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कश्मीर घाटी के तीन जिलों में NIA की छापेमारी, आतंकवादी संगठनों की नई शाखाओं पर कार्रवाई की

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: July 11, 2023 16:20 IST

जांच में सामने आया है कि स्थानीय युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती होने व सीमा पार से पहुंचाए गए आईईडी, स्टिकी बम व एसाल्ट राइफलों से आम लोगों केा निशाना बनाने के लिए उकसाया जा रहा है। अब इन पर निर्णायक वार करने की पूरी तैयारी हो गई है।

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ठळक मुद्देराष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने कश्मीर घाटी में की छापेमारीबड़े पैमाने पर आपत्तिजनक डेटा वाले कई डिजिटल उपकरण जब्त किएआतंकवादी संगठनों की नई शाखाओं पर कार्रवाई की

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने कश्मीर घाटी के तीन जिलों अनंतनाग, शोपियां और पुलवामा में पांच स्थानों पर छापेमारी करके जम्मू-कश्मीर में सक्रिय प्रतिबंधित पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठनों की नई शाखाओं पर एक बार फिर कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने बड़े पैमाने पर आपत्तिजनक डेटा वाले कई डिजिटल उपकरण जब्त किए।

मंगलवार, 11 जुलाई को जिन स्थानों पर छापेमारी की गई, वे कई प्रतिबंधित कश्मीरी आतंकवादी संगठनों की दोबारा शुरू की गई शाखाओं और सहयोगियों से जुड़े हाइब्रिड आतंकवादियों और ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के आवासीय परिसर थे। इन संगठनों से सहानुभूति रखने वालों और कार्यकर्ताओं के परिसरों पर भी छापे मारे गए।

इन सभी कैडरों और कार्यकर्ताओं की जम्मू-कश्मीर में आतंक, हिंसा और तोड़फोड़ से संबंधित गतिविधियों के लिए जांच की जा रही है। एनआईए को स्टिकी बम/चुंबकीय बम, आईईडी, फंड, मादक पदार्थ और हथियार/गोला-बारूद के संग्रह और वितरण में उनकी संलिप्तता का संदेह है।

मिली जानकारी के अनुसार, जिला अनंतनाग में बंडरपोरा बीजबेहाड़ा में गौहर अहमद बट और नानिल मट्टन अनंतनाग में रियाज अहमद हज्जाम के घर आज सुबह सात बजे एनआईए ने छापा डाला। इन लोगों पर इंटरनेट के जरिए नए आतंकियों की भर्ती करने,आतंकी हिंसा फैलाने और ड्रोन के जरिए हथियार व अन्य साजो सामान के साथ ड्रग्स मंगाने का भी आरोप है। 

राष्ट्रीय जांच एजेंसी को इस बात के भी सबूत मिले हैं कि घाटी में अशांति फैलाने के लिए इन लोगों को मदद मुहैया कराने में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की भी भूमिका है। हाल ही में टीआरएफ और पीएएफ, कश्मीर टाइगर्स, कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स, मुजाहिदीन गजवातुल हिंद जैसे नए आतंकी संगठनों के उभार ने केंद्रीय एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।

जांच में सामने आया है कि स्थानीय युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती होने व सीमा पार से पहुंचाए गए आईईडी, स्टिकी बम व एसाल्ट राइफलों से आम लोगों केा निशाना बनाने के लिए उकसाया जा रहा है। अब इन पर निर्णायक वार करने की पूरी तैयारी हो गई है। 

टॅग्स :एनआईएजम्मू कश्मीरआतंकवादीटेरर फंडिंगअनंतनाग
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