लाइव न्यूज़ :

राजस्थानः स्थानीय चुनाव... सियासी उलझन इधर भी है, उधर भी!

By प्रदीप द्विवेदी | Updated: September 8, 2019 20:37 IST

राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों में राजनीतिक कन्फ्यूजन की स्थिति नजर आ रही है क्योंकि इन चुनावों में लोकल के मुद्दे हावी रहने वाले हैं।

Open in App

राजस्थान में निकट भविष्य में होने जा रहे स्थानीय निकाय, पंचायती राज चुनावों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही सियासी उलझन में हैं. जहां विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने बीजेपी को मात दे दी थी, वहीं लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी ने जीत दर्ज करवाई थी.

जाहिर है, इन चुनावों में स्थानीय मुद्दे ज्यादा असरदार रहेंगे, लिहाजा दोनों ही प्रमुख दलों को अनेक सियासी समस्याओं का सामना करना होगा.

ज्यादातर जगहों पर बीजेपी का कब्जा है, इसलिए बीजेपी के सामने स्थानीय सत्ता बचाने की बड़ी चुनौती है.

गुटबाजी की समस्या दोनों ही दलों में है और स्थानीय चुनावों में भितरघात सबसे ज्यादा प्रभावी रहता है, इसलिए चुनावी नतीजे उम्मीदवार की राजनीतिक क्षमता पर ज्यादा निर्भर रहेंगे.

जहां-जहां अच्छे कार्य हुए हैं, वहां-वहां तो सत्ताधारी दल फायदे में रहेंगे, लेकिन जहां जनता नाराज है, वहां कोई नेता या कोई दल, किसी भी उम्मीदवार को जीत नहीं दिला पाएगा.

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, इसलिए कांग्रेस के लिए इन चुनावों में बेहतर स्थिति रह सकती है क्योंकि, यदि विकास चाहिए तो प्रदेश की सरकार के सहयोग के बगैर जनता के सपने पूरे करना आसान नहीं है.

हालांकि, बीजेपी भी चुनाव में जीत हांसिल करने के लिए बड़े स्तर की योजना बना रही है. क्योंकि, चुनाव प्रबंधन में बीजेपी, कांग्रेस से बेहतर स्थिति में है, इसलिए प्रत्याशी चयन से लेकर चुनाव प्रबंधन तक की रणनीति को मात देना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा.

प्रदेश में प्रस्तावित निकाय चुनाव में जयपुर नगर निगम सहित 51 निकायों के चुनाव होंगे. वर्तमान कांग्रेस सरकार ने नगरीय निकायों का नए सिरे से परिसीमन करके हर निकाय में वार्ड बढ़ाए हैं क्योंकि परिसीमन में सत्ताधारी दल का दबदबा रहता है, इसलिए नए वार्डों में जीत दर्ज करवाना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती रहेगी.

कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही दलों ने इन चुनावों को लेकर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तैयारियां प्रारंभ कर दी है, लेकिन असली परीक्षा तो टिकट वितरण और चुनाव लड़ने के दौरान ही होगी!

टॅग्स :राजस्थानजयपुरभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)कांग्रेसअशोक गहलोत
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टपत्नी की गला रेतकर हत्या और पति ने खुद को चाकू से वार कर आत्महत्या का किया प्रयास

क्राइम अलर्टराजस्थान सड़क हादसाः पुलिस उपनिरीक्षक सहित 4 लोगों की मौत, भरतपुर में तेज रफ्तार कार ने 3 को कुचला

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारत अधिक खबरें

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप