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टीकरी सीमा पर रोहतक रोड यातायात के लिए खुला, अन्य आंदोलन स्थल खाली करने का काम जारी

By भाषा | Updated: December 12, 2021 19:50 IST

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नयी दिल्ली, 12 दिसंबर दिल्ली की सीमाओं पर साल भर के आंदोलन के बाद किसानों के घर लौटने के एक दिन बाद रोहतक रोड के टीकरी बॉर्डर मार्ग को रविवार को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया, जबकि राष्ट्रीय राजधानी के गाजीपुर और सिंघू सीमाओं पर आंदोलन स्थलों को खाली करने का काम चल रहा है।

पुलिस के अनुसार, रोहतक रोड पर एक तरफ लगाए गए बैरिकेड को अक्टूबर में यातायात की आवाजाही के लिए हटा दिया गया था। उन्होंने कहा कि इसके दूसरी तरफ, जहां किसान आंदोलन कर रहे थे, रविवार को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह से बैरिकेड हटा दिये।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसानों के जाने के बाद रोहतक रोड पर लगे बहुस्तरीय अवरोधकों को पूरी तरह से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘रास्ते में कोई रुकावट नहीं है। सड़क के दोनों किनारे वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से खुले हैं।’’

मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान, तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में और इन कानूनों को वापस लिये जाने की मांग को लेकर पिछले साल 26 नवंबर को बड़ी संख्या में दिल्ली की सीमाओं पर एकत्र हुए थे।

संसद में गत 29 नवम्बर को इन कानूनों को निरस्त करने तथा बाद में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी के लिए एक पैनल गठित करने सहित विभिन्न मांगों के सरकार द्वारा मान लिये जाने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की थी।

किसान नेताओं के अनुसार, सिंघू सीमा स्थल को 95 प्रतिशत से अधिक खाली कर दिया गया है और रविवार को किसान समूहों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) द्वारा सफाई अभियान शुरू किया गया है।

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के एक प्रतिनिधि ने कहा, ‘‘ सिंघू बॉर्डर पर सफाई का काम चल रहा है। बीस से अधिक जेसीबी और 100 से अधिक स्वयंसेवी यहां अथक प्रयास कर रहे हैं ताकि इस स्थल को जल्द से जल्द खाली किया जा सके।’’

उन्होंने कहा कि सीमा से बैरिकेड, बोल्डर और कंटीले तारों की परतें हटाई जा रही हैं।

एक अन्य किसान नेता और आंदोलन की अगुवाई कर रहे एसकेएम के सदस्य अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि सिंघू सीमा आंदोलन स्थल को 95 प्रतिशत से अधिक खाली कर दिया गया है।

कोहाड़ ने कहा, ‘‘कई संगठन वहां सफाई की कवायद में लगे हुए हैं। कुछ लंगर और एक-दो तंबू को छोड़कर, सिंघू बॉर्डर पर अधिकांश आंदोलन स्थल को खाली कर दिया गया है। लंगर सफाई के काम में लगे स्वयंसेवियों के लिए हैं। आज रात तक इस मार्ग के पूरी तरह से खाली हो जाने की संभावना है।’’

टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन स्थल पर सभी तंबू और अवरोधक हटा लिये गये हैं। टीकरी बॉर्डर के एक किसान नेता ने कहा, ‘‘बैरिकेड और अन्य अवरोधकों को हटा दिया गया है। रोहतक रोड उपयोग के लिए तैयार है।’’

गाजीपुर सीमा पर आधे से ज्यादा किसान आंदोलन स्थल खाली कर अपने मूल स्थानों की ओर रवाना हो गए हैं। शेष तंबू को हटाने की प्रक्रिया चल रही है।

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के सदस्य और किसान अतुल त्रिपाठी ने कहा, ‘‘आंदोलन के दौरान कब्जे वाली सड़कों में से एक पर एक मंच को हटा दिया गया है। सड़क के शेष हिस्से को भी यातायात की आवाजाही के लिए खाली कर दिया जाएगा। ज्यादातर किसान पहले ही जा चुके हैं, जबकि बीकेयू से जुड़े लोग अभी भी यहां हैं और वे 15 दिसंबर तक चले जायेंगे।’’

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सिंघू बॉर्डर पर सड़कों को खाली करने का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम तक सड़कें वाहनों के आवागमन के लिए खोल दी जाएंगी।

अधिकारी ने कहा कि गाजीपुर बॉर्डर पर सभी किसानों के जाने के बाद ही सड़कें पूरी तरह से खाली होंगी। जानकारी के अनुसार 15 दिसंबर तक सीमा स्थल को पूरी तरह खाली कर दिया जाएगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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