लाइव न्यूज़ :

मुंबई उच्च न्यायालय ने नौलखा के खिलाफ कुछ नहीं पाया, गिरफ्तारी से संरक्षण बढ़ाया

By भाषा | Updated: June 13, 2019 05:02 IST

बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा है कि नागरिक स्वतंत्रता के हिमायती कार्यकर्ता गौतम नौलखा के खिलाफ प्रथम दृष्टया उसने कुछ नहीं पाया है। दरअसल, नौलखा माओवादियों से संबंध रखने के आरोपी हैं।

Open in App

 बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा है कि नागरिक स्वतंत्रता के हिमायती कार्यकर्ता गौतम नौलखा के खिलाफ प्रथम दृष्टया उसने कुछ नहीं पाया है। दरअसल, नौलखा माओवादियों से संबंध रखने के आरोपी हैं। अदालत ने नौलखा को गिरफ्तारी से मिले संरक्षण की अवधि सुनवाई की अगली तारीख तक के लिए बढ़ा दी। न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की खंडपीठ नौलखा की एक याचिका पर सुनवाई कर रही है।

नौलखा ने 31 दिसंबर 2017 को एल्गार परिषद के बाद पुणे पुलिस द्वारा अपने खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग की है। गौरतलब है कि इस सम्मेलन के अगले ही दिन पुणे के कोरेगांव-भीमा गांव में हिंसा हुई थी। पुलिस ने नौलखा और चार अन्य कार्यकर्ताओं पर माओवादियों से संबंध रखने का आरोप लगाया है। कार्यकर्ताओं के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। पीठ ने बुधवार को नौलखा के वकील युग चौधरी और अतिरिक्त सरकारी वकील अरूण कुमार पाई की संक्षिप्त दलीलें सुनीं तथा आरोपियों के खिलाफ अभियोजन द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों पर भी गौर किया।

इन दस्तावेजों में कथित तौर पर वरिष्ठ माओवादी नेताओं द्वारा नौलखा को लिखे पत्र भी शामिल हैं। न्यायमूर्ति मोरे ने कहा, ‘‘उनके (नौलखा) खिलाफ कुछ नहीं है। प्रथम दृष्टया हमारा विचार है कि हमारे समक्ष सौंपे गए दस्तावेजों के आधार पर उनके खिलाफ कुछ नहीं है।’’ पाई ने दलील दी कि इन दस्तावेजों के अलावा कई अन्य दस्तावेज भी नौलखा के लैपटॉप से बरामद हुए जो उनके खिलाफ आरोपों को मजबूत कर सकते हैं। अभियोजक ने ये दस्तावेज अदालत को बंद लिफाफे में सौंपे हैं और कहा कि ये दस्तावेज याचिकाकर्ता (नौलखा) के साथ साझा नहीं किए जा सकते क्योंकि उनके खिलाफ जांच जारी है।

हालांकि, उच्च न्यायालय ने कहा कि इन दस्तावेजों के बारे में कुछ भी गोपनीय नहीं है। ‘‘हमारा प्रथम दृष्टया यह मानना है कि ये दस्तावेज उन्हें(नौलखा को) सौंपे जा सकते हैं।’’ बहरहाल, उच्च न्यायालय ने याचिका की अगली सुनवाई के लिए 18 जून की तारीख निर्धारित की है। नौलखा के अलावा वरवर राव, अरूण फेरेरिया, वर्णन गोंजाल्वेस और सुधा भारद्वाज सहित कुछ अन्य प्रख्यात कार्यकर्ता इस मामले में आरोपी हैं। 

Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: पूजा करने गया था श्रद्धालु, मंदिर में ही हो गई पिटाई – CCTV फुटेज वायरल

क्रिकेटKKR का खाता खुला, PBKS टॉप पर, मैच रद्द होने से बदला पूरा समीकरण

क्रिकेटKKR vs PBKS: ईडन गार्डन्स में आउटफील्ड गीली होने के कारण मैच रद्द, दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला

ज़रा हटकेVIDEO: हाईवे पर खतरनाक टावर गिरा, मौके पर प्रशासन मौजूद

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारत अधिक खबरें

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे

भारतSamrat Vikramaditya Mahanatya: 60 हजार से ज्यादा दर्शकों ने देखा 'सम्राट विक्रमादित्य', वाराणसी के रोम-रोम में बसा अनोखा मंचन, देखें Photos