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आयकर विभाग के जांच के घेरे में उद्धव ठाकरे के पूर्व सलाहकार, 5.33 करोड़ में खरीदे फ्लैट पर विवाद, जानें पूरा मामला

By विनीत कुमार | Updated: July 21, 2021 11:24 IST

महारेरा के चेयरमैन और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सलाहकार रहे आईएएस अधिकारी अजोय मेहता ने पिछले साल एक फ्लैट खरीदा था। इसे लेकर आयकर विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

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ठळक मुद्देअजय मेहता ने पिछले साल नरीमन प्वाइंट में एक फ्लैट 5.3 करोड़ रुपये में खरीदा थाआयकर विभाग के अनुसार इस फ्लैट को एक शेल कंपनी के माध्यम से खरीदा गया थाआयकर विभाग के अनुसार जिस कंपनी से फ्लैट को खरीदा गया, उसका एक स्टेकहोल्डर मुंबई के चॉल में रहता है

मुंबई: महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (महारेरा, MahaRERA) के चेयरमैन अजोय मेहता का मुंबई में मौजूद एक फ्लैट आयकर विभाग की जांच के रडार पर आ गा है। ऐसे आरोप हैं कि इस फ्लैट को शेल कंपनी से खरीदा गया था जिसे केवल बेनामी संपत्ति को रखने के लिए ही बनाया गया था।

अजोय मेहता जुलाई-2020 से इस साल फरवरी में महारेरा के चेयरमैन बनाए जाने तक मुख्यमंत्री उद्दव ठाकरे के मुख्य सलाहकार रहे थे। इससे पहले वे महाराष्ट्र के मुख्य सचिव (मई 2019 से जून 2020) रह चुके हैं। साथ ही मुंबई म्यूनिसिपल कमिश्नर (2015 से 2019) भी रहे हैं।

अजोय मेहता से जुड़ा पूरा मामला क्या है

अजोय मेहता ने मुंबई के नरीमन प्वाइंट में समता कॉपरेटिव हाउसिंह सोसाइटी में पिछले साल अक्टूबर में एक फ्लैट खरीदा था। इसे उन्होंने 5.33 करोड़ में पुणे की कंपनी अनामित्रा प्रोपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड से खरीदा था।

इसके बाद 7 जुलाई को आयकर विभाग ने अनामित्रा प्रोपर्टीज को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा है कि इस कंपनी के दो शेयरहोल्डर हैं और इनकी कमाई बेहद कम है। नोटिस के मुताबिक कंपनी में जिन दो शेयरहोल्डर के नाम हैं, उन्होंने भी इस कंपनी का मालिकाना हक उनके पास होने से इनकार किया है।

नोटिस में आयकर विभाग ने कहा है कि अनामित्रा प्रोपर्टीज का एक शेयर होल्डर कामेश सिंह है जिसके पास कंपनी का 99 प्रतिशत स्टेक है। कामेश मुंबई में एक चॉल में रहता है। वहीं दूसरे स्टेक होल्डर दिपेश रविंद्र सिंह ने 2020-21 में टैक्स रिटर्न में केवल 1.71 लाख की आय दिखाई है।

बताया जा रहा है कि जो प्रोपर्टी अजोय मेहना ने खरीदी है वह अनामित्रा प्रोपर्टीज के पास मई- 2009 से थी और इसकी कीमत तब 4 करोड़ रुपये थी। इसकी खरीद के लिए ये अनामित्रा प्रोपर्टीज नाम से शेल कंपनी बनाई गई थी।

अजोय मेहता ने विवाद पर क्या कहा

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे मामले पर अजोय मेहता ने अखबार से कहा, 'ये पूरी तरह से एक कानूनी डील थी जिसमें सभी नियमों का पालन किया गया और मैंने बाजार मूल्य के आधार पर पैसे चुकाए हैं। मैं टैक्स जमा करता हूं और मुझे नहीं पता कि ये सब बातें कहां से आ गई हैं।' बताते चलें कि अजोय मेहता 1984 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।

टॅग्स :उद्धव ठाकरेमहाराष्ट्रआयकर विभाग
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