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बांग्ला फिल्मों के प्रख्यात अभिनेता सौमित्र चटर्जी का निधन

By भाषा | Updated: November 15, 2020 21:33 IST

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कोलकाता, 15 नवंबर बांग्ला फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता और ‘‘अपुर संसार’’ और ‘‘चारूलता’’ जैसी कई फिल्मों में अपने अभिनय का जौहर दिखाने वाले सौमित्र चटर्जी का रविवार को कई बीमारियों से 40 दिन तक संघर्ष करने के बाद निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे।

ऑस्कर विजेता फिल्मकार सत्यजीत रे के निर्देशन में कई फिल्मों में अभिनय करने वाले चटर्जी को बंगाली सिनेमा को दुनिया तक पहुंचाने के लिये याद किया जाएगा।

उनके परिवार में पत्नी दीपा चटर्जी, पुत्र सौगत चटर्जी और पुत्री पौलोमी बसु हैं।

चटर्जी का रविवार की शाम पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।

उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उनके पार्थिव शरीर को फूलों से सजाई हुई एक खुली गाड़ी में श्मशान घाट तक लाया गया।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ ही कई फिल्मी हस्तियां भी अभिनेता की अंतिम यात्रा में शामिल हुईं।

सड़क के दोनों ओर सैकड़ों लोग खड़े थे और पास के घरों में लोगों की भीड़ अपने पसंदीदा अभिनेता के अंतिम दर्शन के लिए छतों पर खड़ी थी।

अभिनेता की अंतिम यात्रा केवड़ातला श्मशान घाट पर पूरी हुई। चटर्जी के अंतिम संस्कार से पहले उन्हें बंदूकों से सलामी दी गई। मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

चटर्जी को कोविड-19 से पीड़ित पाए जाने के बाद छह अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें बाद में आईसीयू में भर्ती कर दिया गया था और उनका तंत्रिका तंत्र और किडनी सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे।

उनका कोरोना संक्रमण ठीक हो गया था लेकिन प्लाज्मा थेरेपी और डायलिसिस और कई दूसरी प्रक्रियाओं के बावजूद उनकी सेहत में सुधार नहीं हुआ।

चिकित्सकों ने 13 नवंबर को कहा था कि उपचार का उनके शरीर पर असर नहीं हो रहा था।

अस्पताल ने एक बयान में कहा, “हम बेहद भारी मन से यह घोषणा कर रहे हैं कि श्री सौमित्र चट्टोपाध्याय ने बेल व्यू क्लीनिक में आज (15 नवंबर 2020) को अपराह्र 12 बजकर 15 मिनट पर आखिरी सांस ली। हम उन्हें श्रद्धांजलित अर्पित करते हैं।”

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानंमत्री नरेन्द्र मोदी समेत कई लोगों ने चटर्जी के निधन पर शोक व्यक्त किया।

चटर्जी के निधन की खबर सुनकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, मुख्य सचिव अल्पन बंधोपाध्याय और मंत्री इंद्रनील सेन के साथ बेल व्यू क्लीनिक पहुंचीं थीं।

अभिनेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चटर्जी “एक योद्धा थे जिन्हें उनके काम के लिये याद किया जाता रहेगा। यह बंगाल और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों के लिये दुखद दिन है।”

बनर्जी ने कहा, “मैंने छह अक्टूबर को उनसे (सौमित्र चटर्जी से) फोन पर बात की थी, जब कोविड-19 से पीड़ित पाए जाने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे विश्वास से भरे थे। वह कोविड-19 से उबर चुके थे, लेकिन वह चले गए।”

उन्होंने कहा कि उनका निधन देश के फिल्म समुदाय के लिये “अपूरणीय क्षति” है।

बनर्जी ने कहा, “फेलूदा नहीं रहे। ‘अपु’ ने अलविदा कह दिया। विदाई, सौमित्र (दा) चटर्जी। वह अपने जीवनकाल में दिग्गज रहे। अंतरराष्ट्रीय, भारतीय और बंगाली सिनेमा ने एक महान सितारा खो दिया। हमें आपकी कमी बहुत महसूस होगी। बंगाल का फिल्म जगत अनाथ हो गया।”

