Toolkit case Disha Ravi grants bail 100,000 with two surety in like amount Patiala House Court | टूलकिट मामलाः दिशा रवि तिहाड़ से रिहा, कोर्ट ने कहा-अधूरे सबूतों पर युवती को जेल में रखना न्याय नहीं...
मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत का दरवाजा खटखटाया। (photo-ani)

Highlightsद्वारका में दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ के कार्यालय में उनसे पूछताछ की गयी।‘टूलकिट’ सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।रवि को दिल्ली पुलिस ने 13 फरवरी को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था।

नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस ने पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने दिशा की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। जज ने 1 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। 

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोशल मीडिया पर किसानों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित टूलकिट साझा करने के मामले में गिरफ्तार जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को आज यह कहकर जमानत दे दी कि पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्य अल्प एवं अधूरे हैं।

26 जनवरी को हुई हिंसाः अदालत ने सरकार को लताड़ते हुए कहा अधूरे सबूतों के आधार पर 22 वर्षीय युवती को जेल में रखना न्याय नहीं, वह भी तब कि जब उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि दिशा रवि के संगठन 'पोयटिक जस्टिस फाउंडेशन' का 26 जनवरी को हुई हिंसा से कोई संबंध साबित नहीं हो सका है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने रवि को एक लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानत भरने पर यह राहत दी। ज्ञात हो स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग द्वारा साझा किए गए ''टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट'' की जांच के मामले में दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरु की कार्यकर्ता दिशा रवि को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने आरोप लगाया था कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के नाम पर भारत में हिंसा और अशांति फैलाने की साजिश के तहत यह टूलकिट तैयार की गई, दिशा रवि को दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ की एक टीम बेंगलुरु से गिरफ्तार कर दिल्ली लाई थी। चार दिन जेल में रहने के बाद उसे 6 दिन पुलिस हिरासत में रखा गया था। अदालत ने कहा वॉट्सऐप ग्रुप बनाना या टूलिकट को एडिट करना कोई अपराध नहीं है।

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को रवि को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। पुलिस ने कहा था कि दिशा का मामले में अन्य आरोपियों निकिता जैकब और शांतनु मुलुक के साथ आमना-सामना कराना है। जैकब और मुलुक सोमवार को जांच में शामिल हुए थे।

पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग द्वारा साझा किए गए ‘‘टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट’’ की जांच के मामले में दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरू की कार्यकर्ता दिशा रवि को गिरफ्तार किया था जबकि जैकब और मुलुक को अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी थी।

पुलिस ने आरोप लगाया था कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के नाम पर भारत में हिंसा और अशांति फैलाने की साजिश के तहत यह टूलकिट तैयार की गयी। केंद्र के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

पुलिस ने कहा था कि सह-आरोपियों निकिता जैकब और शांतनु मुलुक के 22 फरवरी को पूछताछ में शामिल होने के बाद वह रवि को हिरासत में पूछताछ के लिये भेजने की मांग करेगी। बंबई उच्च न्यायालय ने मुलुक को 16 फरवरी को दस दिन के लिए ट्रांजिट जमानत दे दी थी। मुलुक, दिशा रवि और एक अन्य आरोपी निकिता जैकब पर राजद्रोह तथा अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

(इनपुट एजेंसी)

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