लाइव न्यूज़ :

दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश, टूर आपरेटर के आवेदन पर छह हफ्तों में विचार करे केंद्र सरकार

By भाषा | Updated: July 12, 2019 18:13 IST

दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी एस सिस्तानी और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने याचिकाकर्ता के टी सी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के दावों पर विचार करते हुए यह फैसला दिया।

Open in App
ठळक मुद्देदिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को वाणिज्यक यात्रा और टूर ऑपरेटर द्वारा अपने वाहनों में गति नियंत्रक (स्पीड गवर्नर) लगाने के लिए समय सीमा बढ़ाने के आवेदन पर छह हफ्तों में निर्णय करने का निर्देश दिया है।पीठ ने कहा, ‘‘हम यह स्पष्ट करते हैं कि हमने मामले के गुणों पर कोई राय व्यक्त नहीं की है। यदि किसी कठोर कार्रवाई पर विचार किया जाता है, तो याचिकाकर्ता कानून के अनुसार उपयुक्त उपाय तलाशने के लिए मुक्त होगा।’’ याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय को बताया कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 118 में 2016 में संशोधन करते हुए व्यावसायिक वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना आवश्यक किया गया था।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को वाणिज्यक यात्रा और टूर ऑपरेटर द्वारा अपने वाहनों में गति नियंत्रक (स्पीड गवर्नर) लगाने के लिए समय सीमा बढ़ाने के आवेदन पर छह हफ्तों में निर्णय करने का निर्देश दिया है। दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी एस सिस्तानी और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने याचिकाकर्ता के टी सी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के दावों पर विचार करते हुए यह फैसला दिया।केटीसी ने कहा था कि अनुमोदित गति नियंत्रक बाजार में उपलब्ध नहीं है। पीठ ने कहा, ‘‘हम यह स्पष्ट करते हैं कि हमने मामले के गुणों पर कोई राय व्यक्त नहीं की है। यदि किसी कठोर कार्रवाई पर विचार किया जाता है, तो याचिकाकर्ता कानून के अनुसार उपयुक्त उपाय तलाशने के लिए मुक्त होगा।’’याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय को बताया कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 118 में 2016 में संशोधन करते हुए व्यावसायिक वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना आवश्यक किया गया था। आपरेटरों के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अनुमोदित गति नियंत्रक बाजार में उपलब्ध नहीं है और इस वजह से इस नियम का अनुपालन व्यवसायिक वाहनों के मालिकों द्वारा नहीं किया जा सकता है।इसके परिणामस्वरूप याचिकाकर्ता ने केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष एक आवेदन दिया और इस पर विचार करने के बाद, 31 मार्च, 2018 तक इससे छूट दी गई। अधिकवक्ता ने अदालत को बताया कि स्थिति में अब भी कोई बदलाव नहीं आया है लेकिन ताजा आवेदन देने के बावजूद छूट की समय सीमा नहीं बढायी गयी। 

टॅग्स :दिल्ली हाईकोर्टएनडीए सरकार
Open in App

संबंधित खबरें

बॉलीवुड चुस्कीरिलीज के 20 साल बाद?, रैपर यो यो हनी सिंह और बादशाह के 'अश्लील और अपमानजनक' गाने को हटाने का निर्देश, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा-‘अंतरात्मा पूरी तरह से झकझोर’ दी?

भारतदिल्ली हाईकोर्ट ने तमिल मीडिया हॉउस 'नक्कीरन' को ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री हटाने को कहा

भारतदिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया समेत 12 लोगों को जारी किया नोटिस, आबकारी नीति मामले में सीबीआई ने दायर की याचिका

क्राइम अलर्टविवाह का वादा कर शारीरिक संबंध बनाना और कुंडली मिलान न होने के कारण शादी से इनकार पर लागू होगी धारा 69

भारतघर के बगल में सार्वजनिक मूत्रालय और कूड़ेदान का होना संविधान के तहत स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार का उल्लंघन?

भारत अधिक खबरें

भारतये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है..., राघव चड्ढा ने AAP के खिलाफ किया नया वीडियो जारी

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत

भारतKotma Building Collapses: 4 मंजिला इमारत हुई जमींदोज, 2 लोगों की मलबे में दबकर मौत; कई अब भी फंसे

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस