लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने कहा कि लगभग 12.5 करोड़ मतपत्र प्राप्त हुए हैं। मृत मतदाताओं की संख्या 46.23 लाख है, और 2.17 करोड़ मतदाता स्थानांतरित हो गए हैं, लापता हैं या अनुपस्थित हैं। 25.47 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं। 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम मसौदे में शामिल नहीं थे। जनवरी 2025 की मतदाता सूची में कुल 15 करोड़ 44 लाख नाम थे। एक जनवरी 2026 को जो भी युवा 18 वर्ष का होगा वह मतदाता बनने का हकदार होगा तो यह संख्या बढ़नी चाहिए लेकिन यह संख्या बढ़ी नहीं, बल्कि घटी है। अब यह 12 करोड़ रह गई है। पात्र लोगों से फार्म संख्या-6 भरवा लें और जो छूट गए हैं, जो एसआईआर के प्रपत्र अभी जमा नहीं हो पाए हैं उनके लिये 12 दिन का समय है।
यह आंकड़ा पूर्व की संख्या 15.44 करोड़ से लगभग दो करोड़ 89 लाख कम है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया के बाद मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी गयी है। इसमें 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता शामिल हैं।
पिछले साल 27 अक्टूबर की मतदाता सूची में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता थे। मसौदा सूची में लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं को गिनती के दौरान शामिल नहीं किया जा सका है। सीईओ ने कहा कि अब मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां छह जनवरी से छह फरवरी तक दर्ज करायी जा सकेंगी।
इस दौरान लोग सूची में नाम शामिल करने, सुधार करने या आपत्ति करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। रिणवा ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि 46.23 लाख मतदाता (2.99 प्रतिशत) मृत पाए गए, जबकि 2.57 करोड़ मतदाता (14.06 प्रतिशत) या तो स्थायी रूप से बाहर चले गये थे या प्रमाणन की प्रक्रिया के दौरान मौजूद नहीं थे।
वहीं, 25.47 लाख अन्य मतदाताओं का नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाया गया। उन्होंने कहा, '' मसौदा मतदाता सूची में अब 12.55 करोड़ मतदाता हैं और इसमें राज्य के सभी 75 जिले और 403 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।'' रिणवा ने बताया कि इस काम में एक लाख 72 हजार 486 बूथ शामिल किये गये थे।
इनमें बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) फार्म भरवाने के लिये मतदाताओं तक पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 5,76,611 बूथ स्तरीय एजेंटों ने भी इस काम में मदद की। सीईओ ने बताया कि प्रदेश में एसआईआर की कवायद मूल रूप से 11 दिसंबर को खत्म होने वाली थी लेकिन लगभग दो करोड़ 97 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से बाहर हो रहे थे।
जिसके बाद 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा गया। इसके मद्देनजर निर्वाचन आयोग की मंजूरी से एसआईआर प्रक्रिया की अवधि 26 दिसंबर तक बढ़ा दी गयी थी। रिणवा ने बताया कि शुरू में मसौदा मतदाता सूची जारी करने की तारीख 31 दिसंबर तय की गई थी लेकिन अपरिहार्य कारणों से बाद में इसे छह जनवरी कर दिया गया।
मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराते समय जिस घर में निवास किया था उसे छोड़ दिया है और स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं, या लापता हैं या अनुपस्थित हैं, या जिन्हें क्षेत्र में बीएलओ द्वारा नहीं खोजा जा सका... 25.47 लाख मतदाता ऐसे थे जिनके नाम मतदाता सूची में एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे... कुल मिलाकर, 2.89 करोड़ नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए।