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Maharashtra Assembly Election 2019: गोदिंया सीट पर भाजपा और शिवसेना दोनों दावेदार, जानें समीकरण

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 2, 2019 09:20 IST

वर्ष 2004, 2009 एवं 2014 के चुनावों में लगातार विधायक गोपालदास अग्रवाल ने जीत हासिल की. अग्रवाल ने 2004 एवं 2009 के चुनाव में शिवसेना उम्मीदवार रमेश कुथे को पराजित कर पिछला हिसाब-किताब चुकता कर लिया.

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ठळक मुद्देगोंदिया विधानसभा की बात करें तो 1962 से लेकर 1990 तक लगातार कांग्रेस ने जीत हासिल की. 1995 एवं 1999 के चुनाव में भाजपा-शिवसेना की युति हुई थी और यह सीट शिवसेना के कोटे में थी.

मुकेश शर्मा

विधानसभा चुनाव आचारसंहिता से पूर्व उम्मीदवारी को लेकर चारों प्रमुख पार्टियां वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं. हालांकि कांग्रेस-राकांपा की आघाड़ी होने के स्पष्ट संकेत हैं , वहीं शिवसेना-भाजपा के बीच युति होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है. गोंदिया विधानसभा क्षेत्र  से भाजपा एवं शिवसेना दोनों दावेदारी जता रहे हैं.

गोंदिया विधानसभा की बात करें तो 1962 से लेकर 1990 तक लगातार कांग्रेस ने जीत हासिल की. लेकिन इसके बाद 1995 के चुनाव में कांग्रेस का यह गढ़ ध्वस्त हो गया. 1995 एवं 1999 के चुनाव में भाजपा-शिवसेना की युति हुई थी और यह सीट शिवसेना के कोटे में थी. शिवसेना उम्मीदवार रमेश कुथे ने 1995 में कांग्रेस के हरिहरभाई पटेल को तथा 1999 के चुनाव में कांग्रेस के अजीतकुमार जैन को हराया था.

इसके बाद वर्ष 2004, 2009 एवं 2014 के चुनावों में लगातार विधायक गोपालदास अग्रवाल ने जीत हासिल की. अग्रवाल ने 2004 एवं 2009 के चुनाव में शिवसेना उम्मीदवार रमेश कुथे को पराजित कर पिछला हिसाब-किताब चुकता कर लिया. इसके बाद वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा-शिवसेना के बीच तलाक हो गया.

दोनों पार्टियों ने चुनाव में उम्मीदवार उतारे थे. कांग्रेस उम्मीदवार गोपालदास अग्रवाल का मुकाबला भाजपा के विनोद अग्रवाल से हुआ. विनोद अग्रवाल को हार का सामना करना पड़ा. शिवसेना उम्मीदवार राजू कुथे को तीसरे स्थान पर रहना पड़ा. वर्ष 2019 के चुनाव में हालांकि कांग्रेस-राकांपा के बीच आघाड़ी के स्पष्ट संकेत दिए जा चुके हैं.

शिवसेना-भाजपा के बीच युति होने का सौ फीसदी दावा किया जा रहा है. कांग्रेस का गढ़ रही गोंदिया विधानसभा से कांग्रेस के सीटिंग विधायक अग्रवाल एकमात्र चेहरा हैं, वहीं भाजपा के साथ शिवसेना भी उम्मीदवारी का दावा कर रही है.

शिवसेना जिला प्रमुख मुकेश शिवहरे ने भाजपा-शिवसेना की बीच सौ फीसदी युति होने का भरोसा जताया. उनका तो यह भी कहना है कि गोंदिया विधानसभा शिवसेना के कोटे में जाएगी. युति नहीं होने पर भी पार्टी अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी.  सियासी हल्कों में चर्चा है कि सही स्थिति का पता चुनाव की तारीख के सामने आने के बाद ही चल सकेगा.

टॅग्स :महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)शिव सेना
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