लाइव न्यूज़ :

जम्मू-कश्मीरः आतंकियों और प्रशासन लगा रहा है जबरदस्ती पाबंदियां, पिस रहा है मासूम कश्मीरी

By सुरेश डुग्गर | Updated: September 9, 2019 16:45 IST

कश्मीरः ग्रीष्मकालीन राजधानी में लाल चौक,जडीबल और डाऊन-टाऊन के अलावा वादी में अन्यत्र सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त करते हुए निषेधाज्ञा को सख्ती से लागू किया गया।

Open in App
ठळक मुद्देकश्मीर की यह बदनसीबी है कि उसे अब जबरदस्ती की पाबंदियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है। प्रशासन, प्रशासनिक पाबंदियां लागू कर रहा है तो आतंकी कश्मीर बंद रखने के एलान की आड़ में अपनी पाबंदियां लागू कर रहे हैं।

कश्मीर की यह बदनसीबी है कि उसे अब जबरदस्ती की पाबंदियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है। अगर प्रशासन, प्रशासनिक पाबंदियां लागू कर रहा है तो आतंकी कश्मीर बंद रखने के एलान की आड़ में अपनी पाबंदियां लागू कर रहे हैं। बीच में मासूम कश्मीरी ही पिस रहा है। यही कारण था कि कश्मीर घाटी में सोमवार को सामान्य जनजीवन पर एक बार फिर प्रशासनिक पाबंदियों और शरारती तत्वों द्वारा जबरन लागू कराए जा रहे बंद का असर नजर आया। 

ग्रीष्मकालीन राजधानी में लाल चौक,जडीबल और डाऊन-टाऊन के अलावा वादी में अन्यत्र सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त करते हुए निषेधाज्ञा को सख्ती से लागू किया गया। सूत्रों की मानें तो श्रीनगर, बडगाम, पुलवामा, अनंतनाग, गांदरबल, बांडीपोर और बारामुल्ला के जिला उपायुक्तों से कहा गया है कि वह सांप्रदायिक दंगों की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों और मुख्य सड़कों व हाईवे पर मुहर्रम के जुलूस की अनुमति न दें।

पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का पुनर्गठन किए जाने से उपजे तनाव और अनिश्चितता का माहौल में कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए पूरी वादी में निषेधाज्ञा लगाई गई थी,जिसमं प्रशासन ने राहत देने का क्रम जारी रखा हुआ था। 

वादी में शांति से हताश आतंकी और अलगाववादी अपने मंसूबों को नाकाम होते देख मुहर्रम के जुलूस की आड़ में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। उनकी इस साजिश का खुफिया सूत्रों द्वारा पता लगाए जाने के बाद प्रशासन ने पाबंदियों में राहत का क्रम अस्थायीतौर पर रोकते हुए एक बार फिर निषेधाज्ञा को सख्ती से लागू कर दिया है।

संबधित अधिकारियों ने बताया कि 10 सितंबर की शाम तक वादी में प्रशासनिक पाबंदियों को जारी रखा जाएगा। इस दौरान लालचौक, डलगेट, जडीबडल, मीरगुंड, पटटन, बडगाम, बेमिना, पांपोर और अन्य इलाकों में सभी प्रमुखसड़कों पर मुहर्रम के जुलूस पर भी पाबंदी रहेगी। 

अलबत्ता, शिया बहुल इलाकों के भीतरी हिस्सों में स्थित इमामबाड़ों में स्थानीय स्तर पर मुहर्रम की मजलिसों पर किसीतरह की रोक नहीं है। उन्होंने बताया कि यह कदम आम लोगों के जान माल की सुरक्षा और वादी में शांति व्यवस्था को यकीनी बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

इस बीच आज सुबह से ही श्रीनगर समेत वादी के सभी इलाकों में प्रशसनिक पाबंदियों का असर नजर आया। सिर्फ गली मोहल्लों मे सवेरे वही दुकानें खुली,जहां रोजमर्रा का सामान मिलता है। यह दुकानें भी नौ बजे के करीब बंद हो गई। वादी में सभी प्रमुख बाजार और निजी प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। सड़कों पर आम वाहनों की आवाजाही भी बीते दिनों की तुलना में बहुत कम थी। 

शिक्षण संस्थान जो गत सप्ताह थोड़े बहुत खुले नजर आ रहे थे,आज बंद रह। सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति प्रशासनिक पाबंदियों से प्रभावित रही। नागरिक सचिवालय में कर्मचारियों की उपस्थिति लगभग 85 प्रतिशत रही है और सभी प्रशासनिक कामकाज बिना किसी रुकावट चले।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरआतंकवादीधारा ३७०
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

भारतLadki Bahin Yojana Row: महाराष्ट्र में 71 लाख महिलाएं अयोग्य घोषित, विपक्ष ने किया दावा, सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल

भारतयूपी बोर्ड ने 2026-27 के लिए कक्षा 9 से 12 तक NCERT और अधिकृत पुस्तकें अनिवार्य कीं

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया