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कोरोना से लड़ने के लिए राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार 2000 नए डॉक्टरों को करेगी भर्ती, 9500 नर्सिंगकमियों देगी जल्द नियुक्ति

By रामदीप मिश्रा | Updated: April 23, 2020 10:21 IST

राजस्थान सरकार ने कहा कि कोरोना प्रभावित, कर्फ्यूग्रस्त व ऐसे क्षेत्र जो लॉकडाउन की वजह से सामान्य चिकित्सा सेवाओं से वंचित हैं वहां 400 मेडिकल मोबाइल वाहनों द्वारा सेवाएं सुलभ करवाई जा रही हैं। ये एंबूलेंस सुबह 8 बजे से 2 बजे तक सभी उपखंड मुख्यालयों व अन्य चिन्हित स्थानों पर चिकित्सा उपचार सेवाएं उपलब्ध होंगी।

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ठळक मुद्देगहलोत सरकार ने कहा कि राजस्थान में कोरोना से लड़ाई में मैनपावर की कमी नहीं आने दी जाएगी।उसने कहा कि पिछले दिनों 735 नए चिकित्सकों जिलों में नियुक्ति दे दी गई है और अब 2000 नए डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

जयपुरः राजस्थान में कोरोना से लड़ाई में मैनपावर की कमी नहीं आने दी जाएगी। पिछले दिनों 735 नए चिकित्सकों जिलों में नियुक्ति दे दी गई है और अब 2000 नए डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर न्यायालय में अटकी 12 हजार 500 हजार जीएनएम और एएनएम की भत का रास्ता साफ करते हुए 9 हजार एएमएम और जीएनएम को जल्द ही नियुक्ति दी जाएगी। यह बात चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कही है। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और चिकित्सा संस्थानों को सभी चिकित्सा सुविधाएं से लैस करने के लिए भी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। प्रदेश में जांच सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। चिकित्सा संस्थानों में वर्तमान में 4700 जांच प्रतिदिन करने की क्षमता विकसित कर ली है व आने वाले दिनों में इसकी भी संख्या 10 हजार होगी। सभी जिला मुख्यालयों पर भी जांच की सुविधाएं विकसित करने पर काम चल रहा है। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ज्यादा से ज्यादा जांचें कर कोरोना की वास्तविकता का पता लगाने के लिए संकल्पबद्ध है। इसके लिए देश में सबसे पहले राजस्थान में ही रेपिड टेस्टिंग किट का इस्तेमाल किया गया। राजस्थान सरकार की सतर्कता की वजह से ही रेपिड किट्स की सच्चाई का पता चल सका। रेपिड टेस्ट किट पर भी राजस्थान ने ही सबसे पहले इसकी शुद्धता (एक्यूरेसी) की जांच की और आईसीएमआर को देश भर में इससे की जाने वाली जांचों पर रोक लगानी पड़ी। 

उन्होंने बताया कि कोरोना से लड़ रही फोर्सेज का स्वस्थ रहना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है। स्वास्थ्यकम, पुलिस बल, प्रशासक, पत्रकार और अन्य सेवाओं के लोग इस लड़ाई में मुस्तैदी से लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इनके साथ किसी भी सूरत में बदतमीजी या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऎसे लोगों के खिलाफ  सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।   

मंत्री शर्मा ने बताया कि कोरोना प्रभावित, कर्फ्यूग्रस्त व ऐसे क्षेत्र जो लॉकडाउन की वजह से सामान्य चिकित्सा सेवाओं से वंचित हैं वहां 400 मेडिकल मोबाइल वाहनों द्वारा सेवाएं सुलभ करवाई जा रही हैं। ये एंबूलेंस सुबह 8 बजे से 2 बजे तक सभी उपखंड मुख्यालयों व अन्य चिन्हित स्थानों पर चिकित्सा उपचार सेवाएं उपलब्ध होंगी। कोई भी व्यक्ति जो किसी आम या विशेष बीमार से ग्रस्त है वह इस सेवा के अंतर्गत निःशुल्क उपचार ले सकेगा। 

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