अभिनेता के निधन की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग उनकी अंतिम झलक पाने के लिए अस्पताल के बाहर एकत्र हो गये थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चटर्जी के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि उनका निधन विश्व सिनेमा के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और पूरे देश के सांस्कृतिक जीवन के लिए बहुत बड़ी क्षति है।

मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘श्री सौमित्र चटर्जी का निधन विश्व सिनेमा के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और पूरे देश के सांस्कृतिक जीवन के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उनके निधन से अत्यंत दुख हुआ है। परिजनों और प्रशंसकों के लिए मेरी संवेदनाएं। ओम शांति!’’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चटर्जी के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा ने आज अपना एक ‘‘रत्न’’ खो दिया, जिसने बांग्ला सिनेमा को नयी ऊंचाइयां प्रदान कीं।

शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘‘सौमित्र चटर्जी जी के निधन की खबर से गहरा दुख हुआ। वे एक प्रतिष्ठित कलाकार थे, जिन्होंने बांग्ला सिनेमा को नयी ऊंचाइयां प्रदान कीं। सौमित्र दा के रूप में भारतीय सिनेमा ने आज अपना एक रत्न खो दिया। मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और उनके चाहने वालों के साथ हैं। ओम शांति।’’

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी चटर्जी के निधन पर शोक जताया।

दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित अभिनेता के निधन पर उनके साथ काम कर चुके कई अभिनेताओं और निर्देशकों ने शोक व्यक्त किया।

करीब छह दशकों के अपने करियर में चटर्जी ने 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया।

फिल्मकार सत्यजीत रे के बेटे फिल्म निर्देशक संदीप राय ने कहा, “वह उत्कृष्ट अभिनेता थे। पिछले छह दशकों से हमारे पारिवारिक संबंध हैं। वह हर चीज को लेकर सजग थे। …उन्हें सब कुछ सटीक चाहिए होता था।” कई फिल्मों में उनकी सह कलाकार रहीं अपर्णा सेन ने कहा कि चटर्जी उनके लिये परिवार की तरह थे।

सेन ने कहा, “मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि वह हमारे साथ नहीं हैं। मुझे अंत तक किसी चमत्कार की उम्मीद थी।”

अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने प्रख्यात बांग्ला अभिनेता सौमित्र चटर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके लिए बहुत बड़ी क्षति है। टैगोर ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में चटर्जी के साथ काम किया था।

टैगोर और चटर्जी ने अपने करियर की शुरुआत 1959 में फिल्म निर्माता सत्यजीत रे की रिलीज हुई फिल्म "अपुर संसार" से की थी।

बाद में उन्होंने साथ में कई बेहतरीन फिल्मों में अभिनय किया, जिसमें 1960 में आई रे की "देवी", फिल्म निर्माता अजॉय कार की "बरनाली" (1963) और 1970 में आई "अरण्येर दिन रात्रि" शामिल हैं।

टैगोर ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि उन्हें अभी भी चटर्जी के निधन की खबर पर विश्वास नहीं हो रहा है, जिनके साथ उनके काफी अच्छे संबंध थे।

उन्होंने कहा, "मैं 13 साल की थी और वह मुझसे 10 साल बड़े थे जब हमने 'अपुर संसार' में काम करना शुरू किया था। फिल्म के खूबसूरत संवादों ने भी हमें प्रेरित किया। यह महज शुरुआत थी। उन्होंने जो भी किया है उसके लिए मैं वास्तव में उनका सम्मान करती थी, उनकी सराहना करती थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह मेरे सबसे पुराने दोस्तों में से एक थे।’’

चटर्जी को 2018 में फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘लीजन डी ऑनर’ से सम्मानित किया गया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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