लाइव न्यूज़ :

महाराष्ट्र के राज्यपाल को देहरादून जाने के लिए सरकारी विमान के इस्तेमाल की अनुमति नहीं मिली

By भाषा | Updated: February 11, 2021 22:05 IST

Open in App

मुंबई, 11 फरवरी महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को बृहस्पतिवार को देहरादून जाने के लिए सरकारी विमान के इस्तेमाल की अनुमति देने से मना कर दिया गया, जिससे एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस घटना के लिए राज्य सरकार की आलोचना की और कहा कि वह घटना के लिए माफी मांगे।

सूत्रों ने बताया कि कोश्यारी एक सरकारी विमान से देहरादून जाने वाले थे, लेकिन उड़ान के लिए अनुमति नहीं दी गई, जबकि राज्यपाल विमान में चढ़ चुके थे। राज्यपाल ने बाद में अपने गृह राज्य उत्तराखंड की राजधानी की यात्रा के लिए एक वाणिज्यिक उड़ान का सहारा लिया।

राजभवन सचिवालय और राज्य सरकार ने इस घटना के लिए एक-दूसरे पर दोष मढ़ा है, जिससे राज्य की शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन सरकार और राज्यपाल के बीच मतभेद एक बार फिर सामने आ गए हैं।

इस संबंध में राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्यपाल के सचिवालय ने दो फरवरी को राज्य सरकार के अधिकारियों को पत्र लिखकर विमान के उपयोग की अनुमति मांगी थी।

बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय को भी इसके बारे में सूचित किया गया था।

हालांकि, महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि राजभवन सचिवालय को मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा एक दिन पहले सूचित कर दिया गया था कि आधिकारिक विमान के उपयोग के लिए मंजूरी नहीं दी गई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा है कि राज्य सरकार ने इस बात को गंभीरता से लिया है कि राजभवन के अधिकारी ने सरकार के संदेश के बारे में राज्यपाल को अवगत नहीं कराया।

बयान में कहा गया है, “राजभवन के अधिकारी ने आधिकारिक विमान के इस्तेमाल की मंजूरी और राज्यपाल के यात्रा कार्यक्रम की योजना के बारे में पुष्टि नहीं की।’’

इसमें कहा गया, ‘‘घटनाक्रम का गंभीरता से संज्ञान लेने के बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश जारी किए हैं कि राजभवन के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।’’

बयान में कहा गया कि राजभवन सचिवालय को आधिकारिक विमान की उपलब्धता के बारे में पुष्टि कर लेनी चाहिए थी क्योंकि मंजूरी नहीं मिलने की सूचना एक दिन पहले ही दे दी गई थी।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘‘इसके कारण राज्यपाल को असुविधा का सामना करना पड़ा। इसके लिए राज्य सरकार को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।’’

राजभवन के बयान के अनुसार, कोश्यारी शुक्रवार को उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में आईएएस अधिकारियों के 122वें प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह की अध्यक्षता करने वाले हैं।

बयान में कहा गया कि वह बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे देहरादून के लिए मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना होने वाले थे।

कोश्यारी देहरादून से मसूरी जाएंगे।

बयान में कहा गया, ‘‘आज, 11 फरवरी 2021 को, माननीय राज्यपाल सीएसआईएम हवाईअड्डे पर सुबह 10:00 बजे पहुंचे और सरकारी विमान में सवार हो गए। हालांकि, माननीय राज्यपाल को सूचित किया गया कि सरकारी विमान के उपयोग की अनुमति नहीं मिली है।’’

इसमें कहा गया कि उसके बाद राज्यपाल के निर्देश पर तत्काल देहरादून के लिए दोपहर 12.15 बजे मुंबई से रवाना होने वाले एक वाणिज्यिक विमान में राज्यपाल के लिए टिकट बुक किया गया और फिर, वह देहरादून के लिए रवाना हुए।

उधर, बृहस्पतिवार को एक वीडियो सामने आया, जिसमें कोश्यारी देहरादून में यह कहते सुने गए कि कुछ कारणों से सरकारी विमान नहीं मिला, इसलिए अन्य उड़ान से आया।

यह पूछे जाने पर कि क्या निजी यात्रा होने के चलते अनुमति प्रदान नहीं की गई, राज्यपाल ने कहा कि आईएएस अधिकारियों से संबंधित कार्यक्रम निजी यात्रा कैसे हो सकती है?

