लाइव न्यूज़ :

पूर्वी क्षेत्र में 70 अरब डॉलर के निवेश की संभावनाएं देख रहा है इस्पात मंत्रालय

By भाषा | Updated: January 11, 2020 19:33 IST

राष्ट्रीय इस्पातनीति 2017 में 2030 तक इस्पात उत्पादन क्षमता 30 करोड़ टन वार्षिक करने का लक्ष्य है। इसमें से 20 करोड़ टन पूर्वी क्षेत्र से आ सकता है। उद्योग मंडल सीआईआई द्वारा आयोजित इस समारोह में प्रधान ने कहा, ‘‘आज भी देश में सालाना 14 करोड़ टन के इस्पात उत्पादन में नौ करोड़ टन पूर्वी क्षेत्र में हो रहा है।’’

Open in App
ठळक मुद्देइस्पात मंत्रालय देश के पूर्वी क्षेत्र में इस्पात उद्योग से जुड़ी परियोजनाओं में कुल मिला कर 70 अरब डॉलर के निवेश की संभावनाएं देख रहा हैकंपनी ने 2023-24 तक वर्षिक कोयला उत्पादन 90 करोड़ टन तक करने का लक्ष्य रखा है।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि इस्पात मंत्रालय देश के पूर्वी क्षेत्र में इस्पात उद्योग से जुड़ी परियोजनाओं में कुल मिला कर 70 अरब डॉलर के निवेश की संभावनाएं देख रहा है। उनकी राय में ये परियोजनाएं क्षेत्र में विकास की गति तेज करेंगी। प्रधान यहां ‘पूर्वोदय’ कार्यक्रम के उद्घाटन के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तरी आंध प्रदेश, झारखंड और ओडिशा के पिछड़े जिलों के विकास के लिये इन इलाकों में इस्पात उद्योग की परियोजनाओं का बड़ा योगदान हो सकता है। उन्होंने कहा कि पूर्वी क्षेत्र में कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे खनिज प्रचूर मात्रा में उपलब्ध हैं। इस कारण इस क्षेत्र में इस्पात उद्योग के विकास की बड़ी संभावना है।

इस सूची में बिहार को भी शामिल किया जा सकता है। राष्ट्रीय इस्पातनीति 2017 में 2030 तक इस्पात उत्पादन क्षमता 30 करोड़ टन वार्षिक करने का लक्ष्य है। इसमें से 20 करोड़ टन पूर्वी क्षेत्र से आ सकता है। उद्योग मंडल सीआईआई द्वारा आयोजित इस समारोह में प्रधान ने कहा, ‘‘आज भी देश में सालाना 14 करोड़ टन के इस्पात उत्पादन में नौ करोड़ टन पूर्वी क्षेत्र में हो रहा है।’’

इस अवसर पर इस्पात मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव रसिका चौबे ने कहा कि पूर्वोदय कार्यक्रम में पूर्वी अंचल में बुनियादी ढांचे और माल लाने-ले जाने की सुविधा की कमी दूर करने की पहल भी होगी। उन्होंने कहा कि भारत को 2024-25 तक 5 हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने में पूर्वात्तर क्षेत्र ‘ बहुत सहज और संभावनापूर्ण स्थिति में है।’’ कोल इंडिया के चेयरमैन अनिल झा ने कहा, उनकी कंपनी प्रयासरत है कि देश में कोयले के आयात की आवश्यकता कम से कम रह जाए।

कंपनी ने 2023-24 तक वर्षिक कोयला उत्पादन 90 करोड़ टन तक करने का लक्ष्य रखा है। अभी उत्पादन स्तर 60.7 करोड़ टन है। सरकारी इस्पात उपक्रम सेल के चेयरमैन ए.के. चौधरी ने कहा कि उनकी कंपनी के पूर्वी क्षेत्र में पांच कारखाने हैं। उनमें दो करोड़ टन उत्पादन हो रहा है। इंडियन ऑयल के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा कि तेल-गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से इस्पात की मांग और खपत बढ़ेगी। 

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

क्रिकेटबेंगलुरु में छक्कों की बौछार के बीच, टिम डेविड की विस्फोटक पारी से CSK के खिलाफ RCB ने बनाया 250/3 का विशाल स्कोर

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

क्राइम अलर्टपंजाब पुलिस ने सीमा पार से मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 2 गिरफ्तार, 4.13 किलोग्राम हेरोइन बरामद

भारत अधिक खबरें

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

भारतबिहार में CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग को लेकर महिलाओं ने शुरू किया सत्याग्रह