लाइव न्यूज़ :

शशि थरूर ने पीएम मोदी के संबंध में लिखा ऐसा शब्द, अर्थ ढूंढ़ने को डिक्‍शनरी लेकर बैठे लोग

By जनार्दन पाण्डेय | Updated: October 11, 2018 12:52 IST

Shashi Tharoor's 'THE PARADOXICAL PRIME MINISTER': दिग्गज कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पीएम मोदी के इर्द-गिर्द लिखी गई अपनी किताब के बारे में बताया है कि इसमें उन्होंने फ्लोक्सिनॉसिनिहिलिपिलिफिकेशन ( floccinaucinihilipilification) पर काफी मेहनत की है।

Open in App

दिग्गज कांग्रेस नेता शशि थरूर एक बार फिर से अपनी अंग्रेजी को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उनकी किताब 'द पेराडॉक्सियल प्राइम मिनिस्टर' आई है। इसी किताब के लॉन्च हो जाने को लेकर उन्होंने एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने एक ऐसा अंग्रेजी शब्द लिखा, जिसको लेकर ना केवल ट्व‌िटर यूजर बल्कि जिसको भी पता चल रहा है वह ‌डिक्‍शनरी में इसका मतलब ढूंढने जा रहा है।

लेकिन अहम बात यह है कि कई डिक्‍शनरी में भी इसके मायने नहीं नहीं मिल रहे हैं। यह शब्द है- floccinaucinihilipilification (फ्लोक्सिनॉसिनिहिलिपिलिफिकेशन)। शशि थरूर ने अपने एक ट्वीट में लिखा- मेरी नई किताब, द पेराडॉक्सियल प्राइम मिनिस्टर, में 400 पन्नों के अलावा फ्लोक्सिनॉसिनिहिलिपिलिफिकेशन पर काफी परिश्रम किया है। इसे जल्द ऑर्डर कर लीजिए, इसे जानने के लिए।

तभी यूजर्स और तमाम मीडिया हाउसेज में इसक शब्द के अर्थ को लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं। एनडीटीवी के मुताबिक इस शब्द के मायने होते हैं- गलत-सही से परे किसी भी बात पर आलोचना करने की आदत।

यानी कि किसी भी मसले को समीक्षात्मक रवैये देखना और उसके बाद अपनी आलोचनात्मक राय बनाना।

लेकिन इस ट्वीट के बाद लोगों ने शशि थरूर को इस शब्द के इस्तेमाल के लिए जमकर ताने मारने शुरू कर दिए। कई यूजर्स ने शशि को लिखा कि उन्हें इस शब्द के साथ ऑस्कफोर्ड ‌डिक्शनरी का वह पन्ना भी अटैच करना चाहिए था जिसमें इसके मायने लिखे हो।

वहीं कुछ ने व्यंग करते हुए कहा कि मुझे उम्मीद है कि इस शब्द के मायने मुफ्त उपलब्‍ध डिक्‍शनरीज में मिल जाएंगे। असल में आज गूगल व स्मार्ट फोन के जमाने में अनगिनत ‌डिक्‍शनरियां उपलब्‍ध हैं। लेकिन उनमें ज्यादातर में प्रचलित शब्दों ही मिलते हैं। अगर आप किसी खास शब्द को ढूंढ़े तो मुश्किल होते हैं।

इसलिए लोगों ने शशि थरूर से ऐसे सवाल पूछे कि क्या आपकी किताब के साथ हमें एक डिक्‍शनरी भी खरीदने की जरूरत पड़ेगी।

हालांकि यह पहला मौका नहीं है, जब शशि थरूर की ओर से बोले-लिखे गए शब्दों पर जनता अटकी है या उसे ‌डिक्‍शनरी उठानी पड़ी है। शशि थरूर पहले भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल अपने संसदीय भाषा में भी इस्तेमाल करते रहे हैं, जिसके मायने समझने में सांसदों के भी पसीने छूटे हैं।

टॅग्स :शशि थरूरनरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

भारत अधिक खबरें

भारत'वे बंगाल को खत्म करना चाहते हैं': ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना, चुनावों से पहले किसानों के लिए अलग से बजट का वादा किया

भारतIST की जगह 'महाकाल मानक समय'? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गणना ढांचे पर पुनर्विचार का दिया प्रस्ताव

भारतबिहार से दिल्ली तक की नई पारी, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, पूरी डिटेल यहां

भारतये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है..., राघव चड्ढा ने AAP के खिलाफ किया नया वीडियो जारी

भारतWest Asia Conflict: युद्धग्रस्त ईरान में फंसे 345 भारतीय, आर्मेनिया के रास्ते वतन लौटे; भारत की कूटनीतिक जीत