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धौलीगंगा में पानी बढने से रूका बचाव अभियान फिर शुरू

By भाषा | Updated: February 11, 2021 20:21 IST

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तपोवन, 11 फरवरी धौलीगंगा नदी में बृहस्पतिवार को जलस्तर बढ़ने से तपोवन-विष्णुगाड परियोजना की सुरंग में फंसे 25-35 लोगों के बचाव अभियान में कुछ देर की रूकावट आयी हालांकि, इसे जल्द ही बहाल कर दिया गया। आपदा प्रभावित क्षेत्र से एक और शव मिलने के साथ अब तक 35 शव बरामद हो चुके हैं और 169 अन्य अब भी लापता हैं।

चमोली के अपर जिला सूचना अधिकारी रवींद्र नेगी ने बताया कि धौलीगंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण रूका बचाव अभियान दोबारा शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि बचाव दलों द्वारा सुरंग में फिर से मलबा हटाने तथा ड्रिलिंग का काम शुरू कर दिया गया है।

इससे पहले, राज्य के चमोली जिले में रविवार को आई आपदा के बाद से लगातार सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चला रही सेना, आइटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम के बचाव कर्मियों को दोपहर बाद धौलीगंगा के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने के कारण सुरंग से बाहर निकलना पड़ा।

धौलीगंगा के जलस्तर में वृद्धि की सूचना आते ही संयुक्त बचाव अभियान के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा संवाददाता सम्मेलन भी बीच में ही रोकना पड़ा।

सुरंग के अंदर कार्य कर रहे बचावकर्मियों और बुलडोजर तथा जेसीबी जैसी भारी मशीनों को बाहर निकालना पड़ा और तत्काल क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया जिससे लोग सुरक्षित स्थानों पर जा सकें।

इससे क्षेत्र में अफरातफरी फैल गयी। हालांकि, कुछ ही देर में नदी में जलस्तर सामान्य हो गया।

इससे पहले, बचाव अभियान में लगे अधिकारियों ने बताया कि बचाव कार्य जारी है और उनकी प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा लोगों का जीवन बचाने के लिए हर संभव प्रयास करना है।

सुरंग के अंदर चार दिन से अधिक समय से फंसे लोगों की सुरक्षा के बारे में पूछे जाने पर एक अधिकारी ने कहा कि वह इस संबंध में कोई अनुमान नहीं लगा सकते लेकिन कहा कि ‘‘हम सब प्रार्थना करते हैं कि वे सब सुरक्षित हों।’’

उन्होंने कहा कि संसाधनों की कोई कमी नहीं है और लोगों को बचाने के लिए विभिन्न एजेंसियों द्वारा किये जा रहे प्रयास निर्बाध रूप से जारी रहेंगे।

इस बीच, चमोली की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने कहा कि बृहस्पतिवार को चमोली के गौचर क्षेत्र से एक और शव बरामद किया गया। इससे आपदा में अब तक मिलने वाले शवों की संख्या 35 हो गई जबकि 169 लोग अब भी लापता हैं। इन लापता लोगों में वे 25-35 लोग भी शामिल हैं जो तपोवन सुरंग में फंसे हुए हैं।

उधर, स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंची प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को तपोवन सुरंग में फंसे लोगों के परिजनों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।

सुरंग में फंसे अपने सगे संबंधियों के बाहर आने का पिछले चार दिनों से इंतजार कर रहे लोग राज्यपाल के सामने रो पड़े और बचाव अभियान को तेज करवाने के लिए उनसे दखल देने का आग्रह किया।

राज्यपाल ने उन्हें धीरज रखने को कहा और बताया कि आपदा के बाद से ही सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘विभिन्न एजेंसियों द्वारा लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। आप लोगों को भी तसल्ली रखनी पड़ेगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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