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लद्दाख: गलवान घाटी में एक-एक भारतीय जवान पांच-पांच चीनी सैनिकों पर पड़े भारी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: June 18, 2020 07:52 IST

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ सोमवार की रात हुई झड़प में एक कर्नल समेत 20 भारतीय सैन्यकर्मी शहीद हो गये थे।

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ठळक मुद्देभारतीय थल सेना और वायु सेना के अग्रिम मोर्चे पर स्थित ठिकानों को हाई अलर्ट कर दिया गया. भारतीय नौसेना को हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सतर्कता बढ़ा देने को कहा गया है, जहां चीनी नौसेना की नियमित तौर पर गतिविधियां होती हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि शहीद हुए भारतीय सैनिकों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे.

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गलवान घाटी में पेट्रोलिंग प्वाइंट नंबर 14 पर जब चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों ने भारतीय सेना के जवानों पर हमला किया, उस वक्त पीएलए सैनिकों की तादाद भारतीय सैनिकों के मुकाबले पांच गुना थी. बावजूद इसके हमारे वीर जवानों ने चीन के दोगुने सैनिक मार गिराए. 6 से 7 घंटे तक गलवान नदी के पास चली हिंसक झड़प के बारे में बात करते हुए भारतीय सेना के अधिकारी ने कहा, "हमारी संख्या कम थी."

दोनों पक्षों के बीच सोमवार रात हुई झड़पों के बारे में सरकारी सूत्रों का कहना है कि चीनी सैनिकों ने भारतीय जवानों पर बुरी तरह से हमला किया. सूत्रों ने कहा, "भारतीय सैनिकों के खिलाफ संख्या बढ़ाई गई थी. फिर भी भारतीय पक्ष ने पीएलए से लड़ने का फैसला किया. भारतीय सैनिकों की संख्या चीनी सैनिकों की अपेक्षा 1:5 थी. यह भी बताया जा रहा है कि चीन ने भारतीय सैनिकों का पता लगाने के लिए थर्मल इमेजिंग ड्रोन का भी इस्तेमाल किया था. हमारी याद में यह चीनी सेना द्वारा भारतीय सेना के जवानों पर किया गया सबसे घातक हमला था।"

दंग रह गए थे कर्नल संतोष बाबू

सूत्रों ने बताया कि हमले में शहीद हुए कर्नल संतोष बाबू यह देखने के लिए गए थे कि चीनी सैनिक स्टैंड ऑफ स्थिति से हट गए हैं या नहीं. क्योंकि ऐसा करने का उनकी ओर से वादा किया गया था. मगर संतोष बाबू उस स्थान पर पहुंचे तो वे वहां लगे शिविर देखकर आश्चर्यचकित थे, तभी पीएलए के सैनिक उग्र हो उठे. चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर बेरहमी से हमला कर दिया. ध्यान रहे कि चीनी सेना की इस दगाबाजी में 20 सैनिक शहीद हो गए जबकि चीन के 43 सैनिकों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं.

कंटीले तारों और पत्थरों से किया हमला

भारतीय सेना ने कहा कि हमारे सैनिक उस स्थान पर गए थे, जहां तनाव हुआ था. भारतीय जवान वहां किसी दुश्मनी के चीनी पक्ष के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार के तहत केवल यह जांचने के लिए गए थे कि क्या ये वादे के अनुसार डी-एक्सेलेशन समझौते का पालन कर रहे हैं या नहीं. भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया, लेकिन वे फंस गए और उन पर पूरी तरह ब्रबर हमला किया गया. चीनी सैनिकों ने भारतीय जवानों पर हमला करने के लिए सभी तरह के कंटीले तारों और पत्थरों का इस्तेमाल किया.

बढ़ सकती हैं शहीदों की संख्या

सरकारी सूत्रों ने कहा कि भारतीय सेना के कई जवान गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है. शहीद होने वाले भारतीयों की संख्या और बढ़ सतकी है क्योंकि गंभीर रूप से घायल सैनिकों की संख्या 10 से अधिक है. हालांकि भारीतय सेना के अधिकारी ने संखअया बताने से इंकार कर दिया है और सिर्फ इतना कहा कि कई जवान घायल हैं.

सरकारी सूत्रों ने बतााय कि मंगलवार को भारतीय हेलिकॉप्टरों ने गलवान घाटी में हमले के स्थल से जवानों के पार्थिव शरीर और घायल भारतीय जवानों को लाने के लिए करीब 16 बार उड़ान भरी. भारतीय सेना ने मंगलवार को कहा था कि हमारे 20 जवान (जिनमें अधिकारी भी शामिल हैं) सोमवार की रात गलवान घाटी में पीएलए के सैनिकों साथ एक अभूतपूर्व हिंसक झड़प में शहीद हो गए हैं.

टॅग्स :लद्दाखचीनइंडियाभारतीय सेना
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