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बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, आम जनता के हित में मजबूत नहीं, मजबूर सरकार चाहिए

By भाषा | Updated: July 6, 2019 13:51 IST

उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए कि सरकार के दिल-दिमाग में जनता की भलाई का खौफ लगातार बना रहे तथा ना तो सरकार निरंकुश हो सके और ना ही सत्ताधारी पार्टी के लोग अपने आपको कानून से ऊपर समझकर हर स्तर पर व हर प्रकार की अराजकता व भ्रष्टाचार फैलाकर जनता का जीवन त्रस्त करते रहें।

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ठळक मुद्देवरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी संगठन व कैडर की तैयारियों, सर्वसमाज में पार्टी जनाधार बढ़ाने की गतिविधियों आदि की समीक्षा की।केन्द्र व राज्य में दोनों जगह बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद यू.पी. में थोड़ा भी आवश्यक सुधार नहीं हो पाया।

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने शनिवार को कहा कि वर्षों से केन्द्र व राज्य में दोनों जगह बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद यूपी में थोड़ा भी आवश्यक सुधार नहीं हो पाने से यह स्पष्ट हो जाता है कि आम जनता के हित में मजबूत नहीं बल्कि मजबूर सरकार की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए कि सरकार के दिल-दिमाग में जनता की भलाई का खौफ लगातार बना रहे तथा ना तो सरकार निरंकुश हो सके और ना ही सत्ताधारी पार्टी के लोग अपने आपको कानून से ऊपर समझकर हर स्तर पर व हर प्रकार की अराजकता व भ्रष्टाचार फैलाकर जनता का जीवन त्रस्त करते रहें।

मायावती ने अवध व पूर्वांचल क्षेत्र के नौ मण्डलों के समस्त वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी संगठन व कैडर की तैयारियों, सर्वसमाज में पार्टी जनाधार बढ़ाने की गतिविधियों आदि की समीक्षा की। उन्होंने उसमें कमियों को देखते हुये पार्टी में ज़रूरी फेरबदल करते हुए नये दिशा-निर्देश दिये।

इस पर सख्ती से अमल करने की चेतावनी भी दी गयी। बाद में जारी एक बयान में कहा गया कि समीक्षा बैठक में पाया गया कि यूपी के पूर्वांचल क्षेत्र में गाँव, गरीब, किसान सभी का बुरा हाल है व इन क्षेत्रों का मजबूरी में पलायन भी लगातार जारी है जबकि प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री दोनों यहीं से आते हैं।

बयान के अनुसार केन्द्र व यूपी में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद उनके दिन-प्रतिदिन के जीवन में कोई भी उल्लेखनीय बदलाव नहीं आ पाया है। यह बीजेपी सरकार के तमाम् वादों व दावों को खोखला साबित करता है। बयान में आरोप लगाया गया है कि आमजनता को दिन-प्रतिदिन के जीवन में मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं का दायरा भी लगातार सिमटता जा रहा है।

कानून-व्यवस्था के साथ-साथ बिजली, सड़क, पानी, चिकित्सा, शिक्षा, यातायात आदि का बहुत ही बुरा हाल है। बैठक में मायावती ने कहा, ''वर्षों से केन्द्र व राज्य में दोनों जगह बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद यू.पी. में थोड़ा भी आवश्यक सुधार नहीं हो पाने से यह स्पष्ट हो जाता है कि आमजनता के हित में मजबूत नहीं बल्कि मजबूर सरकार की जरूरत है, ताकि सरकार के दिल-दिमाग में जनता की भलाई का खौफ लगातार बना रहे तथा ना तो सरकार निरंकुश हो सके और ना ही सत्ताधारी पार्टी के लोग अपने आपको कानून से ऊपर समझकर हर स्तर पर व हर प्रकार की अराजकता व भ्रष्टाचार फैलाकर जनता का जीवन त्रस्त करते रहें।''

संसद में पेश बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये मायावती ने कहा कि बीजेपी की सरकार ‘‘कल्याणकारी‘‘ सरकार होने के बजाय ‘‘व्यवसायिक मानसिकता वाली सरकार‘‘ बनती चली जा रही है। 

टॅग्स :उत्तर प्रदेशमायावतीबीएसपीभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)मोदी सरकारयोगी आदित्यनाथ
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