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बादल फटने से तीन की मौत, लगातार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त

By भाषा | Updated: July 19, 2021 19:31 IST

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देहरादून, 19 जुलाई उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से एक बालिका और उसकी मां सहित एक परिवार की तीन महिलाओं की मृत्यु हो गयी और एक अन्य व्यक्ति लापता हो गया जबकि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार जारी बारिश और भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्गों सहित अनेक मार्गों के अवरूद्ध होने से सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतकों की आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों को तत्काल अनुमन्य सहायता उपलब्ध कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं ।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि को देखते हुए सतर्क रहने के लिये भी कहा है ।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी क्षेत्र के मांडौ गांव में रविवार देर रात बादल फटने से मलबे में दबकर छह साल की एक बालिका इशु, उसकी मां ऋतु देवी (38)और माधुरी देवी (42) की मृत्यु हो गई ।

जानकारी के मुताबिक घटना में तीन अन्य व्यक्ति घायल भी हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है ।

मांडौ के पास ही स्थित कंकराडी गांव में भी मलबे में एक अन्य व्यक्ति के लापता होने की सूचना है जिसकी तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है ।

घटना की सूचना मिलने के बाद उत्तरकाशी के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मौके का जायजा लिया और अधिकारियों को अतिवृष्टि के कारण खतरे की जद में आए आवासीय भवनों को तत्काल खाली कराने, प्रभावित परिवारों को नजदीकी सरकारी भवनों में पहुंचाने तथा उनके खाने पीने की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए ।

टिहरी जिले के भिलंगना क्षेत्र के मेड गॉव में भी सोमवार की सुबह चार बजे भारी बारिश के बाद बादल फट गया जिससे तीन—चार मकानों में मलबा घुस गया ।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भटट ने बताया कि घनसाली में हुई घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ है जबकि किसी जन या पशुहानि की कोई सूचना नहीं है । हांलांकि, राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया है ।

उधर, प्रदेश के ज्यादातर स्थानों पर पिछले तीन दिनों से रूक—रूक कर लगातार जारी बारिश से गंगा, यमुना, भागीरथी, अलकनंदा, मंदाकिनी, पिंडर, नंदाकिनी,टोंस, सरयू, गोरी, काली, रामगंगा आदि सभी नदियां उफान पर हैं जिनकी सतत निगरानी की जा रही है ।

अनेक स्थानों पर भारी बारिश से भूस्खलन होने से राष्ट्रीय राजमार्गों सहित दर्जनों मार्ग यातायात के लिए अवरूद्ध हो गए हैं जिन्हें खोलने के प्रयास जारी हैं । ऋषिकेश—यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग खरादी में, ऋषिकेश—बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सीरोबगड और नरकोटा में जबकि ऋषिकेश—केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग रामपुर—सीतापुर के मध्य मलबा आने से अवरूद्ध है ।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हो रही अतिवृष्टि को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए उन्हें किसी भी दैवीय आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है ।

उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र का भी आकस्मिक निरीक्षण किया और वहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को आपदा की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा ।

उन्होंने कहा कि आपदा से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाए और आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित किया जाए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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