लाइव न्यूज़ :

रामलाल आनंद कॉलेज ने जेल में बंद प्रोफेसर जी एन साईबाबा की सेवा समाप्त की, पत्नी जाएंगी अदालत

By भाषा | Updated: April 3, 2021 15:28 IST

दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और कमिटी फॉर डिफेंस एंड रिलीज ऑफ जी एन साईबाबा की नंदिता नारायण ने आरोप लगाया कि जब कानूनी प्रक्रिया जारी है तो ऐसे में सेवा समाप्त करने जैसी अचानक की गई कार्रवाई निंदनीय है।

Open in App
ठळक मुद्देअंग्रेजी के सहायक प्रोफेसर साईबाबा को 2014 में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया था।गिरफ्तारी के बाद से उनकी पत्नी और बेटी को उनका आधा वेतन मिलता था।

नयी दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय के रामलाल आनंद कॉलेज ने सहायक प्रोफेसर जी. एन. साईबाबा की सेवा समाप्त कर दी है, जो माओवादियों से कथित संबंध के मामले में वर्तमान में नागपुर के केंद्रीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे हैं।

साईबाबा की पत्नी को बृहस्पतिवार को प्राप्त पत्र के मुताबिक साईबाबा की सेवाएं 31 मार्च से तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश कुमार गुप्ता के हस्ताक्षर वाले पत्र में कहा गया है, ‘‘रामलाल आनंद कॉलेज के सहायक प्रोफेसर जी एन साईबाबा की सेवाएं 31 मार्च 2021 की दोपहर से तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती हैं।

उनके बैंक खाते में तीन महीने के वेतन का भुगतान कर दिया गया है।’’ कई प्रयासों के बावजूद गुप्ता से संपर्क नहीं हो सका। अंग्रेजी के सहायक प्रोफेसर साईबाबा को 2014 में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया था। गिरफ्तारी के बाद से उनकी पत्नी और बेटी को उनका आधा वेतन मिलता था। साईबाबा की पत्नी ने इस कदम को ‘‘भिन्न विचार वाले लोगों की आवाज दबाना’’ करार दिया और आरोप लगाया कि यह ‘‘कर्मचारी के अधिकारों का उल्लंघन’’ है और वह मामले को अदालत में ले जाएंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘सजा के खिलाफ हमारी अपील अब भी बंबई उच्च न्यायालय में लंबित है, तो फिर वे इस तरह का निर्णय कैसे ले सकते हैं। एसएआर गिलानी (संसद हमला मामले में दोषी) इसके बेहतर उदाहरण हैं। उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया, उनको कभी सेवा से नहीं हटाया गया। तो फिर साईबाबा की सेवा क्यों समाप्त की जा रही है? यह कर्मचारी के अधिकारों का उल्लंघन है।’’

दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और कमिटी फॉर डिफेंस एंड रिलीज ऑफ जी एन साईबाबा की नंदिता नारायण ने आरोप लगाया कि जब कानूनी प्रक्रिया जारी है तो ऐसे में ‘‘सेवा समाप्त करने जैसी अचानक की गई कार्रवाई’’ निंदनीय है। 

टॅग्स :दिल्ली विश्वविद्यालय
Open in App

संबंधित खबरें

भारतदिल्ली यूनिवर्सिटी ने एक महीने के लिए कैंपस में विरोध प्रदर्शन और जुलूस पर लगाया बैन, जानिए क्यों

ज़रा हटके'मेरी झोपड़ी के भाग' पर झूमे छात्र?, रामजस कॉलेज में भजन क्लबिंग का नया ट्रेंड शुरू, वीडियो

क्राइम अलर्टबचपन से ही शारीरिक-मानसिक रूप से प्रताड़ित, मां ने मामा के घर पढ़ने भेजा?, दिवाली पर घर आई तो पिता ने रेप की कोशिश की, मां ने आबरू बचाई?, दिल्ली विवि की छात्रा की आपबीती

भारतडीयू प्रोफेसर थप्पड़ विवाद के बीच डूसू संयुक्त सचिव दीपिका झा की टिप्पणी से आक्रोश फैला, रिपोर्टर से कहा,- 'मेरेको जो ठीक लगा वही किया'

भारतDUSU Election Results 2025: अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव सीट पर एबीवीपी का कब्जा, एनएसयूआई खाते में उपाध्यक्ष पद

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे