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G20: बेंगलुरु में स्थित सम्मेलन में 120 से अधिक स्टार्ट-अपों की उपस्थिति, भारत को वैश्विक नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका का संकेत

By अनुभा जैन | Updated: August 17, 2023 16:01 IST

डिजिटल अर्थव्यवस्था मंत्रिस्तरीय बैठक और डिजिटल इनोवेशन एलायंस शिखर सम्मेलन में बेंगलुरु में 120 से अधिक स्टार्ट-अपों की उपस्थिति है, जिससे भारत की वैश्विक नवाचार पारिस्थितिकी में महत्वपूर्ण भूमिका का संकेत होता है। इस सम्मेलन ने भारत के स्टार्ट-अपों के संघर्ष और सफलता को प्रमोट किया और उनके योगदान को पुनः साबित किया।

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ठळक मुद्देडिजिटल अर्थव्यवस्था मंत्रिस्तरीय बैठक और डिजिटल इनोवेशन एलायंस शिखर सम्मेलन में आज बेंगलुरु में 120 से अधिक स्टार्ट-अप एकत्रित हुए हैं।यह संकेत है कि भारत वैश्विक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के विश्व चैंपियन के रूप में महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है। इस सम्मेलन के माध्यम से चन्द्रशेखर ने स्टार्ट-अपों के संघर्ष और सफलता का संदेश दिया है।

बेंगलुरु: "हम बेहद दिलचस्प समय में रह रहे हैं। दिलचस्प शब्द को अलग-अलग लोग अलग-अलग तरीकों से परिभाषित कर सकते हैं। लेकिन दिलचस्प शब्द के मूल में इसका मतलब है कि हमारे उद्यमों, नागरिकों, सरकार और हमारे जीवन के डिजिटलीकरण की गति अभूतपूर्व गति से तेज हो रही है।" 

यह बात आज कौशल विकास, उद्यमिता और इलेक्ट्रॉनिक और आईटी मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में चौथी जी20 की डिजिटल अर्थव्यवस्था मंत्रिस्तरीय बैठक और डिजिटल इनोवेशन एलायंस शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अपनी प्रारंभिक टिप्पणी के रूप में कही।

क्या बोले मंत्री राजीव चन्द्रशेखर 

मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने कहा, "डिजिटलीकरण की गति का मतलब है कि हम डिजिटल उत्पादों या सेवाओं का उपभोग करने वाले प्रत्येक नागरिक या सभी उपभोक्ताओं पर ध्यान दे रहे हैं जो उन्हें सीधे सरकार से जोड़ते हैं। आज स्टार्टअप्स के हित में तीन रुझान चल रहे हैं। 

ये नवाचार अर्थव्यवस्थाएं हैं, और टेक्ट के गुरुत्वाकर्षण का केंद्र कुछ देशों या अर्थव्यवस्थाओं के आसपास केंद्रित था जो ओपन सोर्स सिस्टम, युवा स्टार्ट-अप की ओर बढ़ रहे थे। ये दो रुझान पूंजीकरण और तेजी से डिजिटलीकरण को बढ़ा रहे हैं। 

बेंगलुरु में आज दुनिया भर के 120 से अधिक स्टार्ट-अप हुए हैं इक्ट्ठा

यहां पर बोलते हुए मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने आगे कहा है कि "बेंगलुरु डिजिटल इनोवेशन एलायंस और भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था और शहर में स्टार्टअप के साथ भारतीय इनोवेशन सिस्टम की इस चौथी बैठक का केंद्र है। जिसे हम नवप्रवर्तन और प्रौद्योगिकी का भविष्य मानते हैं उसका पूरा स्पेक्ट्रम बेंगलुरु में पाया जा सकता है।"

मीडिया से बात करते हुए उन्होने ने बताया कि आठ देशों ने भारत के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, ये देश भारत के साथ काम करेंगे और भारत की तकनीक लेंगे। आज बेंगलुरु में दुनिया भर के 120 से अधिक स्टार्ट-अप इकट्ठे हुए हैं और यह एक मान्यता है कि भारत वैश्विक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के वैश्विक चैंपियन के रूप में खड़ा है।

अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक व्यापार में बदलाव के लिए नवाचार है महत्वपूर्ण-चन्द्रशेखर

उन्होने आगे कहा कि भारत निश्चित रूप से इस मामले में एक अग्रणी राष्ट्र है कि कैसे हमने न केवल नवाचार के लिए बल्कि लोगों के जीवन, शासन और लोकतंत्र को बदलने के लिए वास्तविक समाधान प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाया है। पीएम मोदी ने आने वाले दशक को टैकः आने वाली प्रौद्योगिकियों का दशक कहा। पीएम मोदी ने कहा,"यह भारतीय प्रौद्योगिकी देश और दुनिया भर के युवा स्टार्ट-अप के दृढ़ संकल्प और ऊर्जा से निर्मित होगी।"

चन्द्रशेखर ने कहा कि अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक व्यापार में बदलाव के लिए नवाचार एक महत्वपूर्ण चीज है। डिजिटल अर्थव्यवस्था कुल सकल घरेलू उत्पाद का 2014 में 4.5 प्रतिशत से बढ़कर अब 11 प्रतिशत हो गई है। अब 2026 में इसके 20 प्रतिशतक से अधिक बढ़ने की उम्मीद है। भारतीय अर्थव्यवस्था सहित वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं नया आकार ले रही हैं। भविष्य डिजिटल अर्थव्यवस्था का होगा।

निश्चित रूप से कई अर्थव्यवस्थाओं का भारत है केस स्टडी-चन्द्रशेखर

मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने कहा कि भारत निश्चित रूप से कई अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक महान केस स्टडी है कि कैसे पीएम मोदी के राजनीतिक नेतृत्व और 2015 में तकनीकी प्रतिबद्धताओं के संदर्भ में उनके दृष्टिकोण ने अर्थव्यवस्था, शासन और लोगों के जीवन में गहरा परिवर्तन किया है।

प्रौद्योगिकी की ताकत ही भारत दुनिया के सामने कर रहा प्रदर्शित

उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी की ताकत हमारे देश के नागरिकों के जीवन को बदल रही है। प्रौद्योगिकी वास्तव में उन लोगों की दुनिया में नाटकीय रूप से समावेश करने की शुरुआत कर रही है जो दशकों तक शासन की पहुंच से दूर रहे। 

आज स्टार्ट-अप द्वारा तैयार की गई प्रौद्योगिकी और सामान्य रूप से नवोन्मेषी पारिस्थितिकी तंत्र का उपयोग करते हुए, पैसा सरकार की ओर से नागरिकों के लिए भेजा जाता है और पूरी गति से सीधे उनके खातों में पहुंचता है। यह प्रौद्योगिकी की ताकत है जिसे भारत दुनिया के सामने प्रदर्शित कर रहा है।

बता दें कि इस अवसर पर नेस्कॉम अध्यक्ष देबजानी घोष और भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जी20 अध्यक्ष और सचिव अलकेश कुमार शर्मा भी उपस्थित थे। 

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