लाइव न्यूज़ :

Republic Day 2026: क्यों दी जाती है 21 तोपों की सलामी? कैसे होता है तोपों का इस्तेमाल; जानें इसके पीछे की असल कहानी

By अंजली चौहान | Updated: January 10, 2026 06:05 IST

Republic Day 2026: सबसे पहले डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 21 तोपों की सलामी दी गई थी

Open in App

Republic Day 2026:भारत ने 26 जनवरी, 1950 को संविधान को अपनाने के साथ ही खुद को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक और गणराज्य घोषित किया। उस दिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 21 तोपों की सलामी और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ भारतीय गणराज्य के ऐतिहासिक जन्म की घोषणा हुई। इसके बाद 26 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया और इसे भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में मान्यता दी गई। हर साल 2026 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। हर साल इस दिन को बड़ी ही भाव्यता के साथ सेलिब्रेट किया जाता है। भले ही सरकारें बदलती रहें लेकिन गणतंत्र दिवस की परंपरा नहीं बदलती। इसी में से एक है गणतंत्र दिवस पर 21 तोपों की सलामी देना। 

21 तोपों की सलामी केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सैन्य अनुशासन, गणितीय सटीकता और इतिहास का एक अद्भुत संगम है।

आइए जानते हैं कैसे कब दी जाती है 21 तोपों की सलामी

सलामी की प्रक्रिया

21 तोपों की सलामी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इसकी टाइमिंग है। यह सलामी राष्ट्रगान की अवधि के साथ पूरी तरह तालमेल में होती है।

राष्ट्रगान की अवधि 52 सेकंड होती है। सलामी की प्रक्रिया भी ठीक 52 सेकंड में ही पूरी की जाती है।

पहली तोप राष्ट्रगान शुरू होते ही दागी जाती है और आखिरी तोप राष्ट्रगान समाप्त होने पर। तोपों के बीच का अंतराल लगभग 2.25 सेकंड रखा जाता है ताकि 52 सेकंड में 21 राउंड पूरे हो सकें।

क्या आप जानते हैं कि इसमें असली गोले नहीं दागे जाते? केवल ब्लैंक कार्ट्रिज का इस्तेमाल होता है, जिससे केवल तेज आवाज और धुआं निकलता है।

कौन सी तोपें इस्तेमाल होती हैं?

भारतीय सेना ने अब इस परंपरा में 'आत्मनिर्भर भारत' की झलक दिखाई है: पिछले कुछ वर्षों से ब्रिटिश काल की पुरानी '25-पाउडर' तोपों की जगह भारत में बनी 105mm Light Field Guns का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ये तोपें वजन में हल्की और चलाने में अधिक सटीक हैं। 2023 के गणतंत्र दिवस के बाद से इन्हें ही आधिकारिक तौर पर इस सम्मान के लिए चुना गया है।

कितनी तोपों का होता है इस्तेमाल?

अक्सर लोग समझते हैं कि इसके लिए 21 तोपें खड़ी की जाती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।

इस सलामी के लिए 8 तोपें तैनात की जाती हैं।

इनमें से 7 तोपें बारी-बारी से फायरिंग करती हैं (प्रत्येक तोप से 3 राउंड), जिससे कुल 21 राउंड पूरे होते हैं।

8वीं तोप को 'रिजर्व' में रखा जाता है, ताकि अगर किसी तकनीकी खराबी के कारण कोई तोप फायर न कर पाए, तो बैकअप तैयार रहे।

ऐतिहासिक प्रोटोकॉल 

यह परंपरा 16वीं शताब्दी की नौसैनिक परंपरा से आई है।

पुराने समय में जब कोई युद्धपोत किसी बंदरगाह पर पहुंचता था, तो वह अपनी तोपों को खाली कर देता था। यह इस बात का सबूत होता था कि उसका इरादा हमला करने का नहीं है (क्योंकि उस समय तोपों को दोबारा लोड करने में बहुत समय लगता था)।

ब्रिटिश जहाजों पर आमतौर पर 7 तोपें होती थीं। समुद्री किलों के पास अधिक गोला-बारूद होता था, इसलिए वे जहाज के प्रत्येक 1 गोले के जवाब में 3 गोले दागते थे (7 गुणा 3 = 21)। यहीं से '21' की संख्या सम्मान का मानक बन गई।

किसे मिलती है कितनी सलामी?भारत में गन सैल्यूट का एक सख्त पदानुक्रम (Hierarchy) है: | सलामी की संख्या | किसके लिए | | :--- | :--- | | 21 तोपें | राष्ट्रपति, राष्ट्रीय ध्वज, और विदेशी राष्ट्राध्यक्ष। | | 19 तोपें | प्रधानमंत्री, उप-राष्ट्रपति, और विदेशी सरकारों के प्रमुख। | | 17 तोपें | सेना के तीनों अंगों के प्रमुख। 

टॅग्स :गणतंत्र दिवसभारतहिस्ट्री
Open in App

संबंधित खबरें

भारतAadhaar Card: अब आधार कार्ड से जुड़ी कोई भी जानकारी हासिल करना आसान, UIDAI की इस खास सर्विस से मिलेगा फायदा

भारतPMAY-U 2.0: अब इस आय वर्ग के लोगों को मिलेगा PM आवास योजना का लाभ, जानिए कैसे करें अप्लाई

टेकमेनियाPoco M8 5G Launched in India: 50MP कैमरा, 5520mAh बैटरी और 15,999 की लॉन्च कीमत

भारतKVS NVS Admit Card 2026: केंद्रीय और नवोदय विद्यालय भर्ती परीक्षाओं के एडमिट कार्ड जारी, जानें कैसे करें डाउनलोड

भारतRepublic Day 2026: 77वां गणतंत्र दिवस..., क्यों 26 जनवरी को मनाया जाता है गणतंत्र दिवस? रोचक इतिहास जो हर भारतीय को पता होना चाहिए

भारत अधिक खबरें

भारतPM Modi Visit Somnath Temple: पीएम मोदी का आज से 3 दिन का गुजरात दौरा शुरू, सोमनाथ में करेंगे दर्शन, ओंकार मंत्र उच्चारण में लेंगे भाग

भारतAyodhya News: अयोध्या धाम में ऑनलाइन नॉनवेज फूड डिलीवरी पर लगी रोक, राम मंदिर के 15 KM के दायरे के लिए आदेश

भारतKashmir in Winters: कश्मीर में इस साल प्रवासी पक्षियों की भरमार, शालबुग वेटलैंड में पहुंचें लाखों पक्षी

भारतMaharashtra Fire Accident: मुंबई में इमारत में लगी आग, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत; परिवार में छाया मातम

भारतPune civic polls: चाचा-भतीजा एक साथ, निकाय चुनाव के लिए अजित पवार और शरद पवार की पार्टी ने जारी किया घोषणापत्र