लाइव न्यूज़ :

नेता खुद को कानून से ऊपर समझते हैं, ऐसी मानसिकता से सख्ती से निपटने की जरूरत: इलाहाबाद हाईकोर्ट

By विशाल कुमार | Updated: December 4, 2021 15:41 IST

पुलिस लॉकअप में एक व्यक्ति की पिटाई करने के मामले में निचली अदालत से सजा पाने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व विधायक हरसतुल्लाह शेरवानी ने हाईकोर्ट में अपनी सजा रद्द करवाने और मामले के लंबित रहने तक जमानत पर रिहा करने की मांग कर रहे थे।

Open in App
ठळक मुद्देहाईकोर्ट ने आठ अन्य की जमानत मंजूर कर दी और सजा निलंबित कर दी।हाईकोर्ट ने कहा- विधायक का कर्तव्य है कि विधानसभा में कानून के दुरूपयोग के मुद्दे को उठाएं।इसके बजाय उन्होंने खुद कानून का दुरुपयोग किया और कानून को अपने हाथ में लिया।

लखनऊ:उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक पूर्व विधायक को जमानत देने से इनकार करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आजकल विधायक और राजनीतिक नेता खुद को कानून से ऊपर समझते हैं. ऐसी मानसिकता को हल्के में नहीं लिया जा सकता है और सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

लॉइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने आगे कहा कि आरोपित विधायक का कर्तव्य है कि विधानसभा में कानून के दुरूपयोग के मुद्दे को उठाएं और उसका समाधान कराएं, लेकिन इसके बजाय उन्होंने खुद कानून का दुरुपयोग किया और कानून को अपने हाथ में लिया।

अदालत ने कहा कि उसने पुलिस कर्मियों पर थर्ड डिग्री अपनाने और उसे पुलिस लॉक अप में बंद करने के लिए दबाव डाला, आरोपी का यह कृत्य पुलिस तंत्र का दुरुपयोग है, इसलिए उसका कृत्य निंदा के बजाय सहानुभूति का पात्र नहीं है।

पुलिस लॉकअप में एक व्यक्ति की पिटाई करने के मामले में निचली अदालत से सजा पाने वाले पूर्व विधायक हरसतुल्लाह शेरवानी ने हाईकोर्ट में अपनी सजा रद्द करवाने और मामले के लंबित रहने तक जमानत पर रिहा करने की मांग कर रहे थे।

हालांकि, हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसी मामले में शामिल आठ अन्य लोगों की जमानत याचिका मंजूर कर दी और याचिका लंबित रहने तक सजा निलंबित कर दी।

सिंतबर 2012 में उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक मुखबिर शमशाद ने एफआईआर दर्ज करवाई थी कि मई 2011 में उनके खिलाफ एक झूठी रिपोर्ट बनाकर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और लॉक अप में बंद कर दिया था।

इसके बाद अगस्त 2011 में आरोपी ने पुलिस स्टेशन आकर पहले पुलिस को उसके हाथ और पैर से अपंग होने तक पिटाई करने या परिणाण भुगतने के लिए तैयार रहने के लिए कहा।

बाद में राइफल और बंदूक लिए शेरवानी और डंडे लिए उनके समर्थकों ने शमशाद की लॉकअप के बाहर से ही पिटाई की और एसओ राममूर्ति यादव के दखल के बाद छोड़ा।

टॅग्स :Allahabad High Courtuttar pradeshMLA
Open in App

संबंधित खबरें

भारतआर्थिक तूफ़ान सर पर और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफी बाँट रहे हैं?, राहुल ने कहा-किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं, PM हंसकर रील बना रहे, वीडियो

भारत30 के अंदर पीएम नरेंद्र मोदी टीवी पर आकर हाथ जोड़ेंगे?, राहुल गांधी ने कहा-हिंदुस्तान के आर्थिक सिस्टम को बेचा

क्राइम अलर्टTwisha Sharma Death Case: 10000 रुपये इनाम की घोषणा, फरार वकील-पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया जारी, वीडियो

क्राइम अलर्टमां का कटा हाथ लेकर 3 दिन तक भटकता रहा ITBP जवान, कानपुर की घटना से सनसनी

क्राइम अलर्टTwisha Sharma death case: 60 दिन की गर्भवती और मारिजुआना का सेवन?, ट्विशा शर्मा की सास ने कहा-ग्लैमर की दुनिया में धकेली गई और माता-पिता ने छोड़ दी?

भारत अधिक खबरें

भारतमध्य क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक अगले साल उज्जैन में, गृह मंत्री शाह करेंगे सिंहस्थ की तैयारियों का मुआयना

भारतईंधन बचत का संदेश; ई-रिक्शा से मंत्रालय पहुंचे मंत्री नारायण सिंह पंवार और गौतम टेटवाल, देखें तस्वीरें

भारतPM मोदी और मेलोनी की वायरल सेल्फी से फिर चर्चा में आया रोम का कोलोसियम

भारतडिप्लोमेसी, डिनर और कोलोसियम की सैर; पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की यादगार मुलाकात, देखें इटली दौरे की खास झलकियाँ

भारतPharmacy Strike Today: आज बंद रहेंगी दवा दुकानें! आज देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे दवा विक्रेता, मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी