लाइव न्यूज़ :

इसरो मामले में तीन पूर्व पुलिस अधिकारियों सहित चार लोगों से हिरासत में पूछताछ करने की जरूरत:सीबीआई

By भाषा | Updated: August 6, 2021 20:17 IST

Open in App

कोच्चि, छह अगस्त सीबीआई ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) साजिश मामले में केरल उच्च न्यायालय में तीन पूर्व पुलिस अधिकारियों और खुफिया ब्यूरो(आईबी) के एक सेवानिवृत्त अधिकारी की अग्रिम जमानत याचिकाओं का शुक्रवार को विरोध किया।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कहा कि पाकिस्तान की आईएसआई (इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस) जैसी विदेशी गुप्तचर एजेंसियों ने भारत में क्रायोजेनिक प्रौद्योगिकी को पटरी से उतारने से साजिश रची थी और इसके पीछे मौजूद लोगों का पता लगाने के लिए आरोपियों से पूछताछ करने की जरूरत है।

सीबीआई की ओर से पेश होते हुए अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल (एएसजी) एस वी राजू ने न्यायमूर्ति अशोक मेनन के समक्ष यह दलील दी। उन्होंने अदालत से कहा कि यह एक गंभीर मामला है जो राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करेगा।

जांच एजेंसी ने यह दलील दी कि आरोपियों--पूर्व पुलिस अधिकारी एस विजयन, थम्पी एस दुर्गा दत्ता और आर बी श्रीकुमार तथा सेवानिवृत्त आईबी अधिकारी पी एस जयप्रकाश--को कोई राहत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि जांच अभी भी शुरूआती स्तर में है।

एएसजी ने कहा कि यदि अग्रिम जमानत दी गई तो आरोपी कुछ भी खुलासा नहीं करेंगे और महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ नहीं लगेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम यह पता लगाने में सक्षम नहीं हो पाएंगे कि इस साजिश के पीछे किसका हाथ था।’’

वहीं, आरोपियों ने सीबीआई के दावे का खंडन किया और दलील दी कि वह इसमें आईएसआई की संलिप्तता की एक नयी कहानी लेकर आई है, जबकि केंद्रीय एजेंसी ने 1994-95 में अपनी जांच में कुछ नहीं पाया था।

उन्होंने कहा कि सीबीआई आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत के बगैर आरोप लगा रही है और हिरासत में लेकर पूछताछ करने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले को 11 अगस्त के लिए सूचीबद्ध कर दिया और चारों को गिरफ्तारी से दिया गया अंतरिम संक्षण भी तब तक के लिए बढ़ा दिया।

हालांकि, अदालत ने कहा कि चारों लोगों को दी गई यह राहत उन्हें 18 आरोपियों (उक्त चारों आरोपियों सहित) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज मामले में सीबीआई जांच सहयोग करने से नहीं रोकेगी। उनके खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, अपहरण और साक्ष्य गढ़ने के अपराधों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सीबीआई ने 1994 के जासूसी मामले में इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन की गिरफ्तारी एवं हिरासत के सिलसिले में 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठRashifal 06 April 2026: आज इन 4 राशिवालों को होगा चौतरफा लाभ, नौकरी-व्यापार में होगी तरक्की

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

क्राइम अलर्टशिक्षा संस्थाओं में भी अंधविश्वास का घेरा! 

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

कारोबारअमेरिका-इजराइल और ईरान जंगः मरघट के चौकीदारों की नकेल कसिए!

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया