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जम्मू-कश्मीरः दोनों डोज लगवा चुके यात्रियों को भी करवानी होगी कोविड जांच; एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों पर बरती जा रही सख्ती

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: December 1, 2021 16:11 IST

विदेशों से जम्मू आने वाले सभी लोगों के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन पर ही आरटीपीसीआर टेस्ट किए जाएंगे। वहीं जब तक टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आती, तब तक उन्हें क्वारंटाइन सेंटरों में रहना पड़ेगा।

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ठळक मुद्देजम्मू और श्रीनगर में डीआरडीओ अस्पताल में सर्वाधिक 500-500 बिस्तर स्थापित हैंजम्मू कश्मीर में कोरोना मरीजों के लिए 7500 बेड तैयार करने पर काम किया जा रहा है

जम्मू। जम्मू कश्मीर में कोरोना की संभावित और आशंकित तीसरी लहर को लेकर युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड के इंतजाम जोरों पर हैं। वहीं विदेशी नागरिकों के लिए कोविड टेस्ट के साथ ही क्वारंटाइन जरूरी कर दिया गया है।

जम्मू कश्मीर में कोरोना के नए वैरिएंट को रोकने के लिए प्रशासन ने अहम फैसला लिया है। विदेशों से जम्मू आने वाले सभी लोगों के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन पर ही आरटीपीसीआर टेस्ट किए जाएंगे। वहीं जब तक टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आती, तब तक उन्हें क्वारंटाइन सेंटरों में रहना पड़ेगा। यही नहीं जिन यात्रियों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है, उनके भी टेस्ट किए जाएंगे।

जम्मू के मंडलायुक्त डॉ. राघव लंगर के साथ हुई जम्मू, रामबन, कठुआ व रियासी जिलों के अधिकारियों की बैठक में कोरोना के नए वैरिएंट पर आए दिशा निर्देशों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें कहा गया कि विदेशों से आने वालों के एयरपोर्ट में ही टेस्ट होंगे। वहीं ट्रेन से आनेवाले यात्रियों के रेलवे स्टेशनों पर ही टेस्ट किए जाएंगे। जम्मू के भगवती नगर में सरकारी निशुल्क क्वारंटाइन सेंटर बनाने की तैयारी चल रही है जहां रिपोर्ट आने तक यात्रियों को रखा जाएगा। इसके साथ ही कुछ होटलों को भी पेड क्वारंटीन सेंटर बनाए जाएंगे।

कोरोना के नए वेरिएंट से निपटने के लिए जम्मू कश्मीर में कोरोना मरीजों के लिए 7500 बेड तैयार करने पर काम किया जा रहा है। तीसरी लहर की आशंका के बीच 1500 बिस्तर का इजाफा किया जा रहा है। हालांकि संक्रमण में कमी होने पर कई कोविड अस्पतालों से बिस्तर की संख्या कम कर दी गई है, लेकिन भविष्य की जरूरत के मुताबिक इसे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डीआरडीओ अस्पताल और जीएमसी इसमें अहम भूमिका निभाएंगे।

जम्मू और श्रीनगर में डीआरडीओ अस्पताल में सर्वाधिक 500-500 बिस्तर स्थापित हैं। मौजूदा समय में जम्मू के डीआरडीओ में दो ही मरीज भर्ती हैं, लेकिन नए मामलों को ध्यान में रखते हुए पूर्व तैयारी को सुनिश्चित बनाना शुरू कर दिया गया है।

कोविड संक्रमण के प्रसार की आशंका को देखते हुए डीआरडीओ अस्पताल भगवती नगर जम्मू में वापस भेजे गए स्टाफ को दोबारा बुलाया जा रहा है। अस्पताल में मौजूदा दो ही संक्रमित मरीज भर्ती हैं। मरीजों की संख्या को देखते हुए स्टाफ को वापस भेजा जाएगा। अस्पताल में 9 डाक्टरों को वापस भेज दिया गया है। इससे पहले मरीजों का लोड कम होने पर पचास डाक्टरों को जिला स्तर पर अपनी मूल नियुक्ति वाले स्थान पर वापस भेज दिया गया था। जीएमसी की प्रिंसिपल डा शशि सूदन का कहना है कि संक्रमण की निगरानी की जा रही है, जिसमें जरूरत के मुताबिक ही डीआरडीओ में स्टाफ वापस भेजा जाएगा।

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