इस बारे में पूछे जाने पर, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उनके पास कोई जानकारी नहीं है और जानकारी मिलने के बाद ही वह इस पर टिप्पणी कर पाएंगे।

हालांकि, विपक्षी भाजपा ने इसपर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार पर ‘अहंकारी’ होने और ‘बचकानी हरकतें’ करने का आरोप लगाया तथा राज्य सरकार से माफी मांगने को कहा।

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि राज्य सरकार को राज्यपाल का ‘अपमान’ करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।

भाजपा नेता देवेंद्र फड़णवीस ने इसके लिए राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने शिवसेना नीत गठबंधन सरकार पर आरोप लगाया कि वह ‘‘अहंकारी’’ है और ‘‘बचकानी हरकतें’’ कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री फड़णवीस ने यह आरोप भी लगाया कि राज्य सरकार ने राज्यपाल के संवैधानिक पद का अपमान किया है।

फड़णवीस ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इस तरह की घटना राज्य में पहले कभी नहीं हुई। राज्यपाल कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पद है। लोग आते-जाते रहेंगे, लेकिन पद कायम रहेगा। राज्यपाल राज्य के प्रमुख हैं। राज्यपाल ही मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल को नियुक्त करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता चला है कि राज्यपाल की पूरी यात्रा का कार्यक्रम सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया था। मुख्य सचिव इस बारे में जानते थे और मुख्यमंत्री के पास भी एक फाइल गई थी। लेकिन जानबूझकर, राज्यपाल को विमान में बैठने की अनुमति नहीं दी गई और आखिरकार उन्हें विमान से उतरना पड़ा।’’

भाजपा नेता ने आरोप लगाया, ‘‘यह सरकार बचकानी हरकतें कर रही है। मेरे मुताबिक मुख्यमंत्री और सरकार का इस तरह का अहंकारी रवैया गलत है...।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस घटना से राज्य की छवि धूमिल होगी।’’

इस बीच, शिवसेना नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की उत्तराखंड यात्रा के लिए सरकारी विमान का उपयोग करने की अनुमति नहीं दिए जाने के मामले में सभी तय नियमों का पालन किया।

राज्यपाल का अपमान किए जाने के भाजपा के आरोप को खारिज करते हुए राउत ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि इस घटना में किसी तरह की राजनीति शामिल नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम राज्यपाल का सम्मान करते हैं। सरकार ने संविधान का पालन किया, जैसा कि मुझे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ हुई बातचीत में पता चला।’’

राउत ने कहा, ‘‘यदि राज्यपाल निजी कार्य के लिए सरकारी विमान का उपयोग करना चाहते हैं तो उसके लिए कुछ नियम तय हैं और क्या सरकार ने उन नियमों का उल्लंघन किया?’’

शिवसेना सांसद ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय द्वारा तय नियमों का पालन किया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वभारत-US संबंधों का नया अध्याय; मार्को रूबियो का भारत दौरा, क्वाड और क्रिटिकल मिनरल्स पर जोर

विश्वIran-Israel War: क्या इस्लामाबाद वार्ता बचा पाएगी शांति? लेबनान हमले और कीर स्टार्मर के खाड़ी दौरे से जुड़ी हर अपडेट, जानें यहां

भारतराज्यसभा सांसद के तौर पर आज शपथ लेंगे नीतीश कुमार, शामिल होंगे सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा; दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन

कारोबारPetrol-Diesel Price Today: ग्लोबल टेंशन के बीच तेल कंपनियों ने जारी किए नए दाम, जानें आज कितनी ढीली होगी जेब

भारतWest Bengal Assembly Eelections 2026: AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन, बंगाल में स्वतंत्र लड़ने का एलान

भारत अधिक खबरें

भारतआरएसएस-भाजपाः लगातार बढ़ते पेड़ पर अनगिनत फल लगे हैं?

भारतगुजरात की पार्षद ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में शामिल हुईं, फिर कुछ ही घंटों में ही कर ली 'घर वापसी'

भारतAssembly Elections 2026: असम में 85.65% में मतदाताओं की भागीदारी, केरल में 78.24%, तो पुडुचेरी में 89.08% रही वोटिंग

भारतअपने जन्मदिन से पहले, अनंत अंबानी ने गुजरात के सालंगपुर मंदिर स्थित गौशाला को दान किए ₹10 करोड़

भारतपरिसीमन 2026: ‘I-YUVA फॉर्मूला’ के साथ संतुलित लोकतंत्र की नई दिशा