लाइव न्यूज़ :

कोविंद ने नए कृषि कानूनों का समर्थन किया और लालकिले की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया

By भाषा | Updated: January 29, 2021 18:24 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 29 जनवरी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों का पूरी तरह समर्थन करते हुए गणतंत्र दिवस पर यहां प्रदर्शनकारी किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर धार्मिक ध्वज फहराए जाने की घटना को ‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया।

उन्होंने गलवान घाटी में बलिदान देने वाले सैनिकों के प्रति ‘‘कृतज्ञता’’ व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हित की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध एवं सतर्क है।

बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने चीन का नाम लिए बिना कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर द्विपक्षीय सम्बन्धों और समझौतों को दरकिनार करते हुए शांति भंग करने की कोशिशें हुईं। उन्होंने कहा कि देश के सुरक्षाबलों ने न केवल पूरी सजगता, शक्ति और हौसले के साथ इन षड्यंत्रों का मुंहतोड़ जवाब दिया, बल्कि सीमा पर यथास्थिति बदलने के सभी प्रयासों को भी नाकाम किया।

राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस के लोकसभा सदस्य रवनीत सिंह बिट्टू केंद्रीय कक्ष में पहुंचे और उन्होंने विवादों में घिरे तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ नारेबाजी की।

उल्लेखनीय है कि किसानों के आंदोलन के मुद्दे को लेकर कांग्रेस समेत 20 से अधिक पार्टियों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया था।

कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, नेशनल कांफ्रेंस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, सपा, राजद, माकपा, भाकपा, आईयूएमएल, आरएसपी, पीडीपी, एमडीएमके, केरल कांग्रेस(एम) और एआईयूडीएफ ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति अभिभाषण के बहिष्कार का फैसला संयुक्त रूप से किया था। बाद में आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल, जनता दल (एस) और बसपा ने भी दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया।

राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उनके मंत्रिमंडल के विभिन्न सदस्य, जद(यू), अन्नाद्रमुक और बीजू जनता के सदस्य भी मौजूद थे।

अपने करीब एक घंटे के अभिभाषण में कोविंद ने अर्थव्यवस्था के विषय पर कहा कि महामारी से प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौटने लगी है।

कृषि कानूनों का उल्लेख करते हुए कोविंद ने कहा, ‘‘व्यापक विमर्श के बाद संसद ने सात महीने पूर्व तीन महत्वपूर्ण कृषि सुधार, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, कृषि (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार विधेयक, और आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक पारित किए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन कृषि सुधारों का सबसे बड़ा लाभ भी 10 करोड़ से अधिक छोटे किसानों को तुरंत मिलना शुरू हुआ। छोटे किसानों को होने वाले इन लाभों को समझते हुए ही अनेक राजनीतिक दलों ने समय-समय पर इन सुधारों को अपना भरपूर समर्थन दिया था।’’

राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘वर्तमान में इन कानूनों के क्रियान्वयन को देश की सर्वोच्च अदालत ने स्थगित किया हुआ है। मेरी सरकार उच्चतम न्यायालय के निर्णय का पूरा सम्मान करते हुए उसका पालन करेगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दिनों तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतनी ही गंभीरता से पालन करना चाहिए।’’

कोविंद ने कहा, ‘‘ मेरी सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि तीन नए कृषि कानून बनने से पहले, पुरानी व्यवस्थाओं के तहत जो अधिकार थे तथा जो सुविधाएं थीं, उनमें कहीं कोई कमी नहीं की गई है। बल्कि इन कृषि सुधारों के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ नए अधिकार भी दिए हैं।’’

उन्होंने यह भी बताया, ‘‘कृषि को और लाभकारी बनाने के लिए सरकार आधुनिक कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए एक लाख करोड़ रुपए के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर कोष की शुरुआत की गई है।’’

कोविंद ने कहा कि ऐसे किसानों के छोटे-छोटे खर्च में सहयोग करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिये उनके खातों में लगभग 1,13,000 करोड़ रुपये से अधिक डाले गए हैं।

