लाइव न्यूज़ :

एजेंडे से प्रेरित टीवी चैनल्स प्रतिस्पर्धा के लिए बनाते है सनसनीखेज समाचार, नफरत फैलाने-समाज को बांटने वाले एंकरों को करो ऑफ एयर: सुप्रीम कोर्ट

By आजाद खान | Updated: January 13, 2023 23:21 IST

कोर्ट ने कहा है कि ऐसे टीवी चैनल्स अपने धनदाताओं (मालिकों) के लिए काम करते है। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा है कि ऐसे टीवी चैनल्स समाज में विभाजन पैदा कर रहे है।

Open in App
ठळक मुद्देसुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच के एक मामले में टीवी चैनलों को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा है कि टीवी चैनल्स एजेंडे से प्रेरित होते है। यही नहीं कोर्ट ने नफरत फैलाने वाले एंकर को ऑफ एयर करने की भी बात कही है।

नई दिल्ली: शुक्रवार को हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट ने टीवी चैनलों को जमकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा है कि ऐसे टीवी चैनल किसी एजेंडा से संचालित होते है और ये समाज में विभाजन पैदा करते है। 

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा है कि ऐसे चैनल सनसनीखेज न्यूजों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं और ये अपने धनदाताओं (मालिकों) के लिए काम करते है यानी उनके अनुसार ही वे काम करते है। आपको बता दें कि हेट स्पीच से संबंधित याचिकाओं पर जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ सुनवाई कर रही थी, इस दौरान यह बात कही गई है। 

कोर्ट ने क्या कहा है

मामले में पीठ ने समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण (NBSA) और केंद्र सरकार से सवा पूछा है और कहा है कि टीवी चैनलों द्रारा इस तरह के प्रसारण को कैसे रोका जा सकता है। जस्टिस जोसेफ ने कहा, 'चैनल मुख्यतः एक दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। वे इसे सनसनीखेज बनाते हैं। आप (सरकार और एनबीएसए) इसे कैसे नियंत्रित करते हैं? भाषा और अभिव्यक्ति की आजादी महत्वपूर्ण है।'

कोर्ट ने आगे कहा है कि ऐसे टीवी चैनल्स समाचारों को सनसनीखेज बनाते है और लोगों के सामने जो कुछ भी परोसा जाता है, लोग उसको उपभोग करते है और अपना जीवन को उसी के आधार पर आकार देते है। शीर्ष कोर्ट ने यह भी कहा कि हर किसी मीडिया को यह सोचना चाहिए कि उनके मन में जो कुछ भी है उसे बोलना का अधिकार नहीं है, ऐसा इसलिए क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जिम्मेदारी के साथ आती है। 

कोर्ट ने न्यूज एंकर्स को भी लगाया फटकार 

कोर्ट ने न्यूज एंकर्स को लेकर भी बोला है और कहा है कि 'अगर एंकरों पर जुर्माना हो, तो उन्हें पता चल जाएगा कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी है।' शीर्ष कोर्ट ने कहा है कि जो न्यूज एंकर्स अपने प्रोग्राम में अभद्र भाषा को बढ़ावा देते है और इस में शामिल भी होते है, उन पर कड़ा कदम उठाना चाहिए। 

मामले में जस्टिस ने आगे कहा है कि जो एकंर्स आपत्तिजनक बातें करते है उन्हें प्रोग्राम से ऑफ एयर कर देना चाहिए और संबंधित टीवी चैनल्स पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि जहां तक हो सके आप उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाए जिससे वे ऐसी हरकतों से बाज आ जाए।  

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टटेलीविजन इंडस्ट्रीहेट स्पीच 
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

बॉलीवुड चुस्कीBigg Boss 18 फेम Rajat Dalal की शादी की पहली झलक, इमोशनल मैसेज ने जीता दिल

भारतहिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की?, वादी के पिता ने सीजेआई के भाई को फोन किया, नाराज न्यायाधीश ने कहा- क्या वह मुझे आदेश देंगे?

क्राइम अलर्टगुरुग्राम में 3 साल की बच्ची से बलात्कार?, उच्चतम न्यायालय ने कहा- आयुक्त से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक नाकाम?, कानून का जरा भी सम्मान तो तबादला करो

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?