लाइव न्यूज़ :

पाकिस्तान में मोदी के भाषण की धूम, 75 फीसदी पाकिस्तानियों ने ढूंढ़-ढूंढ़ कर देखी मोदी-स्पीच

By खबरीलाल जनार्दन | Updated: July 21, 2018 16:36 IST

भारत के अलावा जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, क़तर, अमेरिका, कनाडा, ओमान, यूएई, नेपाल, सिंगापुर, बांग्लादेश आदि देशों में भी लोगों ने मोदी के भाषण सुनने में दिलचस्पी दिखाई।

Open in App

नई दिल्ली, 21 जुलाई: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुक्रवार को संसद में दी गई स्पीच को सुनने को लेकर पाकिस्तान में जबरदस्त होड़ देखने को मिली। गूगल की सर्च रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार रात 10:45 बजे दुनियाभर में नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने को लेकर उत्सुकता दिखी। उत्सुकता दिखने वालों में शीर्ष पर पाकिस्तान रहा। गूगल पर पाकिस्तान में पीएम मोदी की स्पीच सम्बंधित हुआ कुल सर्च 67 फीसदी रहा। जबकि इसी वक्त पर भारतियों में पीएम मोदी की स्पीच को लेकर 59 फीसदी लोगों ने ही उत्सुकता दिखाई।

भारत के अलावा जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, क़तर, अमेरिका, कनाडा, ओमान, यूएई, नेपाल, सिंगापुर, बांग्लादेश आदि देशों में भी लोगों ने मोदी के भाषण सुनने में दिलचस्पी दिखाई। इस दौरान लोगों ने मोदी स्पीच, मोदी लाइव स्पीच, मोदी लाइव, नरेंद्र मोदी, मोदी, मोदी राहुल आदि बार-बार गूगल पर ढूंढ़ा। जबकि 12 बजे रात को केवल पाकिस्तान में 75 फीसदी लोग मोदी का सदन में दिए गए भाषण के बारे में जानने के लिए गूगल पर सर्च करते रहे।

इसके अलावा भी गूगल कुछ रोचक जानकारियां जारी कीं। जैसे कि पूरी दुनियां में शुक्रवार को हुए सर्च में करीब 66 फीसदी लोगों को भारतीय संसद में हो रही उठापटक को जानना छह रहे थे। इसमें ज्यादातर लोग नरेंद्र मोदी या इससे इसी के इर्द गिर्द कीवर्ड्स पर सर्च कर रहे थे।

नरेंद्र मोदी के अलावा करीब 42 प्रतिशत लोग राहुल गाँधी या उनसे जुड़े कीवर्ड्स सर्च कर रहे थे। इसी तरह एक सबसे रोचक जानकारी यह निकल कर सामने आई कि भारत में सबसे ज्यादा मणिपुर के लोग संसद कि कार्यवाही को जानने लेकर उत्साहित दिखे। इसके बाद दमन दीव और उसके बाद बरी आती है त्रिपुरा की। एक पुराणी मानसिकता के अनुसार उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की राजनीती में सबसे ज्यादा दिलचस्पी होती है। लेकिन नए आंकड़े बता रहे हैं कि संसद कि कार्यवाही और पीएम मोदी की स्पीच को लेकर टॉप 3 में उत्तर प्रदेश और बिहार नहीं थे। बल्कि चौथे नंबर पर बिहार फिर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, मिजोरम, गुजरात, राजस्थान और पंजाब का नंबर आता है।

लोकसभा में राहुल गांधी का गले मिलना एक ड्रामा: नरेंद्र मोदी  

आंध्र के लोगों में गूगल पर अविश्वास प्रस्ताव में कोई रूचि नहीं

गूगल की ओर से आने वाले आंकड़ों के मुताबिक आंध्र प्रदेश के लोगों में सदन की कार्यवाही और पीएम मोदी या किसी और की स्पीच में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। जबकि सदन में अविश्वास लेन में सबसे अहम् भूमिका अंदर प्रदेश की पार्टी तेलगु देशम पार्टी की है। जो की आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा न दिए जाने के कारण अविश्वास प्रस्ताव लाये थे।

राहुल ने PM मोदी को अपमानित करने के लिए नहीं मारी थी आंख, बल्कि इस वजह से हुई ये हरकत

राहुल गाँधी को मोदी ने क्या जवाब दिए

गूगल पर यह जानने की भी होड़ रही की पीएम मोदी ने राहुल गाँधी को क्या जवाब दिए। क्योंकि राहुल गाँधी ने कल सदन में नरेंद्र मोदी पर ताबड़तोड़ हमलों को झड़ी लगा दी थी। राफेल मामले पर मसला इतना आगे बढ़ गया था की।

टॅग्स :नरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

कारोबारMP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

भारत अधिक खबरें

भारतयूपी में स्थापना दिवस के जरिए लोगों के घर-घर पहुंचेगी भाजपा, लोगों को PM मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियां बताएँगे पार्टी पदाधिकारी

भारतWATCH: बिहार के सारण जिले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष का एक लड़की के साथ अश्लील वीडियो वायरल, दोनों आपत्तिजनक अवस्था में थे खेत में एक लड़की नेता के पीछे भाग रही है

भारतबिहार में सत्ता हस्तांतरण को लेकर सियासी हलचल हुई तेज, 12 अप्रैल को नीतीश कुमार दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, भाजपा में मुख्यमंत्री को लेकर जारी है मंथन 

भारत'वे बंगाल को खत्म करना चाहते हैं': ममता बनर्जी ने BJP पर साधा निशाना, चुनावों से पहले किसानों के लिए अलग से बजट का वादा किया

भारतIST की जगह 'महाकाल मानक समय'? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गणना ढांचे पर पुनर्विचार का दिया प्रस्ताव