सीमा पर चीन के साथ गतिरोध का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ इस कोरोना काल में हम जब देश के भीतर आपदाओं से निपट रहे थे, तब हमारी सीमा पर भी देश के सामर्थ्य को चुनौती देने के प्रयास किए गए। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर द्विपक्षीय सम्बन्धों और समझौतों को दरकिनार करते हुए शांति भंग करने की कोशिशें हुईं। लेकिन हमारे सुरक्षाबलों ने न केवल पूरी सजगता, शक्ति और हौसले के साथ इन षड्यंत्रों का मुंहतोड़ जवाब दिया, बल्कि सीमा पर यथास्थिति बदलने के सभी प्रयासों को भी नाकाम किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे जांबाजों ने जिस संयम, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया, उसकी जितनी भी सराहना की जाए, कम है। जून 2020 में हमारे 20 जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए गलवान घाटी में अपना सर्वोच्च बलिदान भी दिया। हर देशवासी इन शहीदों का कृतज्ञ है।’’

कोविंद ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘ सरकार देश के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और सतर्क भी है। एलएसी पर भारत की संप्रभुता की रक्षा के लिए अतिरिक्त सैन्यबलों की तैनाती भी की गई है।’’

कोरोना वायरस महामारी से निपटने में केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि सरकार के समय पर लिए गए सटीक फैसलों से लाखों देशवासियों का जीवन बचा है।

राष्ट्रपति ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और छह संसद सदस्यों के निधन पर दुख जताया और श्रद्धांजिल अर्पित की।

कोविंद ने कहा, ‘‘मुझे संतोष है कि सरकार के समय पर लिए गए सटीक फैसलों से लाखों देशवासियों का जीवन बचा है। आज देश में कोरोना के नए मरीजों की संख्या भी तेजी से घट रही है और जो संक्रमण से ठीक हो चुके हैं उनकी संख्या भी बहुत अधिक है।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘यदि अपने महत्व को बढ़ाना है तो दूसरों पर निर्भरता को कम करते हुए आत्मनिर्भर बनना होगा।’’

देश में शुरू हुए कोविड टीकाकरण अभियान का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमारे लिए गर्व की बात है कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है। इस अभियान के दोनों टीके भारत में ही निर्मित हैं। संकट के इस समय में भारत ने मानवता के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए अनेक देशों को कोरोना टीकों की लाखों खुराक उपलब्ध कराई हैं।’’

आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार देश की एकता और अखंडता को चुनौती देने वाली ताकतों से निपटने के लिए हर स्तर पर प्रयासरत है। एक तरफ जहां हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ हिंसा फैलाने वाली ताकतों पर कड़ाई बरती जा रही है।’’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘इसी का परिणाम है कि नक्सली हिंसा की घटनाओं में बड़ी कमी आई है और नक्सल प्रभावित क्षेत्र का दायरा सिमट रहा है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतWB Elections 2026: सुवेंदु अधिकारी या समिक भट्टाचार्य? अगर BJP जीतती है तो बंगाल का CM कौन होगा? अमित शाह ने दिया जवाब

भारतदेश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं नीतीश कुमार?, पीएम मोदी ने दी बधाई, लिखा-फिर संसद में देखना बहुत सुखद

भारतउद्धव ठाकरे गुट के 9 में से 8 सांसदों के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ गुप्त बैठक?, शिवसेना के स्वामित्व और चिह्न पर 24 अप्रैल को फैसला?

भारतनीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली, 14 फरवरी को देंगे बिहार के सीएम पद से इस्तीफा?

पूजा पाठतैयार हो जाइए! इस तारीख से शुरू होगा अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन, ऐसे करें ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन

भारत अधिक खबरें

भारतनीतीश के राज्यसभा सदस्य बनते ही सियासी हलचल?, पोस्टर में लिखा- “हे जनेश्वर, नीतीश सेवक मांगे निशांत, पूछता बिहार-आप जैसा कौन देगा सुरक्षा गारंटी और पूरा साथ?

भारतनीतीश कुमार ने नहीं दिया राज्यसभा सीट?, बीजेपी ने हरिवंंश को पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की सेवानिवृत्ति से रिक्त हुई सीट पर किया मनोनीत

भारतWest Bengal Elections 2026: अमित शाह ने बंगाल में जारी किया 'संकल्प पत्र', जानें घोषणापत्र की मुख्य बातें

भारत180 दिन में बंगाल में UCC, 45 दिन में 7वां वेतन?, महिलाओं को 3000 और किसानों को सालाना 9,000 रुपये, देखिए बीजेपी संकल्प पत्र में और क्या?

भारतइलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दिया, घर पर छापे के दौरान मिले थे जले नोट?