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इन 13 तरीकों से 40 फीसदी कम होगा वायु प्रदूषण, बचाई जा सकती हैं 9 लाख जिंदगियां

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: June 1, 2018 01:44 IST

इस रिपोर्ट में प्रदूषण के विभिन्न कारणों से निपटने के लिए बनी नीतियों का विश्लेषण किया गया है।  

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नई दिल्ली, 1 जून: अमेरिका की लुसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी (एलएसयू) की एक नई रिपोर्ट में ऐसे 13 तरीकों के बारे में बताया गया है जिससे देश में वायु प्रदूषण की समस्या को 40 फीसदी तक कम किया जा सकता है। अगर इन दावों को माने तो दिल्ली सहित उत्तर भारत के पीएम 2.5 स्तर को 50 से 60 फीसदी तक कम भी किया जा सकता है। इसके साथ ही वायु प्रदूषण से होने वाली बिमारिओं से हर साल होने वाली 9 लाख लोगों को मरने से बचाया जा सकता है। 

ग्रीनपीस के सीनियर कैंपेनर सुनील दहिया ने बताया 'हम लोग पहली बार विस्तृत और व्यावहारिक नीतियों को सामने रख रहे हैं जिससे सर्दियों में उत्तर भारत के वायु प्रदूषण को घटाकर आधा कम किया जा सकता है। हम पर्यावरण मंत्रालय से गुजारिश करते हैं कि वे इन उपायों को स्वच्छ वायु के लिये तैयार हो रहे राष्ट्रीय कार्ययोजना में शामिल करे और पावर प्लांट के लिये दिसंबर 15 में अधिसूचित उत्सर्जन मानकों को कठोरता से पालन करे। साथ ही अधिक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कठोर मानकों को लागू करके प्रदूषण नियंत्रित करे।' इस रिपोर्ट में प्रदूषण के विभिन्न कारणों से निपटने के लिए बनी नीतियों का विश्लेषण किया गया है जिसमें थर्मल पावर प्लांट (चालू, निर्माणाधीन और नये पावर प्लांट), मैन्यूफैक्चरिंग उद्योग, ईंट भट्ठी, घरों में इस्तेमाल होने वाले ठोस ईंधन, परिवहन, पराली को जलाना, कचरा जलाना, भवन-निर्माण और डीजल जनरेटर का इस्तेमाल जैसी बातें शामिल हैं।  इस रिपोर्ट के तैयार करने वाले  होंगलियांग जेंग ने कहा 'हमारे रिसर्च के बताते हैं कि थर्मल पावर प्लांट के उत्सर्जन को कम करके, औद्योगिक ईकाइयों के उत्सर्जन मानको को मजबूत बनाकर और घरों में कम जिवाश्म ईंधन जलाकर, ईंट भट्टियों को जिग-जैग पद्धति में शिफ्ट करके तथा वाहनों के लिये कठोर उत्सर्जन मानक लागू करके वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है। हालांकि 13 उपायों के साथ-साथ एक व्यापक योजना बनाकर ही वायु प्रदूषण को 40 फीसदी तक कम किया जा सकता है और हर साल होने वाले 9 लाख लोगों की मौत से बचा जा सकता है।”

सुनील आगे कहा 'इस रिपोर्ट में शामिल नीतियों के विश्लेषण से भारत के स्वच्छ वायु आंदोलन को बड़ी मदद मिलेगी। अगर पर्यावरण मंत्रालय लोगों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है तो उसे जल्द से जल्द राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में क्लीन एयर कलेक्टिव के सुझावों के साथ-साथ एलएसयू द्वारा इस रिपोर्ट में शामिल 13 उपायों को भी शामिल करना चाहिए, जिससे सच में भारत की हवा को साफ बनायी जा सके।'

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