंगे
पूरे देश की तरह पीएम मोदी के गरीब कल्याण के यज्ञ को हम बंगाल में भी शुरू करेंगे। सभी सरकारी कर्मचारियों और वेतनभोगियों के लिए डीए सुनिश्चित किया जाएगा और 45 दिनों के भीतर ही सातवें वेतन आयोग को लागू कर सभी कर्मचारियों का सम्मान नई बनने वाली भाजपा सरकार करेगी। बंगाल की जनता के मन में भय है कि अगर घुसपैठ इसी प्रकार चलती रही, तो बंगाल का अस्तित्व नहीं बचेगा।
मैं पश्चिम बंगाल की जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि एक बार बंगाल में भाजपा की सरकार बनाइए, हम चुन-चुन कर एक-एक घुसपैठिए को बंगाल से बाहर निकालने का काम करेंगे। हम बंगाल और देश को सुरक्षित करेंगे। टीएमसी का 15 साल का शासन पश्चिम बंगाल के लिए हर प्रकार के संकट का परिचायक रहा है।
इस संकल्प पत्र के आधार पर चलने वाले भाजपा के अगले पांच साल बंगाल के विकास का रास्ता खोलेंगे। जहां मन भयमुक्त हो और सिर गर्व से ऊंचा हो, गुरुवर टैगोर की कल्पना को हम निश्चित रूप से जमीन पर उतारने का प्रयास करेंगे।
कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक फैले पूरे देश में हर तबके, हर धर्म, हर जाति की आकांक्षाओं को संजोकर एक मजबूत, सुरक्षित, शिक्षित और विकसित भारत का स्वप्न पीएम मोदी ने जनता के सामने रखा है और इसे पूरा करने के लिए बीते 12 वर्षों में प्रयास भी किए हैं। विगत 10 वर्षों में भाजपा ने यहां एक रचनात्मक विपक्ष के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है।
आज बंगाल की विधानसभा में हम मुख्य विपक्षी दल के रूप में कार्य कर रहे हैं। इन्हीं 10 वर्षों में, पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लोकाभिमुख शासन कैसे हो सकता है, इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण भी स्थापित किया गया है। बंगाल के लिए, बंगाल की जनता के लिए ये 15 साल कालरात्रि के दुःस्वप्न के समान रहे हैं। बड़ी आशा के साथ, कम्युनिस्ट शासन से मुक्ति पाने के लिए बंगाल की जनता ने ममता दीदी को जनादेश दिया था। “पांच साल कम पड़े हैं” यह कहकर उन्होंने दूसरा जनादेश भी प्राप्त किया। फिर अपने सिंडिकेट, गुंडों और घुसपैठियों के दम पर तीसरा जनादेश भी हासिल किया।
जिन आशाओं के साथ बंगाल की जनता ने ममता दीदी को सत्ता दी थी, वही जनता आज भयभीत है, निराश है और मन से परिवर्तन चाहती है। हल्दिया को पोर्ट-आधारित विकास और ब्लू इकॉनॉमी दोनों का केंद्र बनाने के लिए हम हल्दिया पोर्ट को एक निश्चित रोडमैप के तहत विकसित करेंगे। पीएम किसान सम्मान निधि में हम राज्य की तरफ से अतिरिक्त 3,000 रुपये जोड़ेंगे।
किसानों को सालाना 9,000 रुपये की वित्तीय सहायता देंगे। जो युवा हाल ही में ग्रैजुएट हुए हैं, उन्हें 3,000 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 15,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। पेपर लीक और भ्रष्टाचार के कारण जो युवा योग्यता की आयु सीमा गंवा चुके हैं, उन्हें पांच साल की आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
ताकि वे अपना भविष्य तराश सकें। 2015 से भर्ती न हुए युवाओं को पर्याप्त अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे। वर्षों से पीएम मोदी की सरकार प्रयास कर रही है, लेकिन बाड़ लगाने के लिए टीएमसी सरकार हमें भूमि नहीं दे रही थी। हमने तय किया है कि 45 दिनों के भीतर ही भारत सरकार के गृह मंत्रालय को जितनी भूमि उपलब्ध करानी है, वह उपलब्ध करा दी जाएगी। भारत सरकार के साथ मिलकर नदी-नालों में पेट्रोलिंग की एक नई, आधुनिक तकनीक से युक्त वैज्ञानिक व्यवस्था करेंगे।