गैर कोडिंग वाले आरएनए की कैंसर शोध में बड़ी भूमिका हो सकती है : वरिष्ठ वैज्ञानिक एमआरएस राव

By भाषा | Updated: November 18, 2021 20:14 IST2021-11-18T20:14:39+5:302021-11-18T20:14:39+5:30

Non-coding RNA can have a big role in cancer research: Senior Scientist MRS Rao | गैर कोडिंग वाले आरएनए की कैंसर शोध में बड़ी भूमिका हो सकती है : वरिष्ठ वैज्ञानिक एमआरएस राव

गैर कोडिंग वाले आरएनए की कैंसर शोध में बड़ी भूमिका हो सकती है : वरिष्ठ वैज्ञानिक एमआरएस राव

तिरूवनंतपुरम, 18 नवंबर वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च के पूर्व अध्यक्ष एमआरएस राव ने बृहस्पतिवार को कहा कि लौंग नॉन कोडिंग राइबोन्यूक्लिक एसिड (एलएनसीआरएनए) का कैंसर शोध में ज्यादा अध्ययन नहीं हुआ है और इससे उपचार की संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी।

राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी के 26वें स्थापना दिवस समारोह पर व्याख्यान देने के बाद छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए प्रोफेसर राव ने कहा कि कई एलएनसीआरएनए अणुओं पर वर्तमान में क्लीनिकल परीक्षण हो रहा है जिसका भविष्य में कैंसर उपचार में महत्वपूर्ण असर होगा।

गैर कोडिंग आरएनए (एनसीआरएनए), आरएनए का एक अणु होता है जिसे उसके आकार के आधार पर छोटे या बड़े में विभाजित किया जाता है।

प्रोफेसर राव ने ‘‘लौंग नॉन कोडिंग आरएनए इन सेल्युलर डिफरेंसिएशन एंड कैंसर - ए स्टोरी ऑफ एलएनसीआरएनए एमआरएचएल : डिस्कवरी टू फंक्शन’’ पर व्याख्यान दिया।

राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी की आधारशिला 18 नवंबर 1995 को रखी गई थी और यह संस्थान वर्तमान में अपनी स्थापना के 25 वर्ष मना रहा है।

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Web Title: Non-coding RNA can have a big role in cancer research: Senior Scientist MRS Rao

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