Thane: शिवसेना (उबाठा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के गठबंधन ने ठाणे महानगरपालिका चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है जिसमें शहर के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा में बड़े सुधारों का वादा किया गया है। साथ ही, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सत्तारूढ़ शिवसेना के कामकाज की आलोचना की गई है। आगामी 15 जनवरी को होने वाले चुनावों के लिए सोमवार को घोषणापत्र जारी करने के बाद शिवसेना (उबाठा) नेता और पूर्व सांसद राजन विचारे ने संवाददाताओं से कहा कि 2017 के चुनावी वादों में से 60 प्रतिशत काम अब भी अधूरे हैं।
2017 में अविभाजित शिवसेना ठाणे महानगरपालिका में सत्ता में आई थी। शिवसेना (उबाठा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) गठबंधन के इस घोषणापत्र में ठाणे की ट्रैफिक समस्या को सुलझाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। इसमें अंतरराष्ट्रीय तकनीक से ऐसी सड़कें बनाने का वादा किया गया है जिनकी 15 साल की गारंटी होगी।
काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर भारी जुर्माना लगाने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की बात भी कही गई है। गठबंधन ने वादा किया है कि गायमुख से साकेत-खारेगांव तटीय सड़क, ठाणे-बोरीवली सब-वे और कोपरी व पाटनी रोड के बीच खाड़ी पर नये पुल के काम में तेजी लाई जाएगी।
इसके अलावा, घोड़बंदर रोड के किनारे सर्विस रोड का काम पूरा करने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नये पार्किंग बनाने की योजना है। 'टैंकर माफिया' को खत्म करने और पानी की किल्लत दूर करने के लिए गठबंधन ने शहर में 1,116 एमएलडी पानी लाने और महानगरपालिका का अपना अलग बांध बनाने का लक्ष्य रखा है।
खारे पानी को पीने योग्य बनाने के लिए 200 मेगालीटर का संयंत्र स्थापित करने और पुराने कुओं व झीलों को पुनर्जीवित करने की योजना भी पर्यावरण संरक्षण रणनीति का हिस्सा है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए घोषणापत्र में 'धर्मवीर मोर्बिड सर्विस' के जरिए जेनेरिक दवाएं और टेलीमेडिसिन सुविधाएं देने का वादा किया गया है।
साथ ही एक आधुनिक कैंसर अस्पताल, बाइक एम्बुलेंस और कलवा के छत्रपति शिवाजी अस्पताल जैसी सुविधाओं में सुधार का भरोसा दिया गया है। शिवसेना (उबाठा) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे जल्द ही ठाणे में एक संयुक्त रैली करेंगे।