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गलवान घाटी में शहीद हुए जवान गुरबिंदर सिंह की इस साल होनी थी शादी, 15 दिन पहले घरवालों से की थी बात

By भाषा | Updated: June 18, 2020 05:31 IST

भारत-चीन सीमा विवाद: पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए। पिछले पांच दशक से भी ज्यादा समय में सबसे बड़ी सैन्य झड़प के कारण क्षेत्र में सीमा पर पहले से जारी गतिरोध और भड़क गया है।

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ठळक मुद्देगलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में शहीद हुए 20 सैन्यकर्मियों में 22 वर्षीय गुरबिंदर भी शामिल हैं। गुरबिंदर सिंह 2018 में सेना में शामिल हुए थे और वह 3 पंजाब रेजीमेंट के साथ थे।

चंडीगढ़: पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए सिपाही गुरबिंदर सिंह के रिश्तेदार जगसीर सिंह ने बताया कि गुरबिंदर की पिछले साल सगाई हुई थी और इस साल उनकी शादी की योजना थी। जगसीर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि गुरबिंदर की पिछले साल सगाई हुयी थी और ‘‘जब वह छुट्टी पर आने वाले थे तो इस साल उसकी शादी की योजना थी।’’ लेकिन अब संगरूर की सुनाम तहसील के तोतावल गांव में उनका पार्थिव शरीर गुरुवार (18 जून) को लाया जायेगा।

20 शहीदों में से चार सैनिक पंजाब के थे

गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में शहीद हुए 20 सैन्यकर्मियों में 22 वर्षीय गुरबिंदर भी शामिल हैं। शहीद होने वाले चार सैनिक पंजाब के थे। अन्य तीन नायब सूबेदार सतनाम सिंह (गुरदासपुर), नायब सूबेदार मंदीप सिंह (पटियाला) और सिपाही गुरतेज सिंह (मनसा) हैं। उनके बड़े भाई गुरप्रीत सिंह ने कहा, ‘‘हमें आज सुबह साढ़े छह बजे एक कॉल मिली कि गुरबिंदर सिंह शहीद हो गये हैं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि गुरबिंदर सिंह 2018 में सेना में शामिल हुए थे और वह 3 पंजाब रेजीमेंट के साथ थे। उनके परिवार में माता-पिता, एक भाई और एक बहन हैं। उसने लगभग 15 दिन पहले फोन पर उनसे बात की थी।

शहीद के पिता ने कहा- मुझे उसपर गर्व है

गुरदासपुर के भोजराज गांव के रहने वाले नायब सूबेदार सतनाम सिंह (41) का परिवार शोकाकुल है। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी, एक बेटी और बेटा हैं। वह 1995 में सेना में शामिल हुए थे। सतनाम के पिता जागीर सिंह ने कहा, ‘‘वह एक महान शहीद हैं और मुझे उन पर गर्व है। उन्होंने आखिरी बार सोमवार को हमसे बात की थी लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह उनकी आखिरी कॉल थी।’’

पटियाला की राजपूरा तहसील के रहने वाले 39 वर्षीय नायब सूबेदार मंदीप सिंह का परिवार शोक में है। मंदीप के परिवार में उनकी 65 वर्षीय मां शकुंतला, पत्नी गुरदीप कौर और तीन बहनें हैं। गुरदीप कौर ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले उनसे बात की थी। मंदीप सिंह दिसम्बर 1997 में सेना में शामिल हुए थे। पंजाब से चौथा सैनिक सिपाही गुरतेज सिंह (22) हैं जो मनसा जिले के बीरे वाला डोगरा गांव के रहने थे। 

टॅग्स :पंजाबचीनलद्दाख
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