लाइव न्यूज़ :

ब्राह्मणों पर विवादित बयान के बाद जीतन राम मांझी ने दिया भोज का निमंत्रण, पर रखी ये अजीब शर्तें

By एस पी सिन्हा | Updated: December 24, 2021 16:14 IST

भुईयां (मुसहर) समाज के एक कार्यक्रम के दौरान मांझी ने ब्राह्मण और पंडितों को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था. इसे ही लेकर विवाद शुरू हुआ था.

Open in App

पटना: ब्राह्मणों को लेकर दिये गये बयान के बाद शुरू हुए विवाद से गर्मायी सियासत के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अब उन्हें भोज पर आमंत्रित किया है. उन्होंने अपने पटना स्थित सरकारी आवास पर 27 दिसंबर को भोज देने का ऐलान कर दिया है. भोज में शामिल होने को लेकर कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं.  

मांझी ने कहा है कि वैसे ब्राह्मण और पंडित, जिन्होंने मांस-मदिरा का सेवन नहीं किया हो, चोरी और डकैती नहीं की हो, वो 27 दिसंबर को साढे 12 बजे उनके आवास पर आयोजित भोज में शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा है कि दलित-आदिवासियों के साथ ब्राह्मण-पंडित इस भोज में शामिल होकर सामाजिक एकता का परिचय दें. 

उल्लेखनीय है कि भुईयां (मुसहर) समाज के एक कार्यक्रम के दौरान मांझी ने ब्राह्मण और पंडितों को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था. उन्होने अपने भाषण के दौरान सत्यनारायण भगवान की पूजा पर भी सवाल उठाया था. उनके इस बयान को लेकर बिहार के सभी राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई थी और माफी मांगने को कहा था. 

विवाद के बाद जीतन राम मांझी ने दी थी सफाई

ब्राह्मणों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. हालांकि, मामले को बढता देख पूर्व मुख्यमंत्री ने माफी मांगते हुए कहा था कि उन्होंने अपशब्द का इस्तेमाल ब्राह्मणों के लिए नहीं किया है बल्कि अपने समाज के लिए किया था. इसी बीच भाजपा नेता गजेंद्र झा ने मांझी का जीभ काटकर लाने वाले को 11 लाख रूपया इनाम देने की घोषणा कर दी थी. 

भाजपा नेता के इस बयान ने एक बार फिर मांझी को बयान देने का बल दे दिया. मांझी ने अगले दिन कहा कि जिसके लिए उन्होंने इस तरह का बयान दिया था अपशब्द और गाली का इस्तेमाल किया था वो हजारों बार करेंगे. मांझी के बयान से आहत ब्राह्मण समाज के नेता सड़क पर उतर गए और मांझी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना पर बैठ गए. 

ब्राह्मण समाज के नेताओं ने पटना स्थित मांझी आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया था और वही सत्यनारायण भगवान की पूजा करनी शुरू कर दी. प्रदर्शन कर रहे ब्राह्मण समाज के नेताओं ने मांझी आवास के बाहर ही चूडा-दही भी खाया. 

एक तरफ जहां मांझी के बयान से नाराज लोग पटना में प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे वहीं दूसरी ओर उनके गृह जिला गया में मांझी के समर्थकों ने शक्ति प्रदर्शन किया.  भाजपा नेता गजेंद्र झा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मांझी समर्थकों ने भारी संख्या में मार्च निकाला.

टॅग्स :जीतन राम मांझीबिहार समाचार
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टदो बच्चों की मां शिवानी प्रेमी विशाल संग फरार?, वीडियो वायरल कर कहा-पति पवन के साथ नहीं रहना

क्राइम अलर्टमोतिहारी जहरीली शराब कांडः सही समय पर शराब की बरामदगी हो गई नहीं तो लाश की ढेर?, बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने कहा- मुख्य आरोपी अरेस्ट और बड़ी खेप बरामद

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर

क्राइम अलर्टदोस्त से संबंध बनाओ?, मना किया तो प्रेमी किशन और पिंकू ने मिलकर प्रेमिका को मार डाला, मोबाइल दिलाने का लालच देकर घर से बुलाया था?

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?

भारत अधिक खबरें

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र

भारतमहाराष्ट्र सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा टेस्ट अनिवार्य रूप से किया शुरू

भारतअसम का चुनाव अच्छा चल रहा, पवन खेड़ा के बड़बोलेपन की वजह से कांग्रेस की छवि को नुकसान?, उद्धव ठाकरे के प्रवक्ता आनंद दुबे बरसे, वीडियो