लाइव न्यूज़ :

नीतीश कुमार ने नहीं दिया राज्यसभा सीट?, बीजेपी ने हरिवंंश को पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की सेवानिवृत्ति से रिक्त हुई सीट पर किया मनोनीत

By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 10, 2026 14:14 IST

शुक्रवार को जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत किया है।

Open in App
ठळक मुद्देसंसदीय सफर की शुरुआत 2014 में राज्यसभा के लिए चुनाव से हुई।हरिवंश राज्यसभा सभापति के रूप में कार्य कर चुके हैं।सदन की महत्वपूर्ण कार्यवाही की देखरेख की थी।

नई दिल्लीः आज राज्यसभा में हलचल दिखी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। तो दूसरी ओर राज्यसभा के निवर्तमान उपसभापति हरिवंश ने शुक्रवार को उच्च सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की सेवानिवृत्ति से रिक्त हुई सीट के लिए उन्हें मनोनीत किया था। हरिवंश का उच्च सदन के सदस्य के रूप में दूसरा कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो गया था। हरिवंश को इस बार नीतीश कुमार ने टिकट नहीं दिया था। बिहार से जदयू टिकट पर नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर निर्वाचित हुए हैं।

बिहार से जेडीयू सदस्य के रूप में उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने के बाद गुरुवार को उनकी नियुक्ति को अंतिम रूप दिया गया। वे 2018 से राज्यसभा के उपसभापति के रूप में कार्यरत हैं। 69 वर्षीय नेता का नामांकन भारत के संविधान के अनुच्छेद 3 के साथ पढ़े गए खंड (1) के उप-अनुच्छेद (क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत किया गया है।

हरिवंश को मनोनीत सदस्य रंजन गोगोई की सेवानिवृत्ति से रिक्त हुए स्थान को भरने के लिए मनोनीत किया गया है। हरिवंश के पास व्यापक संसदीय अनुभव है, क्योंकि उन्होंने उच्च सदन की कई महत्वपूर्ण समितियों में कार्य किया है। वर्षों से, वे कृषि समिति, व्यापार सलाहकार समिति, नियम समिति और सामान्य प्रयोजन समिति के सदस्य रहे हैं।

उन्होंने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना समिति और विशेषाधिकार समिति जैसी महत्वपूर्ण समितियों की अध्यक्षता भी की है। आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए राष्ट्रीय मंच में उनकी भूमिका सहित, विधायी और नीतिगत मंचों में उनका योगदान व्यापक है। वे मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक और नागरिकता (संशोधन) विधेयक जैसी कई चयनात्मक और संयुक्त समितियों के सदस्य भी रहे हैं।

जिनमें उन्होंने विधायी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की सलाहकार समिति और राज्यसभा टेलीविजन की सामग्री सलाहकार समिति के अध्यक्ष सहित कई परामर्श और परामर्श निकायों में भी अपनी सेवाएं दी हैं।

उनके संसदीय सफर की शुरुआत 2014 में राज्यसभा के लिए चुनाव से हुई, जिसके बाद 2020 में उनका पुन: चुनाव हुआ। हरिवंश राज्यसभा सभापति के रूप में कार्य कर चुके हैं और पिछले बजट सत्र के दौरान उन्होंने उपसभापति के रूप में सदन की महत्वपूर्ण कार्यवाही की देखरेख की थी। उनका कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ, जिसके बाद रिक्त सीट को भरने के लिए नए नामांकन जारी किए गए।

टॅग्स :राज्यसभा चुनावहरिवंशजेडीयूनीतीश कुमारसुप्रीम कोर्टनरेंद्र मोदीद्रौपदी मुर्मू
Open in App

संबंधित खबरें

भारतनीतीश के राज्यसभा सदस्य बनते ही सियासी हलचल?, पोस्टर में लिखा- “हे जनेश्वर, नीतीश सेवक मांगे निशांत, पूछता बिहार-आप जैसा कौन देगा सुरक्षा गारंटी और पूरा साथ?

भारत180 दिन में बंगाल में UCC, 45 दिन में 7वां वेतन?, महिलाओं को 3000 और किसानों को सालाना 9,000 रुपये, देखिए बीजेपी संकल्प पत्र में और क्या?

भारतइलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दिया, घर पर छापे के दौरान मिले थे जले नोट?

भारतनीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली, 14 फरवरी को देंगे बिहार के सीएम पद से इस्तीफा?

भारतराज्यसभा सांसद के तौर पर आज शपथ लेंगे नीतीश कुमार, शामिल होंगे सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा; दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal Elections 2026: अमित शाह ने बंगाल में जारी किया 'संकल्प पत्र', जानें घोषणापत्र की मुख्य बातें

भारतसंसद में काम ही पहचान बनेगा, मेरा काम बोलेगा?, ‘आप’ के साथ मतभेदों के बीच राघव चड्ढा शेयर किया कई वीडियो सीरीज?

भारतउद्धव ठाकरे गुट के 9 में से 8 सांसदों के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ गुप्त बैठक?, शिवसेना के स्वामित्व और चिह्न पर 24 अप्रैल को फैसला?

भारतWest Bengal Assembly Eelections 2026: AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन, बंगाल में स्वतंत्र लड़ने का एलान

भारतआरएसएस-भाजपाः लगातार बढ़ते पेड़ पर अनगिनत फल लगे हैं?