बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारतरत्न देने की उठी मांग, केसी त्यागी की मांग से पार्टी हुई असहज, निकाले जा सकते हैं पार्टी से
By एस पी सिन्हा | Updated: January 10, 2026 17:12 IST2026-01-10T17:12:10+5:302026-01-10T17:12:14+5:30
दरअसल, केसी त्यागी के द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए ‘भारत रत्न’ की मांग के बाद जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा किे उससे (बयान) पार्टी की विचारधारा और पार्टी के आधिकारिक स्टैंड से कोई लेना नहीं होता है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारतरत्न देने की उठी मांग, केसी त्यागी की मांग से पार्टी हुई असहज, निकाले जा सकते हैं पार्टी से
पटना:बिहार की सियासत में जदयू के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद केसी त्यागी एक बार फिर चर्चा में हैं। वजह उनके ऐसे बयान हैं जो जदयू की आधिकारिक सोच से मेल नहीं खा रहे। यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व अब खुलकर कह रहा है। कहा जाये तो केसी त्यागी से पार्टी ने किनारा कर लिया है। दरअसल, केसी त्यागी के द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए ‘भारत रत्न’ की मांग के बाद जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा किे उससे (बयान) पार्टी की विचारधारा और पार्टी के आधिकारिक स्टैंड से कोई लेना नहीं होता है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केसी त्यागी के हालिया बयानों से जदयू में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत पार्टी का शीर्ष नेतृत्व खासा नाराज है और आने वाले दिनों में उन पर कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
हाल ही में केसी त्यागी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘भारत रत्न’ देने की मांग की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री से गुहार लगाते हुए पत्र भी लिखा था। लेकिन पार्टी के द्वारा उनके बयानों से किनारा कर लिए जाने बाद यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि वह पार्टी के साथ है या नहीं। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को ये भी पता नहीं है। हालांकि केसी त्यागी जदयू के पूर्व राज्यसभा सांसद हैं और पार्टी से उनको निकाले जाने की कोई आधिकारिक चिट्ठी जारी नहीं की गई है। पार्टी के अंदर असमंजस की स्थिति बन गई है।
दिलचस्प बात यह है कि जदयू का कोई भी बड़ा नेता खुलकर यह पुष्टि नहीं कर रहा है कि केसी त्यागी अब पार्टी में नहीं हैं। उनका बयान आईपीएल में बांग्लादेशी क्रिकेट खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को खिलाने पर उठे विवाद के बाद आया था जो पार्टी लाइन के खिलाफ था। केसी त्यागी ने बिना पार्टी से पूछे बयान दिया था। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और उनकी हत्याओं के बाद भारत में मुस्तफिजुर को लेकर जबरदस्त आक्रोश था।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि त्यागी का यह बयान ठीक नहीं है और उनको खेल और आईपीएल जेसै मामलों पर बोलने कि क्या जरूरत है? इसके अलावा केसी त्यागी को राष्ट्रीय प्रवक्ता से उन्हें हटाए जाने के बाद भी उनके बयान पार्टी को कई मौके पर असहज करने वाले होते हैं जिससे पार्टी आलाकमान नाराज हैं। आने वाले दिनों में पार्टी उन पर कार्रवाई कर सकती है।
इसी बीच, नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग को एक नया समर्थन भी मिला है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने केसी त्यागी के बयान का समर्थन करते हुए नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की है। मांझी ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया पर किए एक पोस्ट में नीतीश कुमार को भारत रत्न के लिए उपयुक्त बताया।
उन्होंने लिखा, 'भारत रत्न नीतीश कुमार जी… ये शब्द सुनने में कितना अच्छा लगेगा ना। हमें पूर्ण विश्वास है कि अपने फैसले से सबको चौंका देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को भारत रत्न से नवाजे जाने का फ़ैसला कर एक बार फिर से सबको चौकाएंगें। भारत रत्न नीतीश कुमार...।'
बता दें कि के. सी. त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित करने की मांग की है। 8 जनवरी 2026 को लिखे इस पत्र में त्यागी ने 30 मार्च 2024 के उस ऐतिहासिक दिन का स्मरण कराया है, जब केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से नवाजा था।
के. सी. त्यागी ने अपने पत्र में लिखा है कि जिस तरह चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर ने किसानों, शोषितों और हाशिए पर खड़े लोगों के लिए सार्थक प्रयास किए, उन्हीं आदर्शों को नीतीश कुमार आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने नीतीश कुमार को "समाजवादी आंदोलन का बचा हुआ अनमोल रत्न" बताते हुए कहा कि वे इस सर्वोच्च सम्मान के पूरी तरह योग्य हैं।
पत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि इतिहास में पहले भी कई नायकों को उनके जीवित रहते यह सम्मान मिल चुका है। त्यागी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि करोड़ों लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए नीतीश कुमार को 'भारत रत्न' से नवाजा जाए, ताकि समाज के प्रति उनके योगदान को इतिहास में उचित स्थान मिल सके।