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PM मोदी ने देश को समर्पित किया ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, 135 किलोमीटर है लंबा

By रामदीप मिश्रा | Updated: May 27, 2018 13:05 IST

ईपीई पर प्रत्येक 500 मीटर पर दोनों तरफ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था होगी। साथ ही इसमें 36 राष्ट्रीय स्मारकों को प्रदर्शित किया जाएगा तथा 40 झरने होंगे।

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नई दिल्ली, 27 मईः उत्तर प्रदेश के बागपत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 11,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार देश के पहले स्मार्ट और हरित ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) का उद्घाटन किया। इस दौरान सड़क परिवहन, राजमार्ग और पोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और हरियाणा सीएम मनोहरलाल खट्टर भी मौजूद रहे। यह एक्सप्रेस-वे 135 किलोमीटर लंबा है। साथ ही साथ यह देश का पहला एक्सप्रेस-वे है जो सौर बिजली से सड़कें रोशन करेगा। '

500 दिन कार्य हुआ पूरा

ईपीई पर प्रत्येक 500 मीटर पर दोनों तरफ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था होगी। साथ ही इसमें 36 राष्ट्रीय स्मारकों को प्रदर्शित किया जाएगा तथा 40 झरने होंगे। इसे रिकॉर्ड 500 दिनों में पूरा किया गया है। इस एक्सप्रेस वे पर 8 सौर संयंत्र हैं जिनकी क्षमता 4 मेगावाट है। प्रधानमंत्री ने इस परियोजना के लिये आधारशिला पांच नवंबर 2015 को रखी थी। 

खुली जीप में किया पीएम ने रोडशो

इससे पहले पीएम मोदी ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन और खुली जीप में रोडशो किया। इस दौरान उनके साथ दूसरी गाड़ी में  केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री का 'रोड शो' भीषण गर्मी में निजामुद्दीन ब्रिज से शुरू हुआ। यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का लगभग नौ किलोमीटर का पहला चरण है। इस पर छह किलोमीटर की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री बागपत पहुंचे, जहां से उन्होंने पूर्वी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे को देश को समर्पित किया।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर होगी समय की बचत

सरकार द्वारा जारी इस परियोजना के एक विज्ञापन के अनुसार दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पहले चरण में 14 लेन के राजमार्ग पर नौ किलोमीटर मार्ग के निर्माण पर 842 करोड़ रुपये की लागत आई है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से डासना के बीच करीब 28 किलोमीटर मार्ग पर एक साइकिल ट्रैक बनाया गया है। इस एक्सप्रेसवे की वजह से दिल्ली से मेरठ की यात्रा का समय घटकर 45 मिनट रह जाएगा। अभी इसमें करीब ढाई घंटे का समय लगता है। 

पीएम मोदी ने रखी थी आधार शिला

इस परियोजना की पूरी लंबाई 82 किलोमीटर है। इसमें से 27.74 किलोमीटर हिस्सा 14 लेन का होगा, जबकि शेष एक्सप्रेस-वे छह लेन का होगा। इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली-मेरठ रोड पर 31 ट्रैफिक सिग्नल हट जाएंगे। यह सिग्लन या लालबत्ती मुक्त क्षेत्र हो जाएगा। यह इस इलाके का सबसे व्यस्त मार्ग है। मोदी ने दिसंबर, 2015 में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी। इसके निर्माण की लागत 7,566 करोड़ रुपये थी। 

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